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हिंदुस्‍तान ने फिर उधेड़ी भास्‍कर के डीबी पावर की बखियां

हिंदुस्‍तान ने अब खुल्‍लम-खुल्‍ला डीबी पावर के खिलाफ अपना मोर्चा खोल लिया है. बुधवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद आज दूसरे दिन भी हिंदुस्‍तान के सिपहसलार सुहैल हामिद ने एक स्‍टोरी लिखी है. इसे संपादकीय के बाद वाले पेज पर प्रमुखता के साथ छापा गया है. ‘डीबी पावर के प्रस्‍ताव पर भड़के लोग’ शीर्षक से मुख्‍य स्‍टोरी के साथ एक दूसरी स्‍टोरी भी प्रकाशित की गई है.

हिंदुस्‍तान ने अब खुल्‍लम-खुल्‍ला डीबी पावर के खिलाफ अपना मोर्चा खोल लिया है. बुधवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद आज दूसरे दिन भी हिंदुस्‍तान के सिपहसलार सुहैल हामिद ने एक स्‍टोरी लिखी है. इसे संपादकीय के बाद वाले पेज पर प्रमुखता के साथ छापा गया है. ‘डीबी पावर के प्रस्‍ताव पर भड़के लोग’ शीर्षक से मुख्‍य स्‍टोरी के साथ एक दूसरी स्‍टोरी भी प्रकाशित की गई है.

‘दूसरी कंपनियों से ज्‍यादा विरोध’ शीर्षक से छपी इस स्‍टोरी में एसपी के हवाले से यह बताया गया है कि स्‍थानीय लोग अन्‍य कंपनियों के मुकाबले डीबी पावर को बिल्‍कुल पसंद नहीं कर रहे हैं. अभी तक पत्रिका ही भास्‍कर का खुलेआम विरोध करता था. अब हिंदुस्‍तान ने भी भास्‍कर की लुटिया डूबोने की पूरी तैयारी कर ली है.

वैसे भी भास्‍कर समूह को अखबार समूह से ज्‍यादा रीयल इस्‍टेट एवं अन्‍य दूसरे कारणों से चर्चा में रहता है. पिछले दिनों डीबी कॉर्प यानी भास्‍कर समूह एक मॉल के निर्माण को लेकर चर्चा में रहा था. जबलपुर के भी एक विधायक ने भास्‍कर के खिलाफ अपना अभियान चला रखा है. पत्रिका भी भास्‍कर से सीधी लड़ाई लड़ रहा है. भास्‍कर के उल्‍टे-सीधे कामों के खिलाफ अब हिंदुस्‍तान ने भी कमर कस ली है. यानी भास्‍कर को अब कई मोर्चों पर लड़ाई लड़नी होगी.

नीचे हिंदुस्‍तान में छपी खबर


डीबी पावर के प्रस्‍ताव पर भड़के लोग

* खनन के बाद कोयले को कंपनी कहां रखेगी इसका जिक्र नहीं

* लोगों ने ली कंपनी को मकसद में कामयाब नहीं होने देने की शपथ

सुहेल हामिद

: रायगढ़ (छत्तीसगढ़) : कंपनी ने कहा, शहरी क्षेत्र में माइनिंग नहीं : लोगों ने इसे एकता तोड़ने की चाल बताया : कोल ब्लॉक में धर्मजयगढ़ नगरपालिका क्षेत्र का हिस्सा छोड़ने का डीबी पावर कंपनी का दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। लोगों के विरोध के बाद भास्कर समूह की डीबी पावर कंपनी ने नगर पालिका की 350 एकड़ जमीन में माइनिंग नहीं करने का हलफनामा दाखिल किया है। पर कंपनी के इस कदम से लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यह एकता तोड़ने की एक चाल भर है।

आदिवासी शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य धीरेंद्र सिंह माल्या कहते हैं कि कंपनी ने लोगों की एकता तोड़ने की साजिश के तहत यह प्रस्ताव किया है। डीबी पावर के जनरल मैनेजर (प्लानिंग) आलसी ने लोगों की नाराजगी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने टेलीफोन पर बताया कि कंपनी ने नगर पंचायत की जमीन पर माइनिंग न करने का हलफनामा दिया है। कंपनी भास्कर फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक गतिविधियों का दायित्व निभा रही है।

धीरेंद्र माल्या धर्मजयगढ़ के पतरापाड़ा इलाके में रहते हैं और प्रस्तावित कोल ब्लॉक को मंजूरी मिलती है, तो उन्हें भी विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि, कंपनी के एंवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट (ईआईए) में उनके क्षेत्र का कोई जिक्र नहीं है। वह कहते हैं कि शहर की जमीन में माइनिंग नहीं करने का प्रस्ताव सिर्फ एक चाल है। कंपनी 693.32 हेक्टेयर में से शहरी क्षेत्र में माइनिंग नहीं करेगी, तो बाकी बची हुई भूमि में खनन और निकाले गए कोयले को जमा कहां करेगी। शहर की जमीन छोड़ने के प्रस्ताव में कंपनी ने इसका कोई जिक्र नहीं किया है। इस बारे में जन सुनवाई से पहले धीरेंद्र माल्या अपने साथियों के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को प्रोजेक्टर के जरिए पर्यावरण पर असर के बारे में जागरुक करते थे। अब वह धर्मजयगढ़ के मोहल्लों में लोगों को समझा रहे हैं कि कंपनी ने शहरी क्षेत्र छोड़ दिया तो भी उन्हें विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कोयला जमीन के पांच सौ फुट नींचे है और उसे निकालने के लिए विस्फोट होंगे। इससे धूल के गुबार उठेंगे और पानी के स्रोत सूख जाएंगे।


दूसरी कंपनियों से ज्‍यादा विरोध

विशेष संवाददाता

: जनसुनवाई में सभी 438 लोगों ने कंपनी को आवंटन को विरोध किया : बाल्को कंपनी को लेकर जनसुनवाई में लोगों ने किया था समर्थन : धर्मजयगढ़ में डीबी पावर कंपनी के प्रस्तावित कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध किसी और कंपनी के मुकाबले काफी ज्यादा है। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल शर्मा कहते हैं कि लोग बहुत नाराज हैं और भास्कर समूह भी लोगों का भरोसा जीतने में नाकाम रहा है।

शर्मा ने ‘हिंदुस्तान’ के साथ बातचीत में कहा कि डीबी पावर के प्रस्तावित कोल ब्लॉक को लेकर लोगों की नाराजगी दूसरी कंपनियों को आवंटित किए गए ब्लॉकों से कहीं ज्यादा है। जन सुनवाई में सभी 438 लोगों ने डीबी पावर कंपनी को आवंटन का विरोध किया। जबकि धर्मजयगढ़ के पास बाल्को कंपनी के प्रस्तावित कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर हुई जनसुनवाई में कई लोगों ने बाल्को का समर्थन किया था।

राहुल शर्मा के मुताबिक, डीबी पावर के प्रस्तावित कोल ब्लॉक के विरोध का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लोगों ने कंपनी के दफ्तर और एक टेंट में आग लगा दी थी।

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0 Comments

  1. s.p.xalxo

    March 12, 2011 at 7:06 am

    suhail hanid jaise patrakaro ki aaj desh ko jarurat hai. suhail aap dharamjaigarh aajao . hum aapko d.b.power ki hakikat btadenge .
    [

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