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पॉवर-पुलिस

पत्रकारों को ऐसे पीटते हैं यूपी के पुलिसवाले

मुरादाबाद में थाना मझोला की खुशहालपुर पुलिस चौकी में तैनात हैं दरोगा प्रेम प्रकाश. इनके साथ सिपाही देवदत्त और ब्रज पाल हर रोज सुबह रास्ते से गुजरने वाले छात्रों, व्यापारियों और इलाके में रहने वाले सभ्य लोगों से वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली का धंधा करते हैं. घटना परसों की है. समय सुबह ग्याराह बजे.

मुरादाबाद में थाना मझोला की खुशहालपुर पुलिस चौकी में तैनात हैं दरोगा प्रेम प्रकाश. इनके साथ सिपाही देवदत्त और ब्रज पाल हर रोज सुबह रास्ते से गुजरने वाले छात्रों, व्यापारियों और इलाके में रहने वाले सभ्य लोगों से वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली का धंधा करते हैं. घटना परसों की है. समय सुबह ग्याराह बजे.

पुलिस चौकी से दस कदम दूरी पर रहने वाला सिटी न्यूज़ का पत्रकार लवलीन यादव अपने घर से ऑफिस जाने के लिए निकला. चौकी प्रभारी प्रेम प्रकाश वाहन चेकिंग और वसूली के काम में लगे हुए थे. इनकी निगाह लवलीन पर पड़ गई. लवलीन चौकी से दस कदम की दूरी पर रहता है. प्रेम प्रकाश ने रास्ते के बीच में अपने सहयोगी सिपाहियों को खड़ा कर दिया. सिपाही देवदत्त गौढ़ और ब्रजपाल सिंह ने लवलीन को रोक लिया. लवलीन से वाहन चेकिंग के नाम पर बदतमीजी शुरू कर दी. जैसे ही लवलीन ने अपने बारे में बताया, पुलिस वालों ने सबके सामने उसकी पिटाई शुरू कर दी. वो गिड़गिड़ाता रहा. लेकिन चौकी इंचार्ज प्रेम प्रकाश पर जुनून सवार था. दोनों सिपाही उस पर ताबड़तोड़ डंडे बरसा रहे थे.

समय दोपहर लगभग 12 बजे. वाहन चेकिंग के नाम पर पत्रकार लवलीन को जनता की रक्षक मुरादाबाद पुलिस के दरोगा प्रेम प्रकाश और उनके सहयोगी दोनों सिपाही इतनी बुरी तरह पीट रहे थे कि वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन नतीजा कुछ नहीं देख अन्य पत्रकारों को फोन पर सूचना दे दी कि यहाँ पत्रकार को पीटा जा रहा है.

समय दोपहर साढ़े 12 बजे. सूचना पाकर दो अन्य पत्रकार जनसंदेश चैनल के जवाहर सुल्तान व उनके साथ अनसुल वहां पहुंच गए और पत्रकार को पीटने का कारण जैसे ही प्रेम प्रकाश से पूछा तो वो इन दो पत्रकारों पर भी पिल पड़ा. इनके साथ भी मारपीट की गयी. कई दृश्य इन पत्रकारों के कैमरे में कैद हुए. इन दोनों पर गुंडा और क्रिमिनल कहते हुए डंडे बरसाने शुरू कर दिए. इलाके के लोग अपने घरों से बाहर आ गए. लोगों के सामने ही इन तीनों पत्रकारों की पिटाई की गई. इन्हें पीटते घसीटते हुए चौकी के अन्दर ले जाया गया और चौकी के अन्दर बंद कर बुरी तरह पीटा गया. जनता जो भलीभांति सभी पत्रकारों जानती थी, उनके माध्यम से खबर बाहर निकली और मुरादाबाद के इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया से जुड़े सभी पत्रकार बंधु वहां पहुंच गए. वहां का नजारा देख सभी पत्रकारों की आँखों में आंसू छलक पड़े. मुरादाबाद में ऐसी घटना या यूं कहिये की ऐसा बर्ताव पुलिस द्वारा पहली बार किया गया था. मामला तूल पकड़ने लगा. इधर जनता भी पत्रकारों के साथ हुए इस वहशियाना सुलूक से गुस्से में आ गई और चौकी पर सैकड़ों लोगो का जमावड़ा लग गया. सूचना एसओ मझोला फ़तेह सिंह को मिली की पत्रकारों को बुरी तरह पीटा गया है. वो तुरंत वहां पहुंचे.

