सीएनईबी में राहुल राज खात्मे की ओर!

: अपडेट : आम्रपाली ग्रुप ने चैनल में पैसा लगाया : लो कास्ट मोड में चैनल को लाने की तैयारी : थानेश्वर का इस्तीफा : अनुरंजन के करीबी लोग महत्वपूर्ण पदों पर काबिज : राहुल समेत उनकी टीम के कई लोग छुट्टी पर : सीएनईबी न्यूज चैनल में अंदरखाने उठापटक शुरू हो गई है. अनुरंजन झा के सीओओ के रूप में ज्वाइन करने के बाद जो आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं, वे अब सच साबित हो रही हैं.

सीएनईबी के मालिकों ने अनुरंजन को लाकर और उनके अपने लोगों को वरिष्ठ पदों पर ज्वाइन कराकर राहुल देव व उनकी टीम को बाहर जाने का संकेत दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक अनुरंजन ने अपने दो करीबियों अंशुल मिश्रा व राकेश योगी को वरिष्ठ पदों पर ज्वाइन कराया है. अंशुल आउटपुट का काम देखेंगे और राकेश प्रोग्रामिंग संभालेंगे. अभी तक आउटपुट अपूर्व देख रहे हैं व प्रोग्रामिंग कामाक्षी. राहुल देव कई दिनों से आफिस नहीं आ रहे हैं. उनका खास प्रोग्राम महाखबर भी कई दिनों से प्रसारित नहीं हो रहा है. राहुल देव के करीबी अपूर्व व पंकज शुक्ल आफिस नहीं आ रहे हैं. उधर, सीएनईबी में काफी दिनों से साइडलाइन चल रहे थानेश्वर ने इस्तीफा दे दिया है. वे सीएनईबी में इनपुट हेड के रूप में भी काम देख चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक सीएनईबी प्रबंधन राहुल देव के बड़े कद को देखते हुए उनसे सीधे-सीधे कुछ नहीं कह पा रहा है लेकिन अनुरंजन व अनुरंजन के करीबी लोगों के हाथों में चैनल को धीरे-धीरे सौंपकर एक तरह से पुरानी टीम को किनारे करने का काम शुरू कर दिया है.

यह भी पक्की खबर है कि सीएनईबी के मालिकों ने चैनल का एक हिस्सा आम्रपाली वालों को बेच दिया है. आम्रपाली ग्रुप रीयल इस्टेट की बड़ी कंपनी है. इस विनिवेश से सीएनईबी के मालिकों को अच्छी-खासी रकम मिली है. कम से कम, चैनल पर अब तक हुए खर्च का एक बड़ा हिस्सा अर्जित करने में सफल हुए हैं. पहले ही सीएनईबी के मालिकों ने चैनल के वरिष्ठों की बैठक में कह दिया था कि वे चैनल बेचना चाहते हैं और आप लोग ऐसा समूह तलाशिए जो चैनल ले सके व आप लोगों को भी सेलरी दे सके. तभी से चैनल के बिकने की अफवाह उड़ने लगी थी. अब पता चल रहा है कि चैनल पूरी तरह नहीं बिका है बल्कि माइनारिटी का स्टेक आम्रपाली ग्रुप ने लिया है. सीएनईबी के मालिक चैनल को अब लो कास्ट मोड में रखना चाहते हैं. कह सकते हैं कि धीरे-धीरे यह चैनल एस1, आजाद न्यूज, वीओआई, हमार की कैटगरी का हो जाएगा.

उधर, अनुरंजन ने ट्रेनियों को नियमित कर संकेत दे दिया है कि वे भारी-भरकम पैकेज वालों की जगह कम सेलरी वालों से काम चलाना ज्यादा पसंद करेंगे ताकि चैनल पर पड़े रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके. वैसे भी अनुरंजन की नियुक्ति संपादकीय लिहाज से कम, आर्थिक लिहाज से ज्यादा हुई है. वे चैनल के खर्चों में कटौती के अलावा चैनल के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट कराने पर काम करेंगे. साथ ही, इसी हिसाब से एडिटोरियल कंटेंट भी पेश करेंगे ताकि कंटेंट के जरिए बिजनेस हो सके. अंशुल व राकेश की नियुक्ति से स्पष्ट है कि अनुरंजन व उनकी टीम ही एडिटोरियल कंटेंट तय करेगी. बिहार पर आधारित नए कार्यक्रम की परिकल्पना अनुरंजन की है. इस नए कार्यक्रम के जरिए अनुरंजन बिहार चुनाव के प्रचार-प्रसार पर खर्च होने वाली भारी-भरकम विज्ञापन राशि में सेंध लगाकर चैनल को आर्थिक फायदा कराने की तैयारी कर चुके हैं.

