बजट में नहीं महंगाई की दवाई

राजेंद्र तिवारीवर्ष 2011-12 के लिए सोमवार को पेश किए गए बजट प्रस्तावों का मुख्य फोकस विकास की रफ्तार बनाए रखने की है भले ही इसके लिए महंगाई का दंश जनता को क्यों न झेलना पड़े। केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने बजट भाषण में माना भी इन प्रस्तावों का मुख्य लक्ष्य आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखने का है। आम आदमी के सामने महंगाई की जो जबरदस्त चुनौती है, वित्तमंत्री ने बजट में इस पर अंकुश की कोशिश नहीं की है।

जाना अतुल भाईसाहब का

राजेंद्र तिवारीविश्वास नहीं हो पा रहा कि अतुल भाईसाहब नहीं रहे। पांच माह पहले नोएडा में मिलना हुआ था। वे चिंतित थे। उन्होंने कहा कि हिंदी अखबार भेड़चाल की माफिक चलते हैं। कभी सब लोकल कवरेज के पीछे पड़े थे तो अब लोकल कवरेज में अपमार्केट कंटेंट का रट्टा चल रहा है। कोई अखबार मालिक या संपादक इससे इतर कुछ करने को तैयार नहीं। जो लोग अपमार्केट का विरोध करते हैं, उनको समझ ही नहीं है कि अखबार में कैसे पूरे समाज को संबोधित किया जाए। यह सब बात करते हुए वे 1996 वाले अतुल माहेश्वरी जितना उर्जावान-उत्साह से भरे नहीं बल्कि हताश-टूटे हुए नजर आ रहे थे।

काम के दबाव ने पत्रकार को बनाया अपाहिज

लखनऊ में टाईम्स ऑफ इंडिया को लंबे समय तक सेवा देने वाले और वर्तमान में उत्तराखंड के देहरादून में इनसाइट एक्सप्रेस साप्ताहिक और दूरदर्शन पर हिलवाणी चैनल चलाने वाले राजेन्द्र तिवारी को काम के दबाव ने बीमार और अपाहिज बना दिया है।

राजेश बादल – राजेंद्र तिवारी से सीख सको तो सीखो

: दोनों ने मुश्किल दिनों में हिम्मत नहीं छोड़ा, हार नहीं मानी, क्रिएटिव बने रहे : राजेश बादल राज्यसभा टीवी में वरिष्ठ पद पर पहुंचे तो राजेंद्र तिवारी प्रभात खबर को देंगे अपनी सेवाएं : इसलिए भी बधाई दें क्योंकि इन दोनों ने बीते महीनों में अपने करियर के सबसे मुश्किल दिन देखें हैं और आज वे फिर से नई पारी शुरू कर चुके हैं. एक ऐसी पारी जिसमें दोनों ने नई ऊंचाई हासिल की है. राजेंद्र तिवारी प्रभात खबर के साथ जुड़ गए हैं, लेकिन अप्रत्यक्ष तरीके से. उन्होंने विनिंग स्टोक्स नामक कंपनी ज्वाइन की है जो अपनी सेवाएं प्रभात खबर समेत कई अखबारों को मुहैया कराती है. यह मीडिया कंसल्टेंसी कंपनी है. इसके संस्थापक विप्लव बनर्जी हैं जो कई अखबारों में काम कर चुके हैं. इस कंपनी के न्यूज पार्ट, कंटेंट पार्ट के सर्वेसर्वा बनाए गए हैं राजेंद्र तिवारी. कंपनी की तरफ से राजेंद्र तिवारी प्रभात खबर, रांची में जाकर कई मोर्चों पर काम करने लगे हैं. सोच सकते हैं कि जो शख्स हिंदुस्तान, रांची में शीर्ष पद पर रहा हो और वह उसी रांची शहर में प्रभात खबर जैसे अखबार से जुड़ जाए तो इसका जबर्दस्त फायदा प्रभात खबर को मिलेगा. न्यूज रूम ट्रेनिंग से लेकर विरोधी अखबारों से उम्दा कंटेंट देने के गुर राजेंद्र तिवारी प्रभात खबर के लोगों को सिखाएंगे. तो राजेंद्र तिवारी ने प्रभात खबर ज्वाइन किया है, लेकिन अलग तरीके से, अलग कंपनी के जरिए.