समय दोपहर एक बजे. एसओ मझोला जो इन पत्रकारों को भली भाँति जानते थे, पत्रकारों की इतनी बुरी हालत देख कर अपना सर पकड़ कर बैठ गए. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फोन पर सूचित किया. थोड़ी देर में सीओ हाइवे मनोज पांडे आ गए. वो भी इन पत्रकारों की हालत को देख हैरान और परेशान हो गए. पत्रकारों को गंभीर चोट आई थी. खून बह रहा था. सीओ ने पता लगा लिया कि गलती चौकी इंचार्ज प्रेम प्रकाश की है. सीओ ने डीआईजी को पूरे मामले से अवगत कराया. डीआईजी ने दोषी के खिलाफ कार्यवाही करने को कहा. जैसे ही चौकी इंचार्ज को कार्यवाही होने की भनक लगी, वो माफ़ी मांगने की बात कहने लगा. लेकिन लोगो में गुस्सा फूट पड़ा. लोग सामने आए और बताने लगे कि इस चौकी पर जबसे प्रेम प्रकाश को तैनात किया गया है वो वाहन चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली करता है. लोगो ने जानकारी दी कि वे घर में बाइक होते हुए भी साइकिल पर सवार होकर यहाँ से गुजरने लगे हैं. यदि वो ऐसा न करें तो उन्हें 500 से 1000 रुपये तक देने पड़ते हैं.

समय दोपहर ढाई बजे. सी.ओ. पशोपेश में थे कि आखिर क्या किया जाए. एक तरफ उनका मातहत और दूसरी तरफ पत्रकार जो सामने कलम और कैमरे लेकर खड़े थे. प्रेम प्रकाश को अपने किये पर कोई पछतावा नहीं हो रहा था. सीओ फुटेज देख चुके थे, लिहाजा उनके मुंह से कुछ नहीं निकल रहा था. बाद में प्रेम प्रकाश आगे आये और सबके सामने अपने द्वारा किये गए कुकृत्य के लिए माफ़ी माँगी. सभी के सामने प्रेम प्रकाश, देव दत्त और ब्रजपाल ने पत्रकारों से माफ़ी मांगी.

और आखिर में, पत्रकार पड़े नरम, जबरन मिले गले और हो गई सुलह!

और आखिर में, पत्रकार पड़े नरम, जबरन मिले गले और हो गई सुलह!

थाना मझोला के एसओ फ़तेह सिंह ने अपने हाथों से फैसलानामा लिखा कि जो मारपीट व गाली गलौच पुलिस द्वारा कि गई है वो दुर्भाग्यवश हुई है, हमें उसका अफ़सोस है. कहने को तो पूरा मामला निपट गया है लेकिन चौकी इंचार्ज प्रेम प्रकाश अब भी अपने खाकी रौब में है. इस मसले पर देखा जाए तो हार पत्रकारों की ही हुई है क्योंकि प्रेम प्रकाश व दोषी सिपाहियों के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं लिखा गया और न ही उन्हें निलंबित या बर्खास्त किया गया. कल को ये ही लोग फिर किसी पत्रकार के गिरेबां पर हाथ डालेंगे तो इन्हें कौन और कैसे रोक सकता है. सवाल वही है कि क्या प्रेम प्रकाश, देवदत्त और ब्रजपाल जैसे पुलिसकर्मी नागरिक पुलिस में रहने लायक हैं?

मुरादाबाद से भीष्म सिंह देवल की रिपोर्ट

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0 Comments

  1. Abhishek sharma

    November 25, 2010 at 11:01 am

    khaki kalankit kab ki ho chuki hai…bhai logo aap to kalam ko samjhaute me mat lagao…gareeb janta ka ek sahara MEDIA hi bacha hai…kuchh to sharm karte unko gale lagane se pehle……

  2. Fahim

    November 25, 2010 at 1:07 pm

    इस माया सरकार के बर्दी वाले गुंडे है इनको तो माफ़ी नहीं सजा होनी चाहिए

  3. amit soni

    November 26, 2010 at 2:11 am

    bahut accha kiyaa inko maaf kar diyaa … are pahle pite aur haath jodkar maafi mangi to maaf kar diyaa .. thodi to sharm ki hoti… ab to in khakiwalo ka to seenaa aur chauda ho jaayega ..

