सहारा मीडिया में अजीज बर्नी की वापसी हो गई है. वे काफी दिनों से फोर्स लीव पर चल रहे थे. सहारा उर्दू के ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी अपनी किताब के कारण विवादों में आए. फोर्स लीव के दौरान ही उन्होंने अपनी गलती का एहसास करते हुए माफी मांगी और उनका माफीनामा राष्ट्रीय सहारा अखबार के पहले पन्ने पर दो कालम में प्रकाशित हुआ. बावजूद इसके, कुछ लोग यह कयास लगा रहे थे कि अजीज बर्नी की सहारा में अब वापसी संभव नहीं है लेकिन आज इस वक्त अजीज बर्नी सहारा मीडिया के नोएडा स्थित कैंपस में अपने सहयोगियों के साथ बैठक कर रहे हैं.
सूत्रों के मुताबिक सहाराश्री सुब्रत राय सहारा ने अजीज बर्नी के माफीनामे और अजीज बर्नी द्वारा गलती रियलाइज किए जाने को अच्छा कदम मानते हुए उन्हें माफ कर दिया. इसी के बाद उनकी वापसी का रास्ता खुल गया और आज वे नोएडा स्थित कैंपस आ गए. सूत्रों का कहना है कि अजीज बर्नी के माफीनामें के बाद उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर हुई है लेकिन सहारा में वापसी करके उन्होंने अपने उन विरोधियों को तगड़ा झटका दिया है जो उनके निपट जाने की बातें कह रहे थे.












shahid akhtar
February 9, 2011 at 12:59 pm
ye to hona hi tha ….bewaqoof he wo log jo leave ki khabar se khush ho rahe the…ab un logon ka kya hoga jo barni sb ke piche pade the kyonki jab jab burney sb ki wapsi hui he virodhyon ka safaya hua he….in baton se burney sb par koi asar nahi padta….
केशव
February 9, 2011 at 3:15 pm
अरे साहिब, बडे को सब माफ है जरा उन गरीबो पर नजर डाले जो सहारा परिवार के सदस्य थे और बडे लोगो ने अपने आप को बचा के उन के पेट पर लात मारी थी
आज वो किस हाल है उनके परिवार कैसे है कोई पूछने वाला है
rukhsankhan
February 9, 2011 at 6:28 pm
bure nazar wale tera muh kala
aakhir wohi hua jiska desh paremi aur desh kai liyai behtar sochne walai ka dil kahta hai,burney sab ne agar apnai aritcal kai zarai un logon ka chehra benaqab kiya hai jo desh ko badnam karna chahtai hain,bahar hal jo kuch bunrny kai sath hua woh achcha nahi hua,ab bhi buri nazar walai nahi sanbhle to woh samaye aane wala hai jab un ko gadhe pi betha ki ghumaya jai ga. isiliyai kabhi kisi ka bura na chaho,ik kahawat hai gadha khod ne wala sab se pahle khud us gadhe main girta hai.wohi hua hai,
mohammad suhel
February 9, 2011 at 9:52 pm
Bahut khushi ki baat hai.Burni Sahab wah wah
शेष नारायण सिंह
February 9, 2011 at 11:51 pm
अब उन लोगों का क्या हश्र होगा जिन्होंने बर्नी को हटवाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था .
madan kumar tiwary
February 10, 2011 at 3:18 am
अंधे को क्या चाहिये दो आंख । लेकिन अजीज के अफ़जल का क्या होगा । २६/११ किताब में अफ़जल को निर्दोष बताया है बर्नी ने , वह निर्दोष अफ़जल को तो फ़ांसी होने वाली है । बर्नी को चाहिये पत्रकार होने का फ़र्ज अदा करें और मुम्बई ब्लास्ट के अभियुक्त अफ़जल के पक्ष में आकर न्यायालय को बतायें कि वह कैसे निर्दोष है । अन्यथा जनता के सामने स्वीकार करें की अपनी किताब में उन्होने गलत लिखा है ।
Ayan Khan
February 10, 2011 at 7:33 am
arey sahib. i sasure sab ke sab lutere log hain. yeh patrkari nahi dalali kar rahe hain. sale khud yeh to force leave bhi paris mein manakar aaye honge. i sab sasuri drmabaji hai.
Sulemaan ahmed Mirza Nadavi
February 12, 2011 at 4:02 am
सहारा श्री ने इक बार फिर बर्नी साहेब को इज्ज़त के साथ उर्दू की कमान सौंप दी, इस से बढ़ कर क्या ख़ुशी की बात है हम लोगों के लिए/ अब असदर अली जैसे ईमान फरोशों का क्या होगा जिन्हों ने संघ के साथ मिल कर बर्नी साहेब की विरुद्ध साज़िश रची थी और उन का लोगों का क्या होगा जो चार दिन की चांदनी पा कर अफसर बन बैठे थे और कई लोगों की नौकरी लेने का प्लान बना रहे थे? उन का क्या होगा जिन्हों ने उर्दू के गरीब स्ट्रिंगर्स की नौकरी लेने का काम आगे बढाया दिया था ? सहारा में खुद को भगवान समझने वालों को मालूम होना चाहिए कि वहां सहारा श्री से ऊँचा कोई नहीं है और वह जिस को चाहे रखेंगे/ दुःख कि बात तो यह है कि बर्नी के मामले में ऐसे ऐसे लोग राय दे रहे हैं जिन को यह भी नहीं मालूम कि अफज़ल गुरु मुंबई हमले का दोषी है या संसद पर हमले का? सहारा श्री को सभी उर्दू वालों कि तरफ से धन्यवाद् आप का सुलेमान अहमद मिर्ज़ा नदवी
shikwa n
February 18, 2011 at 6:55 pm
बर्नी साहब का वापस आना उन्हें मुबारक हो लेकिन पिछले सिप्तेम्बेर से सहारा परिवार और विशेष तोर पर उर्दू संकलन में जो कुछ जारी है उस से अख़बार की image को काफी नुक्सान हुआ है और रही सही कसर बरनी साहब ने अपनी किताब को लेकर माफ़ी मांग कर निकल दी है इस से न सिर्फ उनके ही अख़बार का भी नुकसान पौंचा है l इस लिए कहते हैं किए असमान की तरफ नहीं थूकना चाहिए वोह मुंह पर ही आकर गिरता है l
मेरी बड़े दिल वाले सहारा श्री से बिनती है ki वह अब इस खेल को बंद करा ने की कोशिश करें ताकि करातायोगियो में विश्वास पैदा हो और अनिचता के भरम से बाहेर निकल जयिएँ क्यों उर्दू अख़बार को लेकर गलतफ़हमी बदती ही जारही हैं l श्री उपेंदर राये कुछ करने के फराग में हैं वेल नाद गुड उन्हें उन के अंदाज़ में काम करने दिया जाना चाहिए वैसे संस्था में बर्नी साहेब और कुछ समय के लिए जिम्मेदारी सँभालने वाले उन दो ऑफिसर से भी अच्छे पतरकार पाए जाते हैं जो अच्छी तरह से काम कर सकते हैं और उर्दू विभाग को आगे ला सकते हैं l बर्नी साहब का मकसद तो सिर्फ अपनी शख्सीयत को आगे बड़ा न था जिस में वह एक हद तक कामयाब भी हो गए मगर उपेंदर राय ने उन के किये पर पानी फेर दिया है अगर सहारा श्री ने उन्हें कुछ अरसे में उन के रितैरेडमेंट के कारण के वापस बुलैया है को उन की रस्सी को मज़बूत रखना होगा l कुर इस बात का ख्याल रखना होगा कि किसी को नुक्सान न पौंछा न सकें और खामिशी से अपने बाकी दिन पुरे करिएँ उनकी माफ़ी ने वैसे भी कौम का सामना करने कि ताक़त नहीं रखी है उन्हों सहारा और उर्दू कि शक को नुकसान पौंचाया है है मेरा मशवरा है कि बनी साहिब का बदल धुंध जाये भुत क़बील पत्रकार किस्मत अजमाई करिएँ L शुक्तिया
shahid akhtar
February 22, 2011 at 4:56 pm
kuch logon ko malum hota nahin he aur bad bad karte hen…..burney ki wapsi upender or kumpny ke muh par tamacha he ….agar upendr hayadar he to resign kar den….mafinama bhi burney ko badnam karne ki sazish thi….unke qadrdan ye baat jante hen burney sb mafi maang hi nahin sakte….upendre ne sahara me akar kon se ghande gad diye sirf apni jeb bharne ke…abhi tak ek bhi naam aisa nahin he jisko join karaya ho or wo acha kar raha ho….apne kuch chamchon ki salary zarur bhadai he