हिंदुस्तान, रांची से हटाए गए राजेंद्र तिवारी

अपडेटेड : अशोक पांडेय नए संपादक : हिंदुस्तान, रांची के वरिष्ठ स्थानीय संपादक राजेंद्र तिवारी का तबादला चंडीगढ़ के लिए किए जाने की सूचना मिली है.  हिंदुस्तान, रांची का नया संपादक अशोक पांडेय को बनाया गया है जो अभी तक हिंदुस्तान, कानपुर के एडिटर हुआ करते थे. सूत्रों के मुताबिक प्रधान संपादक शशि शेखर कल से रांची में डेरा डाले हुए हैं.

अशोक पांडेय भी कल ही रांची पहुंच गए थे. कल रिपोर्टर्स की मीटिंग में भी अशोक पांडेय शामिल हुए. राजेंद्र तिवारी को हिंदुस्तान, चंडीगढ़ का स्थानीय संपादक बनाए जाने की सूचना है. भास्कर के रांची लांच करने से ठीक पहले हिंदुस्तान में हुई इस उठापटक के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं. अशोक पांडेय को शशि शेखर का बेहद खास आदमी माना जाता है और जब तक शशि शेखर अमर उजाला में रहे, अशोक पांडेय लखनऊ जैसी यूनिट के संपादक रहे.

अशोक पांडेय को हिंदुस्तान में लाकर शशि शेखर लखनऊ यूनिट देना चाहते थे लेकिन अभी तक नवीन जोशी के मजबूती से टिके होने के कारण फिलहाल अशोक पांडेय को कानपुर यूनिट में रहकर संतोष करना पड़ा. पर इधर राजेंद्र तिवारी के लगातार भास्कर समूह से टच में रहने की बात कहकर हिंदुस्तान प्रबंधन ने उनका तबादला कर दिया और इसी मौके का फायदा उठाकर शशि शेखर अशोक पांडेय को रांची जैसी यूनिट दिलाने में कामयाब रहे.

राजेंद्र तिवारी के तबादले को अप्रत्याशित माना जा रहा है. पिछले ही दिनों राजेंद्र तिवारी को इंटरनल एवार्ड भी दिया गया. भास्कर को उसी की रणनीति से मात दिलाने की सफल स्ट्रेटजी भी राजेंद्र तिवारी ने बनाई. पर अचानक ऐसा क्या हो गया कि उनके हाथ से लांचिंग का काम छीन लिया गया और किसी दूसरे संपादक को लाकर बिठा दिया गया.

सूत्रों का कहना है कि राजेंद्र तिवारी पर आरोप है कि वे भास्कर प्रबंधन के काफी करीब थे और उनका भास्कर प्रबंधन के लोगों से लगातार मिलना-जुलना और बतियाना हो रहा था. इसके प्रमाण मिलने के बाद हिंदुस्तान प्रबंधन ने उन्हें रांची से हटा दिया क्योंकि प्रबंधन भास्कर के आने पर कोई खतरा मोल लेने के मूड में नहीं था. जो भी आशंकाएं दिखीं, उसका निपटारा प्रबंधन ने तुरंत करने का फैसला ले लिया.

हिंदुस्तान, कानपुर का काम कौन संपादक संभालेगा, यह अभी तय नहीं हो सका है क्योंकि अशोक पांडेय को आनन-फानन में रांची पहुंचने के लिए कहा गया था. उधर, मनोरजंन सिंह ने हिंदुस्तान दिल्ली ज्वाइन करने और कुछ दिनों तक ट्रेनिंग लेने के बाद रांची पहुंच गए हैं. वे हिंदुस्तान के नए आने वाले टैबलायड का काम संभाल रहे हैं.

Comments on “हिंदुस्तान, रांची से हटाए गए राजेंद्र तिवारी

  • mahesh singh says:

    sir,pranam
    badhai sweekar ho.
    mai ab pareshaan ho gayaa hoon aapake ashirvaad ke saath
    mahesh singh,fatehpur

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  • BIJAY SINGH says:

    BHAIYA RAJENDRA tiwari JI ye vyapar hai.ranniti se maat to de di aapne bhaskar ko ,par sambhandh kahe rakhe rahe.pata nahi hai ki akhbaar wale ek jagah se dusri jagah jane pa management kahta hai ki ab pahle wala akhbaar apkja dushman ho gaya to bhaiya dosti kahe rakhe ho.
    jara sambhal kar chaliye na.waise ranchi ki apechcha chandigarh to bahut badhia jagah hai.RANCHI me JHARKHAND ke jokaron se hi pala padega jayiye shanti se chandigarh me maja kijiye.
    congratulations.
    BIJAY SINGH
    JAMSHEDPUR

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  • rajesh vajpayee unnao says:

    nasir bhai tum apni kabliyat k bal par nahi 65 hazar ka injection key bal par hindustan may tike ho jo tum as a stringer medical beet lucknow k dauran up state head ko har mahiney balrampur va sgpgi say vyastha karva k lagvatein rahe ho. jyada khush mat ho bahut jald aapki khusi dugni hogi.