पंचोली व प्रभात के तबादले की चर्चा जोरों पर

: राजेंद्र तिवारी अमर उजाला, लखनऊ के संपादक बनने की चर्चा : अमर उजाला में कुछ उठापटक होने की चर्चा अंदरखाने जोरों पर है. कहा जा रहा है कि राजेंद्र तिवारी अमर उजाला, लखनऊ के नए संपादक के रूप में ज्वाइन कर सकते हैं. इंदुशेखर पंचोली का तबादला अमर उजाला, बरेली के स्थानीय संपादक के रूप में किया जा सकता है. बरेली के आरई के रूप में काम देख रहे प्रभात सिंह को नोएडा भेजे जाने की तैयारी है. ये तीनों चर्चाएं एक-एक कर कल दोपहर से फैलनी शुरू हुई.

राजेंद्र तिवारी का हिंदुस्तान से इस्तीफा

झारखंड से स्थानांतरित किए गए वरिष्ठ स्थानीय संपादक राजेंद्र तिवारी ने हिंदुस्तान अखबार से इस्तीफा दे दिया है। हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशिशेखर ने मई में उनको चंडीगढ़ जैसे छोटे संस्करण में स्थानांतरित कर दिया था।

राजेंद्र कभी नहीं रहे शशि के आदमी!

राजेंद्र तिवारीकहानी दिलचस्प होती जा रही है. जिस राजेंद्र तिवारी को शशि शेखर ने संस्थान के साथ दगाबाजी व विश्वासघात का आरोप लगाकर अचानक झारखंड के स्टेट हेड पद से हटाकर चंडीगढ़ पटक दिया, उस राजेंद्र तिवारी के बारे में सबको यही मालूम है कि उन्हें हिंदुस्तान में लेकर शशि शेखर आए थे. शशि शेखर के ज्वाइन करने के बाद राजेंद्र तिवारी ने हिंदुस्तान ज्वाइन किया, यह तो सही है लेकिन यह सही नहीं है कि राजेंद्र तिवारी को शशि शेखर हिंदुस्तान लेकर आए. हिंदुस्तान, दिल्ली में उच्च पदस्थ और शशि शेखर के बेहद करीब एक सीनियर जर्नलिस्ट ने भड़ास4मीडिया को नाम न छापने की शर्त पर कई जानकारियां दीं. इस सूत्र ने भड़ास4मीडिया को फोन अपने मोबाइल से नहीं बल्कि पीसीओ से किया क्योंकि उसे भी डर है कि कहीं फोन काल डिटेल निकलवा कर और विश्वासघात का आरोप लगाकर उसे भी न चलता कर दिया जाए.

तो इसलिए गाज गिरी राजेंद्र तिवारी पर!

कभी गंभीर-गरिष्ठ साहित्यकारों के हवाले थी पत्रकारिता तो अब सड़क छाप सनसनियों ने थाम ली है बागडोर : झारखंड के स्टेट हेड और वरिष्ठ स्थानीय संपादक पद से राजेंद्र तिवारी को अचानक हटाकर चंडीगढ़ भेजे जाने के कई दिनों बाद अब अंदर की कहानी सामने आने लगी है. हिंदी प्रिंट मीडिया के लोग राजेंद्र पर गाज गिराए जाने के घटनाक्रम से चकित हुए. अचानक हुए इस फैसले के बाद कई कयास लगाए गए. पर कोई साफतौर पर नहीं बता पा रहा था कि आखिर मामला क्या है. लेकिन कुछ समय बीतने के बाद अब बातें छन-छन कर बाहर आ रही हैं.

