अजमेर के पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के शहर जिला अध्यक्ष रासा सिंह रावत ने अपनी कार्यकारिणी में गैर-कानूनी तरीके से चले रहे एक न्यूज चैनल ‘स्वामी न्यूज’ के संपादक कंवल प्रकाश किशनानी को अपना जिला प्रचार मंत्री बनाया है। दिलचस्प पहलू यह है भाजपा के संविधान में प्रचार मंत्री नामक किसी पद का कोई प्रावधान नहीं है। प्रवक्ता का पद होता है, वही प्रचार का काम देखता है और प्रवक्ता का यह पद वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद यादव को दिया जा चुका है।
कंवल प्रकाश किशनानी अपने व्यावसायिक कॉम्पलैक्स ‘स्वामी कॉम्पलैक्स’ को लेकर भी खासे चर्चित रहे हैं। स्वायत्तशासी निकायों से पारित नक्शों और नियमों को धता बताकर बनाए इस बहुमंजिला कॉम्पलैक्स में दुकानें तो खूब हैं, परंतु वहां व्यवसाय करने वालों या ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। व्यस्तम बाजार में होने के कारण वहां आए दिन जाम लगना आम बात है। इमारत नियम-कायदों के विपरीत बनाई गई है और उस पर कोई आंच ना आए इसलिए कंवल प्रकाश किशनानी ने पत्रकार का चोला पहनना सबसे ज्यादा मुनासिब समझा।
भास्कर टीवी जब अजमेर से निकला तो उसका कार्यालय इसी कॉम्पलैक्स में स्थापित किया गया था। कंवल प्रकाश किशनानी का स्वामी न्यूज भी साथ ही चलता था। कंवल प्रकाश भाजपा से विधानसभा टिकट पाने के लिए भी खूब हाथ पैर मार चुके हैं और भाजपा में प्रचार मंत्री का यह पद भी उसी कड़ी का एक कदम माना जा सकता है।
अजमेर से राजेंद्र हाड़ा की रिपोर्ट.












prakush
April 18, 2011 at 5:36 am
श्रीमान हाडा जी के भाई श्री प्रियशील हाडा खुद चुनाव में खड़े हो चुके हैं, ऐसे में राजेन्द्र जी ये बात कैसे कह सकते हैं, क्या किसी पत्रकार या ग़ैर पत्रकार को पदाधिकारी बनने का कोई हक़ नहीं है, इसको ज़बरदस्ती विवादों से जोड़ना कहां तक उचित है।
prakush
April 18, 2011 at 5:40 am
Shrimaan haada jee ke bhai shri priyasheel hada khud election kee daud me kar chuke hain. Aise me unka yeh bayaan kahaan tak uchit hai. Kya kisi patrakar ya gairpatrkar ko election ladne ka koi haq nahi hai ?
osho
April 18, 2011 at 4:18 pm
ये तो वाकई भडास है, जो पेट में हुई तकलीफ से उपजी है