  4. Jafar Kamal

    November 26, 2010 at 5:12 am

    Yashwantji.
    Adaab.
    Is khabar ki sachchai wo naheen hai jo bhishmji likh rahen hain.Bhaijaan bina kisi wajah ke Police kyon kisi patrkaar ko maregi aur wo bhi is buri tarah. Haquikat kya hai mai aapko batata hoon. Apne aapko Patrkaar kehne wale Teen criminal (criminal isliye kyoki Jawahar Sultan jo abhi ek hafta pehle Jansandesh Channel ke reporter ban gaye hain wo ek registered criminal hain aur loot ke kayi mukadme un per abhi bhi chul rahen hain. Media ki aad me apne aapko Police se bahchaye huey hain aajkal) patrkaar ek mobike per sawar ho ja rahe they. Kushhaal pur Chauki per checking ke dauraan Police ne roka to In Patrkaron ke paas Kagaj naheen nikley. Jis per sipahi ne objection kiya to us se bhid gaye aur Ek Polce constable se hatapayi ker di. Uske vardi phaad di. Apne Constable ki pitai hote dekh ker Tab vahan maujood Sub inspector ne inko dhun diya. Uske baad apni izzat bachane ke liye yeh cilla rahe hain.Yahan pura Media janta hai ki Galtio inhi Criminals patrkaron ki hai.Tabhi to koi karwai Police dwara naheen ki gayi un Policekarmiyon ke khilaaf jin per Pitai Kiye jane ka aarop lagaya gaya. Ulte patrkaar mafi mang ker mamle ko RAFADAFA ker aaye. Kyonki Media ki aads me criminals apne apne dhande chala rahen hain Moradabad me.

  5. sonu srivastava

    November 26, 2010 at 9:13 am

    AGAR PATRAKARO KA SAATH BADSALUKI HO TO USKI SAJA JAROOR MILNI CHAHIYA ESMAY SABHI PATRAKARO KO EKJUT HOKER ISKA VIRODH KARNA CHAHIYA KYOKI AGAR POLICE PATRAKARO KAY SAATH BADSALUKI KARTI HAI TO AAM JANTA KA KYA HAL HOGA.

  6. kapil tyagi

    November 26, 2010 at 12:00 pm

    Jafar Kamal ji ke bat me sachai lag rahe ha, etne pitai hone ke bad koi saks sulah nahe kar sakta.wo to vase bhe media wale ha.;:P

  7. bhimmanohar

    November 26, 2010 at 1:36 pm

    mera sawal sabhi media walon se hai, jab aap apne liye insaf ki mang nahi kar sakte aur apne uper hue hamle ka jordar prdarshan nahi kar sakte to aap others ke liye kiuya ladenge, media chodo aur koi dalali ka kam pakad lo ya phir ek war insaf ke liye ladai ladon bhagwan aapka sath denge, aur hum jaise media karmiyon bhi aap ke sath khade honge….

  8. मदन कुमार तिवारी

    November 26, 2010 at 7:49 pm

    ओ जो पिटे गये वो पत्रकार नहीं दलाल होंगे अन्यथा बुरी तरह मार खाने के बाद माफ़िनामा और समझौता का अर्थ पुलिस की गुंडागर्दी को बढावा देना है। आम जनता में भी अच्छा संदेश नहीं जायेगा। मुझे जफ़र कमाल की बातों में सचाई नजर आती है। बिहार रिपोर्टर का गया ब्यूरो चीफ़ होने के नाते मेरे पास भी १-२ ऐसे तत्व आयें थे की मुझे भी रिपोर्टर बाना कर आई कार्ड दे दिजिये मैने सीधे यह कहकर की आई कार्ड तो संपादक के द्वारा निर्गत होता है मैं कैसे बना सकता हुं , अपना पीछा छुडा लिया। पत्रकार की आड में ब्लैक मेलरों की एक पुरी जमात खडी है।