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  • rajesh vajpayee unnao says:

    sailendraji apni socho jo mahesh pandey ko har mahiney 15 hazar nazrana dekar 5 saal hindustan may stringer baney rahe. kumbhkaran mara gaya ab vijaydasmi tak ravan bhi nahi bachega.tab mai ayodha may apna rajyabhisek karvavoonga.samjhe kutte.jaha chahna nipat lena daura daura kar maroonga.

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  • rajesh vajpayee unnao says:

    nasir n sailendra bhai no need to worry I have submitted our resignaton to HR hindustan delhi through RE kanpur.now be happy.
    rajesh vajpayee incharge KDA,NAGAR NIGAM,JALSANSTHAN,UPSIDC N UPSIC BEET,Be happy both of you gentleman.

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  • pradeep srivastava says:

    भाई अशोक पण्डे जी हार्दिक बधाई हो.
    प्रदीप श्रीवास्तव
    09848997327

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  • Swami Nandan Verma says:

    Tiwari jee shayad ishi ko kahte hain jaisi karni baishi bharni. kuchh din pahle jankari mili thi ki ramgarh office me reporter ki baithek ho rahi thi. ush din H.T.media me bigat kai barso se kam kar rahe bureou sahit kayie reporter ki chhuthi kar di gayi. lekin sabshe taklifdeh baat yah rahi ki baithek me ek reporter ko bina karan ke yah kahkar baeijat kar ke bahar kar diya. ki hame aapki jaroorat nahi hai. vsnandan,ramgarh[b][/b]

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  • kanpur me to khushi ka mahaul hai. kai log to naveen ji ka khas banne ke liye abhi sa kahne lage hai ki mara pramotion tai. kuch ne to kanpur ke kai patrakaro sa resume collect karna bhi shuru kar diya ki ab mera raj hoga. ashok pandey ka nahi aur na hi unke logo kao jo yahan jame hai. kyuki maine naveen ji ki bahut seva kari hai. fal to milega hi. dainik jagran kanpur ki taraf se in logo ko badhai.

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  • जबसे यह खबर सुनी, मन बेचैन है। भास्कर की राह आसान हो गई रांची में लेकिन मेरी चिंता यह नहीं है। मेरी चिंता है कि मैनेजमेंट इतना कुत्सित और घृणित काम करके एक मेहनती और ईमानदार संपादक को क्या जतलाना चाहता है। क्या वह बताना चाहता है नूतन प्रयोग और कंटेट पर काम करने वाले संपादकों की जरूरत हिंदुस्तान को नहीं है, अखबार कबाड़ हो तो हो। क्या हिंदुस्तान के मैनेजमेंट को वह सब दिखाई नहीं देता जो पूरी रांची को दिखाई दे रहा था। क्या हिंदुस्तान प्रबंधन को यह दिखाई नहीं दिया कि कैसे प्रभात खबर के संपादकीय में खलबली मची हुई थी। खैर जो भी हो, रांची को और झारखंड को नुकसान हुआ है और सबसे बड़ा झटका है यहां के पत्रकारों के लिए। जो शायद कभी इस बात को महसूस न पाएं।

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  • yashvendra singh says:

    Bhai aap ne to ek hi jhatkey me Rajendra Tiwai ko Pradkar, Prabhash joshi aur Rajendra Mathur bana dala. Hindustan ko dikhai nahi de raha aapki baat ko maan bhi loon to ye bataiye ki Bhaskar ne en saheb ko akhbaar se hatakar Bhaskar.com me kyon dhakel diya tha. Indore ho ya Panipat janha rahey sab jagah ke logo se to poocho. Prabahat Khabar ko kanhi koi dent nahi pahuncha enke karan, ye kori afwaah hai.

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  • राजेंद्र माथुर बहुत बड़ा नाम है। मैं ऐसी कोई तुलना करके माथुर साहब का कद नहीं छोटा कर सकता। लेकिन मैने जो बात लिखी है वह सच है। दूसरी बात यह कि ईमानदारी से हर बेइमान और काले दिल का आदमी डरता है। जहां तक बात है, प्रभात खबर की, मैं तो यशवंत जी से आग्रह करूंगा कि वे झारखंड के पत्रकारों से बात करके सच सामने लाएं।

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  • Ramesh Bhardwaj says:

    Paiso se kaam karte hai ye Ranchi Edition wale Sr. Editors, is loktantra me chauthye sataan pe hai media, parantu kya karige ge shahab ye editor ki galtiyaaan, nahi hoti haaaamari desh (india ) hi aieesi hai paisoon ke tale kisi majboor laaachaar bebes nagrik ko dabate hai ye media, lekin phir bhi log inse umid lagayee bhaithe hain ki kuch desh,aur sammaj ke liye bhi kuch karen parantu, kyon kare ge eisa, kala dhan ki kamaai jo aaati hai, mai pure chhalenge ke saath ye kahta hoon, media se bada chor koi hai hi nahi, jis kisi bhi news dene ho to 2000 Rs chaiye inko, bus ab kya likhoon doston yahi hai democracy. thanks,

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