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विक्रमराव के खत पर सुलगने लगी आग, आरोपों के खिलाफ कमर-कसी शुरू

कुमार सौवीरके. विक्रमराव का आरोप है कि यूपी प्रेस क्‍लब और वहां यूपी वर्किंग जर्नलिस्‍ट एसोसियेशन के कार्यालय पर कुछ लोगों ने कब्‍जा करने की साजिशें रची थी। विक्रमराव के मुताबिक यह करीब तीस साल पहले की बात है। उनका आरोप है कि इसके लिए कुछ लोग फर्जी तौर पर यूपी डब्‍ल्‍यूजेए के पदाधिकारी भी बन गये थे।

कुमार सौवीरके. विक्रमराव का आरोप है कि यूपी प्रेस क्‍लब और वहां यूपी वर्किंग जर्नलिस्‍ट एसोसियेशन के कार्यालय पर कुछ लोगों ने कब्‍जा करने की साजिशें रची थी। विक्रमराव के मुताबिक यह करीब तीस साल पहले की बात है। उनका आरोप है कि इसके लिए कुछ लोग फर्जी तौर पर यूपी डब्‍ल्‍यूजेए के पदाधिकारी भी बन गये थे।

विक्रमराव का यह भी आरोप है कि ऐसे लोगों को प्रश्रय देने वाला भारतीय पत्रकार संघ मृतपाय हो चुका है। हालांकि वे मानते हैं कि मौजूदा हालातों में प्रेस क्‍लब का मौजूदा भवन जो चाइना बाजार गेट लखनऊ की सर्वश्रेष्‍ठ लोकेशन पर है, की लीज खत्‍म हो चुकी है और कभी भी यह भवन पत्रकार संघ के हाथ से निकल सकता है। यह सब ऐलान के. विक्रमराव ने अपने एक पत्र में किया है।

यह खत उन्‍होंने यूपी प्रेस क्‍लब के अध्‍यक्ष रवींद्र सिंह और मंत्री जोखू प्रसाद के नाम लिखा है। पत्र की प्रतियां अब तक दीगर लोगों तक पहुंचाने की कवायद तेजी पर है। खास बात यह है कि इस खत पर के विक्रम राव के दस्‍तखत नहीं हैं, लेकिन वे कुबूल करते हैं कि यह पत्र उन्‍होंने ही लिखा है। अपने इस पत्र में विक्रम राव का कहना है कि सन 1955 में जब उप्र में सम्‍पूर्णानन्‍द की सरकार थी, तब पत्रकारों के मोतीमहल लान में आयोजित एक सम्‍मेलन में उन्‍होंने पत्रकारों के लिए यह भवन देने की घोषणा की थी। इसके तहत तब बनारसी दास चतुर्वेदी ने इसे पत्रकारों के भवन के लिए सरकार से लीज कराने के लिए सम्‍मेलन की स्‍वागत समिति के अध्‍यक्ष उपेंद्र बाजपेई की मार्फत आईएफडब्‍ल्‍यूजे की राज्‍य इकाई यूपी डब्‍ल्‍यूजे के नाम पर इसकी लीज करवाई थी।

विक्रम राव के आरोपों के मुताबिक बाद में इस भवन को हड़पने के लिए कुछ लोग सक्रिय हुए। इन लोगों में, आरोपों के मुताबिक, तरूण भादुड़ी, मियां अफजाल अंसारी और बाबू सिंह चौहान ने साजिशें की थीं। लेकिन, बकौल खुद, विक्रम राव का दावा है कि उन्‍होंने इस साजिश को अंजाम तक नहीं पहुंचने दिया। उनका कहना है कि इन सभी लोगों को उनकी औकात बता कर यूनियन से निकाल बाहर कर उन्‍होंने यह जंग जीती।

पत्र के मुताबिक विक्रम राव का आरोप है कि उनके प्रयासों को धता बताते हुए क्‍लब और यूनियन के मौजूदा पदाधिकारी पिछले बीस साल से वहां कुंडली मारे बैठे हैं। वे न तो चुनाव होने दे रहे हैं और न ही वोटर लिस्‍ट की समीक्षा ही कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसकी वजह शायद यह है कि वे नवजीवन, कौमीआवाज, और नेशनल हेराल्‍ड के उन सैकड़ों कर्मचारियों को बचाकर अपनी कुर्सी बनाये रखना चाहते हैं जो संस्‍थान बीस साल पहले ही बंद हो चुका है।

विक्रमराव के मुताबिक इस संस्‍थान के बंद होने के बाद से रवींद्र सिंह और जोखू प्रसाद समेत उनके चिंटू-पिंटू प्रेस क्‍लब को लूट रहे हैं। हर तरफ घोटाला है। लूट मची है। फुटपाथ पर अवैध कब्‍जा कराते हुए कानूनों का माखौल उड़ाया जा रहा है। किराये की सारी रकम इन पदाधिकारियों की जेब में जा रही है। न तो यह कहीं पत्रकार हैं और न ही कहीं लिखते पढते हैं। माफिया की तरह पार्किंग चलवा रहे हैं। न तो हिसाबकिताब है और न ही कोई जिम्‍मेदारी। भवन की लीज तक खत्‍म हो चुकी है। इस तरह तो यह क्‍लब और यूनियन ही खत्‍म करने की साजिशें की जा रही हैं।

विक्रमराव ने जिस तरह पदाधिकारियों को जाली बताकर उन लोगों द्वारा इस भवन को हड़पने का आरोप लगाया है, साथ ही आईजेयू को मृत प्राय बताया है, उसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं। इस बयान से प्रभावित और आहत लोगों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में यह विवाद नया रंग-रूप अख्तियार कर ले।

यूपी के बेबाक और वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर की रिपोर्ट. उनसे संपर्क 09415302520 या [email protected] के जरिए किया जा सकता है.

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0 Comments

  1. prayag pande

    September 26, 2011 at 5:14 am

    kumar ji yah bat bees sal tak kyuon dabai gai. aaj achanak eska khulasha kyuon hua.sabase pahile es bat ki janch honi chahiye. IFWJ ke bare main apke kya ray hai ?.IFWJ ke bhitar ke loktantr per bhi kalam chalane ki himmat dikhao to jane;;;;;;;;;;;;

  2. Ashwini Srivastava

    September 26, 2011 at 9:59 am

    Jis Sauvir ne ye khabar likhi hai unko yeh bhi maloom hoga ki isi K Vikram Rao ne unke Pitaji Sri Siaram Sharan Tripathi ko kitna beizzat karke union se nikala tha. Pandit Ji union ko apni mehnat se paalne posne wale aadmi thai. Vikram Rao kisi ke nahi hue.

  3. prayag pande

    September 26, 2011 at 11:43 am

    kumar! jee es mamale ko etane lambe samay tak dabaye rakhane ke peche ka raj kya hai ? .pahale es bat ki chanch honi chahiye.kisi saty ko chipane wala bhi utana hi dose hota hai jetana aparadh karane wala.ab IFWJ ko lekar apke shubh vichar kya hain ?.IFWJ kebhitar kitana loktantr hai ?es bat ka khulasa karane ka sahas dikhaiye janad! to janen.yeh himmat to philhal kisi mai nazar nahi aa rahi hai.kya bat hai ?????????

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