  9. prashant tripathi ......varanasi

    November 27, 2010 at 7:05 am

    lavlin bhai mai apke sulah wali bat se sahmat nahi hu kyoke ise sidhe pen ke den hai ke patrkaro ke sath aaye din is trah ke ghatna hoti hai .sarfat achi chez hai bhai lekin samne wala usko samze tab kahi use wo hamari kamzori n man le……prashant tripathi …rashtriya sahara varanasi

  10. shailendra parashar

    November 27, 2010 at 10:13 am

    abhi mere sath bhi 03:00 baje meri gadi polise walo ne pakdi chuki mere pas bima nahi tha to chalan ke naam par 100 rupaye liye gaye or ek farji typ ki rasid bana di gai jisme koi bhi u.p. gov. nahi likha tha saaf h ki paisa khaya ja raha h kanhi na kanhi bina kisi hath k to kutta bhi nahi bhokta or pata lagana muskil h qki a apradhi nahi sarkari mamla hai bhai a baat sahi hai ki ajkal polis wale chaking k naam par u.p. m abedh basuli kar rahe h lekian a socha h ki unke upar agar kisi ka haath hoga tav hi to basuli kar rahe h mujhe to kai baar a sunne ko mil jata h ki chokki k hissav se s.p. rat fix karte h bohat jile k or eski puri kamai 4 se 7 tarikh tak s.p. offise m jati h phir upar tak baati jati h ab becharo ko apni jav or upar walo ki bhi to jav bharni h nahi to phir pade rahne padega kone m kanhi??
    lalitpur

  11. kashi jaiswal

    November 27, 2010 at 11:31 am

    is tarah ke mamle me patrkaro ko smjota nahi karna chiy tha balke eat ka jabab pattar se trna tha rahi bat ke vah dala hi to is bare maix aan patrkaro ko age aakar ase tatoo ko jamat se bahar karna chaiy

  12. SUDHANSHU

    November 27, 2010 at 2:20 pm

    BHAD CHULE MEIN GAYA SULAH

    INKO CHAURAHE PAR LETAD KAR MARWAO AUR APNI CHAPPAL SE MARO wo bhi DAUDA DAUDA KAR TAB SUDHRENGE

    KAHE KI SULAH
    SULAH KARKE BEVKOOFIYAT KA PARICHAY DIYA HAI BHAI

    AGAR AISA KARIYE TAB JANENGE PATRKAR KI AUKAT

    BHEESM JI APKO KYA MAJA AA RAHI HAI PATRKAR KI HASHI UDANE MEIN JO LIKHE HAI AISE PEETTE HAI UP K POLICE WALE

    AUR YASWANT JI APNE KAISE YE CHAAP DIYA YE HEADING

    AP BHI EK PATRKAR HAI
    AUR PATRKAR KI GARIMA , LEVEL KYA HOTA HAI YE MUJHSE BEHTAR AP JANTE HAI

    AGAR AISE HI LEKH CHAAPNE HO TO APNI PORTEL BAND KAR DIZIYE
    KOI JAROORAT NAHI HAI APKO KISI KI BEJJATI KARNE KI

    regards—
    sudhanshu

  13. shailendra kumar shukla

    November 27, 2010 at 5:52 pm

    यह यूपी का इतिहास है कभी वर्दीवाले गुंडे कारसेवकॊ कॊ मारते है कभी पत्रकारॊं कॊ लेकिन इसका भी अंत हॊगा

  14. shailendra kumar shukla

    November 27, 2010 at 5:55 pm

    यह यूपी का इतिहास है कभी वर्दीवाले गुंडे कारसेवकॊ कॊ मारते है कभी पत्रकारॊं कॊ लेकिन इसका भी अंत हॊगा

  15. dhanish sharama

    November 28, 2010 at 2:00 am

    bhai police hai..bach k raho.

  16. dhanish sharama

    November 28, 2010 at 2:01 am

    ya kaha ka insaaf hai.police valo ka suspand karo.

