अजमेर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार के स्थानीय संपादक की जन्मदिन पार्टी इन दिनों काफी चर्चा में है। मेहमानों से सौ-सौ रूपए लेकर जन्म दिन मनाया जाए तो चर्चा होना स्वाभाविक भी है। जन्म दिन पार्टी का आयोजन किया था रंगकर्मियों की एक संस्था ने। संस्था के संस्थापक और सबसे सक्रिय रंगकर्मी पत्रकारों के बीच भी अपनी काफी सक्रियता रखते हैं। इन्होंने अपने परिचितों को संस्था के भविष्य में होने जा रहे एक आयोजन की मीटिंग के नाम पर आमंत्रित किया।
आमंत्रण के साथ ही संदेश दे दिया कि ‘भाई साहब’ का जन्मदिन है। वह भी इस बैठक में मनाया जाएगा इसलिए सभी को सौ रूपए लेकर आने हैं। भाई साहब चूंकि पुराने पत्रकार हैं और एक दैनिक अखबार के स्थानीय संपादक भी, सो जिसे फोन गया उसे आना ही था और सौ रूपए भी जमा करवाने थे। करीब पचास लोग जुटे। एक धर्मशालानुमा समारोह स्थल पर दोपहर भोज के बीच मनाए गए इस जन्मदिन के साथ बैठक संपन्न हुई।
चर्चा यही कि आमतौर पर जिसका जन्मदिन होता है वही पार्टी देता है। अगर दूसरा कोई जन्मदिन मनाने की मेहरबानी कर रहा है तो दूसरों से पैसे लेकर क्यों? यह तो मुफ्त का चंदन घिस मेरे नंदन वाली बात ही हुई। दिलचस्प बात यह है कि संस्था अपने सदस्यों का जन्मदिन मनाए ऐसी ना तो कोई परम्परा है और ना ही संस्था का कोई नियम।












anoop
March 30, 2011 at 6:38 am
kamjor ayr lakchi ho rahi sampadak rupi ye sanshtha.
anu
March 31, 2011 at 12:55 pm
om ji happy birthday. patrakar sammelan hi rakh lety.