भास्कर में प्रतिभा पलायन का दौर शुरू!

मनोज पमार और अजय गर्ग के इस्तीफा देने की चर्चा : दोनों के हिंदुस्तान ज्वाइन करने के कयास : ऐसा लग रहा है कि दैनिक भास्कर से प्रतिभा पलायन का दौर शुरू होने वाला है। कई प्रतिभाशाली पत्रकारों के जल्द ही संस्थान छोड़ने की खबरें भड़ास4मीडिया के पास पहुंच रही हैं। हालांकि ये खबरें अभी अपुष्ट हैं लेकिन सूत्र जोर देकर कह रहे हैं कि भास्कर के कई महत्वपूर्ण विकेट जल्द ही गिरेंगे। पता चला है कि दैनिक भास्कर, चंडीगढ़ में कार्यरत अजय गर्ग और दैनिक भास्कर, ग्वालियर में कार्यरत मनोज पमार ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है। ये लोग दैनिक हिंदुस्तान ज्वाइन करने जा रहे हैं। दैनिक हिंदुस्तान, लखनऊ से जुड़े भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि अजय गर्ग दैनिक हिंदुस्तान, मेरठ में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन करेंगे जबकि मनोज पमार दैनिक हिंदुस्तान, आगरा में न्यूज एडिटर बनेंगे। सूत्र बता रहे हैं कि इन दोनों के इंटरव्यू हो चुके हैं और नियुक्ति पत्र भी मिल चुका है। अगले कुछ दिनों में ये भास्कर को अलविदा कहने वाले हैं। ज्ञात हो कि मनोज पमार और अजय गर्ग दैनिक भास्कर टैलेंट पूल के सदस्य हैं। यह टैलेंट पूल भास्कर समूह ने अपने प्रतिभाशाली पत्रकारों को चिन्हित कर बनाया था। मनोज पमार इन दिनों दैनिक भास्कर, ग्वालियर में एडिशन कोआर्डिनेटर के रूप में काम देख रहे हैं।

अजय गर्ग दैनिक भास्कर, चंडीगढ़ में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। अजय जालंधर, भोपाल, चंडीगढ़ आदि शहरो में विभिन्न अखबारों में काम कर चुके हैं। मनोज पमार को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से शुरू किए गए रतनलाल जोशी पत्रकारिता पुरस्कार मिल चुका है। वे रामनाथ गोयनाक एक्सीलेंस एवार्ड के प्रिंट कैटगरी में भी नामित किए जा चुके हैं।

सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों भास्कर समूह में जो बदलाव किए गए, जिसके तहत कल्पेश याज्ञनिक को पूरे ग्रुप के एडिटोरियल की कमान सौंप दी गई, उसके कारण भास्कर के अंदर कार्यरत कई वरिष्ठ पत्रकारों में बेचैनी है। कुछ लोग नए माहौल में खुद को मिसफिट पा रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि भास्कर ग्रुप के संपादकीय विभाग में ज्यादातर लोग श्रवण गर्ग के दौर में नियुक्त किए गए और नए निजाम में वे अपना तादात्म्य स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। कई काम करने वाले लोग भी नए माहौल में खुद को एडजस्ट नहीं कर पा रहे। इसके कारण इधर-उधर भागने की तैयारी में जुटे हैं। फिलहाल हिंदुस्तान ही एक ऐसा समूह है जो विस्तार की योजनाओं पर लगातार काम कर रहा है, इसलिए बेहतर लोगों को हिंदुस्तान में अच्छे-खासे पैकेज पर नियुक्ति मिल रही है। भास्कर के भोपाल मुख्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में इस समूह के कई बड़े विकेट गिर सकते हैं। 

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *