इंडिया न्यूज रिपोर्टर संजय का बढ़िया काम

यशवंत जी, नमस्कार, मैं भड़ास4मीडिया रोजाना एक बार जरूर पढ़ता हूं….मीडिया और मीडियाकर्मियों से जुड़ी खबरें ना सिर्फ रोचक होती हैं बल्कि मीडियाजगत की सच्चाइयों से भी रूबरू करवाती है…..लोगों के साक्षात्कार के साथ ही आपने कहानियों और उपन्यासों की भी श्रृंखला शुरू की है…..जो बेहद दिलचस्प है……मै आपके माध्यम से जानना चाहता हूं कि हाल ही में यूपी की राजधानी लखनऊ से जो खून के काले कारोबार का खुलासा हुआ…इस खेल में शामिल लोगों ने पैसा कमाने की नीयत से इंसानियत का भी खून कर दिया…इस खूनी कारोबार का पर्दा उठाने से लेकर उसे अंजाम तक पहुंचाने में इंडिया न्यूज़ के लखनऊ रिपोर्टर ने जो काम किया वो वाकई सराहनीय है…. इंडिया न्यूज, लखनऊ के रिपोर्टर ने  उमराई अस्पताल में चलने वाले ब्लडबैंक की आड़ में हो रहे खून के धंधे को उजागर किया… उस रिपोर्टर के बारे में विसतार से बताएं…

उस खुलासे के बाद ही हरकत में आए पुलिस और मेडिकल विभाग ने जांच के बाद ताबड़तोड़ कई दोषियों पर कार्रवाई की…. खून के साथ ही सरकारी अस्पतालों की दवाओं का भी दूसरे अस्पतालों में ले जाने का भंडाफोड़ हुआ…. लेकिन अभी तक वो डाक्टर और इस खेल की बड़ी मछलियां कानून की जद से दूर हैं……जबकि देश के प्रधानमंत्री खुद बड़ी मछलियों को पकड़ने की बात कर चुके हैं…..ऐसे में पत्रकार की मेहनत के बावजूद भी यूपी में पुलिस और मेडिकल विभाग अभी भी खून के बड़े काले कारोबारियों तक अपनी पहुंच नहीं बना पाया…..मै एक इंजीनियर हूं और मेरे बहुत से साथी दिल्ली मीडिया में हैं….मैने इस खबर पर जब साथियों से बात की तो पता चला कि इस खेल को इंडिया न्यूज़ के उस रिपोर्टर ने उमराई अस्पताल के खिलाफ एक स्टिंग आपरेशन करके अंजाम दिया था……कृपया उस रिपोर्टर जिसका नाम संजय श्रीवास्तव है के बारे में जानकारी दें….इस तरह के सामाजिक सरोकार से जुड़ी खबरों को करने का जज्बा रखने वाले आपकी बिरादरी के लोगों को मै नमस्कार करता हूं….और गुजारिश करता हूं कि हमेशा यही जज्बा बनाए रखें जिससे आने वाली पीढ़ी उनसे कुछ सीख सके…..

अनुभव चंदन, इंजीनियर, दिल्ली

anubhavchandan@gmail.com

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “इंडिया न्यूज रिपोर्टर संजय का बढ़िया काम

  • यशवंत जी कैसे पत्रकार हैं आप । खबरों को सूंघने की नाक जवाब दे गई है शायद । ये पीआऱ वाली खबर भी छाप दे रहे हैं। सब कूड़ा छापना जरूरी है क्य़ा ?

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.