उधर, सीएनईबी में राहुल देव की टीम फिलहाल सदमें की स्थिति में है. सीएनईबी चैनल को राहुल देव अपने नाम व साफ-सुथरे कंटेंट के जरिए अच्छा खासी पहचान दिला चुके हैं. साथ ही आलोक तोमर व प्रदीप सिंह जैसे लोगों को चैनल से जोड़कर टीवी मीडिया इंडस्ट्री में सीएनईबी का मजबूत चैनल के रूप में पेश किया. टीआरपी भी कुछ समय तक अच्छी रही लेकिन क्राइम केंद्रित खबरें न चलाने व अन्य कारणों से टीआरपी ने कुछ समय के बाद साथ नहीं दिया. प्रदीप सिंह ने विपरीत स्थितियों की आहट देखकर पहले ही इस्तीफा दे दिया और यूएनआई टीवी के हिस्से बन गए. अब देखना है कि राहुल देव व उनके लोग आने वाले दिनों में कब व किस तरह चैनल से नाता तोड़ने का ऐलान करते हैं.

: अपडेट :

सीएनईबी के सीओओ अनुरंजन झा ने फोन कर जानकारी दी कि आम्रपाली के साथ सीएनईबी का किसी तरह का कोई समझौता नहीं हुआ है. आम्रपाली ने कोई पैसा सीएनईबी में नहीं लगाया है और न ही कोई स्टेक खरीदा है. ऐसी खबरें निराधार हैं. अनुरंजन के मुताबिक सीएनईबी के भीतर किसी किस्म का कोई उथल-पुथल नहीं है और सभी लोग चैनल की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सीएनईबी को बदनाम करने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं जो निन्दनीय है.

Comments on “सीएनईबी में राहुल राज खात्मे की ओर!

  • प्रिय यशवंतजी,,,,, शायद आपको मालूम है या नहीं… दरअसल बात ये है कि जब से राहुल देव जी सीएनईबी का पद भार संभाले हैं, तब से लोकर आज तक ये चैनल टीआरपी की मार झेल रहा है…… 1.2, या .3 से आगे नहीं बढ़ा है,,,, तो फिर ऐसे आदमी को रखने के क्या फायदा…. जो कंपनी को फायदा नहीं पहुंचा सके,,,,, अनुरंजन जी एक बेहतर पत्रकार हैं, और आज के मार्केट की जानकारी रखते हैं… वो जानते हैं कि कौन सी खबर पर टीआपरी मिलती है…. अगर कंपनी को मार्केट से पैसा ही नहीं मिलेगा, तो वो क्यों कंपनी चलाएगी…. भाई आज हर जगह सिर्फ पैसा बोलता है….. पैसे की कीमत बोलती है….. तो फिर राहुल जी से जब कुछ हो नहीं पा रहा है,,, तो उन्हें कंपनी में रखने से क्या फायदा है…… कंपनी ने अच्छा decision लिया है…… राहुल जी को हटाने का….

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  • dhirendra pratap singh says:

    pradeep ji ke jaane ke bad se hi cneb ke bure din suru ho gaye h. ab rahul ji ke jaane ke sath hi cneb namak media adhyay ka samapan bhi ho jayega. but rahul ji to suddh dimand h unki keemat dene ke liye to kai media maharathi jwellers muh baye khade honge—dhirendra singh

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  • अरे भैया, एसवन (S1) सबसे अलग कैटेगरी का चैनल है। कृपया इसे किसी भी चैनल के साथ युग्मबद्ध न किया जाए। क्या हुआ एसवन की रिलांचिंग का??????

