मध्य प्रदेश के हजारों किसान अपनी मांगों के समर्थन में कड़कड़ाती सर्दी में भोपाल की सड़कों पर जब आंदोलन कर रहे थे, तब भोपाल के कुछ पत्रकार उनके ज़ख्मों पर मरहम लगाने की बजाय सरकारी दलाल बनकर किसानों के आंदोलन को विफल करने के प्रयास में लगे हुए थे। सरकारी खर्च पर जीवन गुज़ारने वाले इन तथाकथित पत्रकारों ने नीचता की सारी हदें पार करते हुए एसएमएस के जरिए शहर में यह अफ़वाह फैलाने का प्रयास किया कि सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है।
हालांकि इस अफ़वाह से किसानों के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ा। परंतु पत्रकारिता की आड़ में सत्ता की दलाली करने वाले इन कथित पत्रकारों के कारण एक बार फिर पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे को शर्मसार होना पड़ा। गौरतलब है कि गत सोमवार को प्रदेश के हज़ारों किसानों ने भोपाल की सड़कों पर उतर कर ऐसा आंदोलन छेड़ा कि शिवराज सरकार बुरी तरह हिल गयी। किसानों के गुस्से को देख कर ऐसा लग रहा था, जैसे किसानों ने राजधानी का अपहरण कर लिया हो, प्रशासन बेबस नज़र आ रहा था, भोपाल की सड़कों पर हर तरफ़ जाम लगा हुआ था।
किसान नेताओं से समझौते की सरकारी कोशिशें बेकार हो गयीं तो सरकारी प्रवक्ता ने अंतिम हथियार के रूप में इन स्वार्थी पत्रकारों का सहयोग लिया और पत्रकारिता की आड़ में दलाली करने वाले इन कथित पत्रकारों ने मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार करके किसानों का साथ देने की बजाय सरकार के तलुए चाटने में विश्वास किया, लेकिन सरकार की यह कोशिश भी सफल नही हो सकी।
भोपाल से अरशद अली खान की रिपोर्ट.












ahmad
December 22, 2010 at 11:02 am
patrakarita ko badanam mat kariye bhai logo.
Ankit Khandelwal
December 22, 2010 at 2:32 pm
paratu janab kisan aandolan to khatam ho chuka hain or sabhi maange man li gayi hain.. to aap yeah lekh likkarke kya saabit karna chah rahe hain??
kabeer
December 23, 2010 at 5:05 am
bhopal ke patrkaron ko dalali ke alava or kuchchh bhi aata he kya ? kitni girnit mansikta ke hen,kisano ko to bakhsh dete
ashish goswami
December 23, 2010 at 6:49 am
kisaan andolan ki vastvik sach ko raj express ne 22 & 23 dec. ke ank mai front page par jo khabre lagai vahi sach hai……shiv kumar sharma ji se mai bhi prbhavit hu, kyoki mai bhi kisaan hu,,,un se asi ummeed nahi thi……jab andolan hua…to uska sarthak hal niklna zaruri tha…….jase hamesha aam aadmi vot dene ke bad apne aap ko thaga sa mahsoos krta hai…vahi aaj kisaano ke sth hua….
saral bhadoria
December 23, 2010 at 11:26 am
aap ne sahi kaha he arshad ji par sarkari dalla patrkaron ka elaj jaruri he 1 achchhe samaj ke liye