हिंदुस्तान, रांची से हटाए गए राजेंद्र तिवारी

अपडेटेड : अशोक पांडेय नए संपादक : हिंदुस्तान, रांची के वरिष्ठ स्थानीय संपादक राजेंद्र तिवारी का तबादला चंडीगढ़ के लिए किए जाने की सूचना मिली है.  हिंदुस्तान, रांची का नया संपादक अशोक पांडेय को बनाया गया है जो अभी तक हिंदुस्तान, कानपुर के एडिटर हुआ करते थे. सूत्रों के मुताबिक प्रधान संपादक शशि शेखर कल से रांची में डेरा डाले हुए हैं.

टीम में ‘किलिंग इंस्टिंक्ट’ बढ़ा रहे राजेंद्र तिवारी

[caption id="attachment_17268" align="alignleft"]राजेंद्र तिवारीराजेंद्र तिवारी[/caption]भास्कर के रांची पहुंचने की तैयारियां तेज हो गई हैं. भास्कर के आने से एलर्ट रांची के बड़े अखबारों में क्या कुछ चल रहा है, यह जानने के लिए भड़ास4मीडिया ने इन अखबारों के कुछ लोगों से संपर्क साधा. इन लोगों ने अपने अखबार और अपने संपादकों के बारे में काफी कुछ बताया. सबसे पहले हिंदुस्तान, रांची के बारे में जो जानकारी मिली, उसे यहां पेश किया जा रहा है, एक रिपोर्ट : रांची में हिंदुस्तान अखबार अपने रंगरूप और सामग्री को तेजी से बदल रहा है। हिंदुस्तान की टीम भी पूरे जी-जान से जुटी हुई है। सबसे कनिष्ठ पत्रकार से लेकर संदीप कमल व चंदन मिश्र तक। हिंदुस्तान एडीटोरियल में धीरे-धीरे जो किलिंग इंस्टिंक्ट बढ़ती जा रही है, उसके पीछे वरीय स्थानीय संपादक राजेंद्र तिवारी हैं।

हिंदस्तान, रांची का चीफ रिपोर्टर हुआ बागी

[caption id="attachment_17259" align="alignleft" width="71"]सुधाकरसुधाकर[/caption]शशि शेखर एंड कंपनी के कारण हिंदुस्तान का एक पुराना विकेट बागी हो चुका है. नाम है सुधाकर चौधरी. हिंदुस्तान, रांची में चीफ रिपोर्टर हुआ करते थे. शशि शेखर के दिल्ली और राजेंद्र तिवारी के रांची पहुंचने के बाद से उन्हें हिट लिस्ट में डाल दिया गया. उन्हें पहले चीफ रिपोर्टर के काम से हटाकर रिपोर्ट बनाने फिर समीक्षा के काम में जोता गया. सुधाकर वही हैं जिन्होंने झारखंड के डीजीपी द्वारा सीक्रेट सर्विस फंड (नक्सली अभियान के सीक्रेट फंड) से करोड़ों रुपये निकाले जाने की खबर ब्रेक की थी.

झारखंड में ‘हिंदुस्तान’ के 10 साल पूरे

झारखंड में अपने 10 साल पूरे होने पर ‘हिंदुस्तान’ अखबार में कल अभिनव प्रयोग किया। मुख्य अखबार को विशेष जैकेट के भीतर प्रस्तुत किया गया और ‘विजन झारखंड 2020’ नाम से 20 पेज का विशेष परिशिष्ट दिया गया। जैकेट पर आह्वान किया गया कि ‘आइए लें विकास की कदमताल का संकल्प’।