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  • RAVINDRA BHARTI says:

    चलो बहाना कुछ भी…या फिर कोई विवाद…लेकिन मीडिया जगत में अच्छे लोगों के लिए ये खुशखबरी से कम नहीं है कि एक नया चैनल अपने तेवर और कलेवर के साथ आ गया है….और अब धीरे धीरे सही लोग जुड़ने लगे हैं…..जहां तक टीआरपी का मसला है…अनुरंजन जी पहले भी इंडिया न्यूज में अपने को साबित कर चुके हैं

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  • राजवीर says:

    अनुरंजन काहे के बड़े पत्रकार…. जीवन में ऐसा कोई एक काम वो बताए कि जिससे उसको बड़ा पत्रकार कहा जा सकता है। यह तो यशवंत सिंह जैसों की मेहरबानी है कि चूतिये बी चौधरी बनकर मीडिया में मटक रहे है। अठन्नी की कीमत भी जिनकी नहीं है, उनकी नौकरी छोड़ने की बात भी जब खबर बनाकर यशवंतसिंह दुनिया को बता देते हैं, तो बैऔकात लोग भी कुद को हैसियतवाला समझने लगते है। भला हो यशवंत भाई का, जो खबर देने वालों की भी खबर दे रहे हैं, वरना पत्रकारों को उनके अपने ही ्खबार या चैनल या फिर पोर्टल में पूछता कौन है। सब स्साले… दो, पांच, दस, बीस या बहुत हुआ तो चालीस – पचास हजार की औकात के रोतले लोग। जो हर साल – छह महीने में नौकरी के लिए भीख मांगते देखे जा सकते हैं। देश राहुल देव को जानता है, राहुल देव की वजह से लोग सीएनईबी को जानते हैं, वरना सीएनईबी के मालिकों का नाम क्या है, कोई जानता है ….। बताओ…। और ये एस के मित्रा … जडो राहुल देव के सीएनईबी छोड़ने की खबर पर बहुत खुश होकर अनुरंजन को महान बताने पर तुले हुए है, उनको यह नहीं पता कि मीडिया में राहुल देव की हैसियत और अनुरंजन की औकात क्या है। धत्त….।

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  • Namaskar yaswant ji….
    Girgit roopi anuranjan jha ko CNEB mein TRP barane ke liye laya gaya hai…Agar CNEB ke maliko ko ne ye jhooti afwah urai hai to jaan ligiye….Anuranjan Jha ko bihar election ke douran kamai ke liye channel mein liya gaya hai…Halaqi kamai kitni hogi aur hogi bhi ki nahin ye pata nahin….lekin CNEB ke sathiyon ko batana jaruri hoga ki Rahul Dev ka jana es channel ke liye kalank sabit hoga…Puri media industry janti hai ki Anuranjan Jha ka na to apna koi right direction hai aur na hi channel chalane ki tamiz…are India tv ko to management ke disha nirdesho se chalaya tha..jo aaj tak AAJ TAK bhi na apna saka…bhi nakal kerke Live India ki tarah thori bahut TRP to pai ja sakti hai …lekin channel ko stablished kerna gadho ka kaam nahin hai…pata nahin malikon ne ke ky samjha aur ky socha…mein Rahul Dev se mila bhi kabhi nahin ho…lekin uss bande ne channel ko 2-3 saal mein hi pahchan dila di….Are CNEB ki maliko…jara sa dimag lagao…India News ke maliko ko chutiya bana ker bhi jo kuch nahin ukhar paya wo….tumhe kahan se TRP dila payega…jo izzat Kamai hai wo to banaye rakho…nahin to channel to doobe ga hi…

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  • Mohan Prakash says:

    प्रिय बंधुओं,
    अनुरंजन की गैर जरूरी तारीफ स्पष्ट दर्शाती है कि चापलूसी हो रही है। इतना ही बढ़िया थे तो इंडिया न्यूज़ को ही किसी काम लायक तो बनाकर जाते। वहां पर स्थिति इतनी खराब हो गई कि बाहर हो गए।

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  • Dhananjay Singh says:

    bhai sahab Channel ke malik bahut bhul kar diya aapne rahul jee ko nikal kar ab jyada kya kahun aap log mdiea se talluk rakhte hai

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  • Anuranjan , behad **Kamzor* naam (Patrakaarita ke lihaaz se) hai . Pata nahi kis *JUGAAD* se wo COO aur News head jaisee aham post hathiya lete hain . Khair ! jugaad ke bal par media mein aaj kai log aham pad par baithe hain aur Anuranjan in naamon mein sabse pahle gine jaate hain .
    Ye baat is liye likh raha hun , kyonki Anuranjan aur Rahul dev jee mein ZAMEEN-AASMAAN KA ANTAR HAI . koi tulna hi nahi ki ja sakati.
    Raha sawal TRP badhaane ka to Anuranjan ko *Aaazaadi* dekar lagta hai CNEB ne INDIA TV ban ne ka faisla kar liya hai .

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