समाचार पत्र के स्ट्रिंगर पर जानलेवा हमला

एक और पत्रकार संगठित अपराध चला रहे दबंगो के कहर का शिकार हुआ है। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में राज एक्सप्रेस के स्ट्रिंगर हरि ओम मिश्रा पर दर्जन भर बदमाशों ने उस वक़्त हमला किया, जब वो चित्रकूट के जानकी कुंड अस्पताल जा रहे थे। हरि ओम मिश्रा कुछ दिनों से ज्वर से पीड़ित थे और अपने इलाज के लिए अस्पताल गए थे लेकिन वहीं उन पर इस तरह हमला किया गया कि अब वो अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। हमलावरों के दुस्साहस की यह स्थिति थी कि मंगलवार को यह वारदात उस समय अंजाम दी गई जब अस्पताल में खूब चहल पहल रहती है।

और तो और, वहां से नया गांव के एसडीओपी का बंगला भी महज 100 मीटर की दूरी पर था। हरिओम मिश्रा पर हॉकी, डंडों और देसी तमंचों से लैस गुंडों ने हमला किया और उनको गंभीर रूप से घायल कर छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि हमलावर किसी राष्ट्रीय पार्टी के कार्यकर्ता है और खुलेआम गांजे के अवैध व्यापार में लिप्त है। पीड़ित पत्रकार ने इस पुलिसकर्मियों की मदद से चल रहे इस गोरखधंधे के बारे में कुछ छानबीन करनी चाही और उनका ये हाल किया गया। बताया जा रहा है कि अपराधी इतने दबंग हैं कि पुलिस भी उन के खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

पुलिस के नाकारपन का ये हाल है कि खुद पुलिस अधिकारियों ने मिश्रा जी को किसी तरह की एफआईआर न करवाने की सलाह दे डाली है। दरअसल सूत्र बताते हैं कि इन हमलावरों ने पहले मिश्रा जी को अपने खिलाफ़ कुछ भी न लिखने की धमकी दी थी और फिर हमला करवाया। यही नहीं बड़ी मशक्कत के बाद जब रिपोर्ट लिखी गई तो पुलिस ने दबंगों के साथ मिलकर उस इंसान के खिलाफ़ ही फ़र्ज़ी मुकदमा दर्ज करवा दिया जो कि अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। बाकी पुलिस ने न तो अब किसी भी तरह की गिफ्तारी की है और न ही करने के मूड में दिख रही है।

पत्रकारों पर हो रहे हमलों की कड़ी में ये एक और हमला है और एक और कहानी है कि किस तरह स्ट्रिंगरों को ज़्यादातर संस्थान पत्रकार मानते ही नहीं….कैमरे पर हाथ भर मार देने को मीडिया पर हमला बताने वाले संस्थान जिस तरह से स्ट्रिंगरों की उपेक्षा करते हैं उसकी ये एक बानगी भर है। सभी संस्थानों को चाहिए कि इस मामले में पहल करें और हरिओम मिश्रा की मदद के लिए आगे आएं और कम से कम राज्य के स्ट्रिंगरों से तो उम्मीद की ही जा सकती है कि वो अपने इस साथी की मदद करेंगे। हरिओम मिश्रा के परिजनों से संपर्क करने के लिए उनका मोबाइल नम्बर 09179726184 है।

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Comments on “समाचार पत्र के स्ट्रिंगर पर जानलेवा हमला

  • hemantmishra says:

    chitrakoot me faile gundaraj ko mayawati dadua jaise dasyu sargana ke khatme ke bad khatam man rahi hai.lekin waha ki isthati jas ki tas hai.media bhi waha ki khabaro ko pramukhta nai deti .yahi karan hai ki wahan ki police khud ko sabse bada gunda manti hai.hari om ji ki is halat par sabhi media sansthano ko aawaz uthani chahiye.aaj unhe nisana banaya gaya kal hamari bari bhi ho sakti hai.

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  • arvind singh says:

    raj expres k reporter ki yah halat, chhote akhwaro ke reporters kya hoga ……….jogo bandu jago .police biki huyi h … aapni rachhchha khud kare

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  • Ghanshyam krishana says:

    U.p. kee government hijado jaisaa kaam kar rahee.Dhikkar hai aise state per jahaa media worker asurachhit hai.Per patrkaaro thodaa dhyaan apnee ijjat per bhee do .Kahee dalaalee ke chakkar mai apneeijjat na kho baithana.

    09897164100

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  • chandra kumar gzp says:

    press ke logo per hamle hona koi nai bat nahi hai. sachhai ko ujagar karne ke liye bahut manhgi kimat ada karni pad sakati. ye ham sab jante hai. per fir bhi ham usse pichhe nahi hatate.kyoki ham patrakar hai.

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