हरिनारायण बोले- अलविदा हिंदुस्तान

सीनियर आरई पद से इस्तीफा : सन्मार्ग ज्वाइन करने के आसार : प्रिंटलाइन में राजेंद्र तिवारी का नाम : खबर है कि हरिनारायण सिंह ने हिंदुस्तान, रांची के स्थानीय संपादक पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें 17 नवंबर को चंडीगढ़ में बतौर सीनियर रेजीडेंट एडिटर हिंदुस्तान में ज्वाइन करना था लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। वे कहां जा रहे हैं, इसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा सन्मार्ग रांची की है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें सन्मार्ग, रांची में सलाहकार संपादक पद का आफर लेटर मिल गया है। बताया जाता है कि उनकी दैनिक जागरण में कई राउंड बात चली पर कुछ फाइनल नहीं हो पाया। जागरण के संपादक और निदेशक संजय गुप्ता व सुनील गुप्ता से रांची व दिल्ली में हरिनारायण सिंह की बात होने की खबर है। पर इन मुलाकातों-बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकल पाया। एक चर्चा दैनिक भास्कर में जाने की थी लेकिन भास्कर अभी बिहार-झारखंड के प्रोजेक्ट को मुल्तवी किए हुए है। उधर, रांची में राजेंद्र तिवारी के कार्यभार संभालने के बाद उनका प्रिंटलाइन में नाम जाने लगा है। 6 नवंबर से झारखंड के सभी संस्करणों में संपादक के रूप में राजेंद्र तिवारी का नाम गया।

हरिनारायण सिंह भेजे गए चंडीगढ़, राजेंद्र तिवारी जाएंगे रांची

हिंदुस्तान में कई बदलाव : हिंदुस्तान में शीर्ष लेवल पर कई बदलाव किए गए हैं। हिंदुस्तान, रांची के रेजीडेंट एडिटर हरिनारायण सिंह का तबादला कर दिया गया है। उन्हें प्रमोट करके सीनियर आरई बना दिया गया है और चंडीगढ़ में सीनियर आरई (नार्थ) के रूप में ज्वाइन करने के लिए कहा गया है। इसी तरह हाल ही में भास्कर से इस्तीफा देकर हिंदुस्तान ज्वाइन करने वाले राजेंद्र तिवारी को सीनियर आरई के रूप में रांची जाकर ज्वाइन करने के लिए कहा गया है।

भास्कर और डीबी स्टार के भोपाल एडिटरों का तबादला

दिल्ली में राजेंद्र तिवारी का काम देखेंगे राजेश उपाध्याय : अहमदाबाद में डीबी स्टार लांच कराने के बाद डीबी स्टार, इंदौर का एडिशन देखेंगे महेश लिलोरिया : भास्कर समूह से दो बड़ी खबरें हैं। दैनिक भास्कर, भोपाल और डीबी स्टार, भोपाल के संपादकों का तबादला कर दिया गया है। डीबी स्टार, भोपाल के एडिटर महेश लिलोरिया को फिलहाल अहमदाबाद भेजा जा रहा है। वे अहमदाबाद में डीबी स्टार की लांचिंग कराएंगे। उनके लौटने तक डीबी स्टार, इंदौर के एडिटर विजय सिंह चौहान भोपाल और इंदौर, दोनों एडिशनों का काम देखेंगे। सूत्रों के मुताबिक महेश जब अहमदाबाद से लौटकर आएंगे तो उन्हें डीबी स्टार, इंदौर का चार्ज दिया जाएगा और इंदौर देख रहे विजय सिंह चौहान को भोपाल का संपादक बना दिया जाएगा।

क्या हिंदुस्तान से जा रहे हैं हरिनारायण सिंह?