  17. Rajeev moradabad

    November 28, 2010 at 12:16 pm

    दलाल और चापलूस फर्जी पत्रकारों का यही अंजाम होता है जो आप तस्वीरो में देख रहे है ! इन्ही लोगो ने पत्रकारिता को कलंकित किया है आज अंजाम सब के सामने है ! कुछ दिन पहले इनके मुख्या भी जेल कि हवा खा चुके है !

    राजीव, मुरादाबाद

  18. नागरिक

    December 1, 2010 at 7:41 pm

    बडी अज़ीब बात है भाई…बेदर्दी से ठुक लिये/पिट लिये और फिर गले मिलकर घर निकल लिये…यह क्या तमाशा है जनाब पत्रकारों के नाम पर…कुछ तो गडबड है…इतनी भारी भरकम पिटाई के बाद भी इतने हल्के फुल्के ढंग से ‘जाने भी दो यारों’ के अन्दाज़ मे घर लौट जाना…भाई जो पिटे वो सचमुच पत्रकार थे या ‘रंगे सियार’…खामख्वाह ही दूसरे पत्रकारों का मज़मा लगाया…जनता को भी बेवकूफ बनाया…लोग बेचारे अपना काम-काज छोडकर पत्रकारों के पक्ष में आवाज़ बुलन्द करने के लिये वहाँ डटे रहे, अब उनका क्या…वे तो हो गये ना बेगाना शादी मे अब्दुल्ला दीवाना…आगे से कौन जुडेगा पत्रकारों के साथ…नाक कटाकर रख दी लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की…इससे अच्छा तो वे मर जाते पुलिस की पिटाई से थाने में…

  19. Syed Mazhar Husain

    December 6, 2010 at 11:23 am

    इन जैसे हरामी पोलिसे वालो को जुटे से मारना चाहिए क्या मुरादाबाद के पत्रकार इतने नामर्द है की जूता भी खाए और सुलह भी कर लें बड़े शर्म की बात है भाई की मार पीट करने वाला दरोगा आज भी वही कार्यरत है उसके खिलाफ मुक़दमा दर्ज करना चाहिए था और सरे पत्रकारों को मिलकर उन कमीने पोलिसे वालो को पीटना चाहिए था जबतक इन जैसे लोगो को मुंह तोड़ जवाब नहीं दिया जायेगा तबतक ऐसे ही सब मारे जाते रहेंगे . बहुत जाता यही होता की पत्रकारों के ऊपर भी मुक़दमा दर्ज होता ..

  20. kk chauhan

    December 7, 2010 at 10:42 am

    दलाल और चापलूस फर्जी पत्रकारों का यही अंजाम होता है इन्ही लोगो ने पत्रकारिता को कलंकित किया है आज अंजाम सब के सामने है ! कुछ दिन पहले इनके मुख्या भी जेल कि हवा खा चुके है ! ye bikul shai hai

  21. Syed Mazhar Husain

    December 10, 2010 at 10:08 am

    sahi ka aaap ne .Lekin chauhaan sahab jo photo lagi hai isme ek maar kha raha hai aur dusra patrkaar tamasha dekh raha hai ye kitne sharm ki baat hai yah sahi hai ki Farzi patrkaaro ki wajah se hi is tarah ki gandagi aa gayi hai ..chanel aur akhbaar wale bhi yah nahi dekhte ki kaun kaisa hai jise patrkarita ke ABCD nahi aati usy bhi Klam aur Camera thama diya hai inko bhi sudhaar lana padega …ye bhi kam doshi nahi hai

  22. Tahir khan

    March 30, 2011 at 7:47 am

    ye police vale ab apni vardi ka rob jama kar sachi ko rokane ka paryas kar rhe h.taki koi patrkar inke photo na le sake .lakin aakhir sachhai chipti kha ha.eak na ek din samne jarur aa jati h.

  23. RAVINDER SINGH

    May 5, 2011 at 6:54 am

    hamane aaj pada bada dukh hua bhai ese police vajo ko to saja dilvana jaruri hai aap logo eakta honi chahaiy or use saja milani chahaiy thi koi bhi agar patrakar pitata hai sabhi ko eak ho kar uska sath dena chahaiy tha ……………………..

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