आरटीआई इस पर लगनी चाहिए की न्यूज24 की टीआरपी बढ़ी तो कैसे बढ़ी!

: राजीव शुक्ला और दीपक चौरसिया में नोंकझोंक : नीचे एक वीडियो है. स्टार न्यूज पर प्रसारित एक प्रोग्राम की. दीपक चौरसिया इंटरव्यू कर रहे हैं राजीव शुक्ला का. राजीव शुक्ला जो बीसीसीआई के उपाध्यक्ष हैं और केंद्रीय मंत्री भी हैं. बीसीसीआई को आरटीआई के दायरे में लाए जाने के मुद्दे पर राजीव-दीपक के बीच बातचीत चल रही थी. लेकिन जब राजीव शुक्ला बातचीत को बुद्धि-विवेक और टीआरपी तक ले गए तो दीपक ने भी करारा जवाब देते हुए सरकार के बुद्धि विवेक और न्यूज24 की टीआरपी पर सवाल खड़ा कर दिया.

राजीव शुक्ला पत्रकार रहे हैं, नेता रहे हैं, अब मंत्री हैं. सो उनके पास रिपोर्टरों को उलझाने के पचास तरीके पता होते हैं पर दीपक चौरसिया उनसे भी चार कदम आगे निकले. उन्होंने खुद को शेर के आगे सवा शेर साबित कर दिया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को आरटीआई के दायरे में लाए जाने और पारदर्शिता के बारे में एक सवाल के जवाब में राजीव शुक्ला बोलते बोलते बोल गए कि- आप भी थोड़ी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करो. इसका जवाब दीपक चौरसिया ने यूं दिया- मुझे नहीं आपकी सरकार को बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए.

राजीव शुक्ला ने फिर घेरना चाहा दीपक को, यह कहकर कि- स्टार न्यूज़ की टीआरपी क्यों गिरी या बढ़ी, क्या इस पर आरटीआई लगनी चाहिए. दीपक चौरसिया का तुरंत जवाब था- नहीं, आरटीआई तो इस पर लगनी चाहिए कि न्यूज़24 की टीआरपी बढ़ी तो आखिर क्यों बढ़ गई? उल्लेखनीय है कि न्यूज24 चैनल की मालकिन राजीव शुक्ला की पत्नी अनुराधा प्रसाद हैं और दीपक चौरसिया इन दिनों स्टार ग्रुप और आनंद बाजार पत्रिका की संयुक्त भागीदारी वाले न्यूज चैनल स्टार न्यूज में कार्यरत हैं.

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें- दीपक और राजीव के बीच नोंकझोंक

Comments on “आरटीआई इस पर लगनी चाहिए की न्यूज24 की टीआरपी बढ़ी तो कैसे बढ़ी!

  • क्रांति says:

    सभी प्राइवेट संस्थान आरटीआई से दायरे में आना चाहिए….चाहे वो सरकार से सहायता ले या ना ले….क्योंकि प्राइवेट संस्थान में भी भ्रष्टाचार और शोषण कम नहीं है..जनता का जहां-जहां प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से योगदान हो….हर जगह सरकार का नियंत्रण होना चाहिए. चाहे वो मीडिया संस्थान ही क्यों ना हो। सरकार का नियंत्रण का मतलब जनता का नियंत्रण होता है। अजय माकन जी लोकतंत्र के सच्चे हिमायती हैं। बीसीसीआई आरटीआई के तहत नहीं आना चाहती है। इससे साफ जाहिर होता है कि बीसीसीआई में भी भ्रष्टाचार और घोटाला है। कैबिनेट में स्पोट्स बिल का विरोध उन्हीं मंत्रियों ने किया जो किसी ना किसी रुप में बीसीसीआई से जुड़े हैं। आखिर क्यों ये यक्ष प्रश्न है जो हर कोई समझता है।

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  • पिछले दिनों झाँसी में news24 के स्ट्रिंगर असद खान के खिलाफ दलित उत्पीडन के एक मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया गया है. जब पीड़ित ने चैनल से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत यह पूछा की झाँसी के संवाददाता का नाम बताये, तो चैनल ने फोन कर आवेदक को यह जानकारी देने में असमर्थता जाहिर की. इस आपराधिक घटना की सूचना चैनल के सभी जिम्मेदार व्यक्तियों को दी जा चुकी है,

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