पूर्व कानूनमंत्री और अपने पिता शांति भूषण और सपा प्रमुख मुलायम सिंह एवं अमर सिंह की कथित बातचीत के टेप को गंभीर साजिश बताते हुए सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सीडी को फर्जी करार दिया है. उनका दावा है कि यह जोड़-तोड़ कर तैयार की गई है. इस मामले में उन्होंने अमर सिंह का हाथ होने का शक जताते हुए सरकार के लोग के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया.
प्रशांत भूषण ने मानहानि का मुकदमा भी दायर करने की बात कही. आइए सुनाते हैं क्या बातचीत है इस सीडी में. इस सीडी में मौजूद बातचीत को छापा है दैनिक भास्कर ने. वहीं से साभार.
प्रमुख अंश –
ऑपरेटर : आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है..
मुलायम सिंह (एमएस) : हैलो.. हैलो…
अमर सिंह (एएस) : नेताजी आप तो जानते ही हैं ये.. शांतिभूषण जी को (एमएस- हम्म)… बगल में बैठे हुए हैं, (एमएस- हां) प्रशांत भूषण जी इन्हीं के लड़के हैं पीआईएल वगैरा करते हैं, (एमएस-हां) फेमस हैं बहुत, वो भी अच्छे-खासे वकील हैं (एमएस – हम्म) कह रहे थे आगरा वाले मामले के लिए… जस्टिस सिंघवी से उनका बहुत अच्छा है (एमएस- हां) और वो काम करा देंगे (एमएस- बहुत अच्छा किया) ये आप इनसे बात कर लीजिए खुद ही… जो उचित समझें आप कर लीजिए (एमएस- ठीक है)
एमएस : हैलो
शांति भूषण (एसबी) : देखिए प्रशांत पीआईएल करते हैं.. (एमएस- हम्म) उससे कुछ कमाते नहीं (एमएस-हां) देखिए हमने सब स्टोरी सुन ली (एमएस-हम्म) एक ही तरीका है, प्रशांत बहुत अच्छा मैनेज करते हैं (एमएस-ठीक है) इसके लिए बहुत ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं है, चार करोड़ रुपया बहुत है (बैकग्राउंड आवाज अस्पष्ट)
देखिए ये तो मजबूरी है।
भारद्वाज, वो खुद ही करप्ट है (एमएस- ठीक है) चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया तो ये तो जज बनाने के लिए कहते हैं कि अच्छा इत्ते लाख रुपए ले आओ, मैं तुम्हें जज बनवा दू (वाइस कट)
एमएस : अब इनको कौन समझाए, चाहे गृह मंत्री हो चाहे कोई हो ऐरा-गैरा, इनको क्या समझाया जाए
एसबी : रिश्वत.. रु.. रुपया लेते हैं। जज बनाने के लिए तो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया वगैरा सारे जैसे करप्ट हैं तो इन सब जजेस को तो रुपए दिए (एमएस : चलिए ठीक है) लेकिन जो हम कह रहे थे कि आप प्रशांत का इंतजाम कर दीजिए (बैकग्राउंड की बातचीत अस्पष्ट) (फोन फिर से बजता है)..
एमएस : वो हम कर लेंगे (फोन फिर बजता है, दूसरी बातचीत शुरू होती है)..
एमएस : हैलो।
एएस : ठीक हो गया सर।
एमएस : हां, ठीक हो गया बहुत अच्छा।
एएस : नहीं तो ये तो मर जाएंगे ये सब।
एमएस : हां कहीं के नहीं रहेंगे… कल प्रकाश करात देंगे?
एएस : हां देंगे.. चलिए सर…
एमएस : हां चलिए..
एएस : आपका आशीर्वाद बना रहे हम लोगों के साथ।
एमएस : बस पूरा आशीर्वाद है…
एएस : जी-जी..
एमएस : अमिताभ गए?
एएस : हां, वो गए..
एमएस : अच्छा।
एएस : ओके।












madan kumar tiwary
April 18, 2011 at 5:44 am
गुरु कहीं न की कुछ काला है । यही जज साहब टूजी घोटाला का केस देख रहे हैं । उसमें भी मामले को दुसरी दिशा में मोडने का काम किया गया है , मैने २ जनवरी को एक ब्लाग लिखा था , उसमे शंका जाहिर की थी आज उसी जज साहब की सीडी आ गई । मामला अति गंभीर है ।