रांची में ढेर सारी अफवाहें हैं। हर पत्रकार कुछ न कुछ भविष्यवाणी करता नजर आ रहा है। केंद्र में हैं दैनिक हिंदुस्तान, रांची के स्थानीय संपादक हरिनारायण सिंह। उनकी विदाई की बातें हो रही हैं। वरिष्ठ स्थानीय संपादक पद पर हिंदुस्तान ज्वाइन कर रहे राजेंद्र तिवारी के बारे में लोग कहते घूम रहे हैं कि वे झारखंड के हेड के तौर पर रांची में बैठेंगे। जाहिर है, तब हरिनारायण सिंह को राजेंद्र तिवारी को रिपोर्ट करना पड़ेगा। लोग कहते हैं कि ऐसी स्थिति हरिनारायण सिंह बर्दाश्त नहीं करेंगे और खुद इस्तीफा दे देंगे। दूसरी चर्चा यह है कि कई तरह के आरोपों में घिरे हरिनारायण को प्रबंधन पहले ही पद से हटा देगा। उसके बाद उनकी जगह राजेंद्र तिवारी की ताजपोशी कराई जाएगी। पर ऐसा होने की संभावना कम बताई जा रही है। जिस शख्स ने हिंदुस्तान को झारखंड में शून्य से शिखर पर पहुंचाया, उसकी बेआबरू वाली विदाई प्रबंधन कतई नहीं चाहेगा क्योंकि इससे प्रबंधन को भी लेने के देने पड़ सकते हैं। यह संभव है कि राजेंद्र तिवारी को हरिनारायण के उपर बिठाकर और चारों तरफ से घेराबंदी कराकर यह संकेत दे दिया जाए कि वे खुद चले जाएं अन्यथा उनके दिन बुरे होते चले जाएंगे।

राजेंद्र तिवारी हिंदुस्तान में सीनियर आरई बनेंगे

राजेंद्र तिवारीपांच साल बाद भास्कर को बाला गुडबॉय : भास्कर समूह के डिजिटल विंग आईएमसीएल (आई मीडिया कारपोरेशन लिमिटेड) के एडिटर के रूप में दिल्ली में काम देख रहे राजेंद्र तिवारी ने संस्थान से नाता तोड़ने वाले हैं। वे नई पारी की शुरुआत एचटी मीडिया के साथ शुरू करने जा रहे हैं। वे हिंदुस्तान अखबार में सीनियर रेजीडेंट एडिटर के रूप में ज्वाइन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक हिंदुस्तान अखबार अपने विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। इसी के तहत सीनियर रेजीडेंट एडिटर पद पर राजेंद्र तिवारी को लाया गया है। हिंदुस्तान अखबार में अभी सीनियर आरई के रूप में केवल दो लोग काम कर रहे हैं। एक हैं प्रमोद जोशी, जो दिल्ली हिंदुस्तान के सीनियर आरई हैं और दूसरे हैं नवीन जोशी जो हिंदुस्तान, लखनऊ के सीनियर आरई हैं। सूत्रों के मुताबिक राजेंद्र तिवारी ने भास्कर प्रबंधन को मौखिक तौर पर अपनी नई पारी के बारे में जानकारी दे दी है। राजेंद्र तिवारी भास्कर में पिछले पांच वर्षों से कार्यरत हैं। उन्होंने भास्कर ग्रुप अप्रैल 2004 में ज्वाइन किया। पहले में मैनेजिंग डायरेक्टर के साथ कारपोरेट एडिटोरियल में कार्यरत थे। बाद में उन्होंने भास्कर, भोपाल का कार्यकारी संपादक बनाया गया।

राजेंद्र तिवारी दिल्ली आए, अवनीश जैन नए आरई

राजेंद्र तिवारीदैनिक भास्कर, इंदौर के स्थानीय संपादक राजेंद्र तिवारी को भास्कर समूह ने नया काम सौंपा है। उन्हें एडिटर (नेशनल कंटेंट) बनाकर दिल्ली में भेजा गया है। वे भास्कर ग्रुप की सभी चार वेबसाइटों का काम देखने के अलावा डिजिटल व प्रिंट के बीच इंटीग्रेशन का दायित्व भी निभाएंगे। दैनिक भास्कर, इंदौर के स्थानीय संपादक का दायित्व अब अवनीश जैन निभा रहे हैं। वे इंदौर में ही भास्कर समूह के टैबलायड डीबी स्टार के संपादक थे। इंदौर में डीबी स्टार का काम डिप्टी न्यूज एडिटर विजय सिंह चौहान देख रहे हैं।