संवाददाता ने दी शहादत

अजय तिवारी
अजय तिवारी
एक दुखद खबर आ रही है. सहारा समय एनसीआर न्यूज चैनल के संवाददाता अजय तिवारी की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि अजय आज शाम दिल्ली के द्वारका इलाके में लगी आग के कवरेज के लिए गए हुए थे. भीषण आग पर काबू पाने के लिए दमकल की दर्जन भर से ज्यादा गाड़ियां वहां उपस्थित थीं. अजय और उनके पत्रकार साथी व कैमरामैन कवरेज के लिए आग लगे इलाके के नजदीक बढ़ने लगे. इसी दौरान आग से धधक रहे गोदाम में रखा गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. सिलेंडर के धमाके के कारण आसपास की पूरी दीवार नीचे गिर गई. इसी दीवार के नीचे अजय तिवारी दब गए. उन्हें जब तक निकालने और बचाने की कोशिश की जाती, उनकी मौत हो चुकी थी. अजय पत्रकारिता की राह पर चलते हुए शहीद हो गए.

अपने जान की परवाह न करते हुए भी घटनाक्रम को कवर करने के लिए खतरनाक इलाके में घुस गए अजय को एहसास भी न था कि मौत उनके बिलकुल करीब है. अजय के साथ गए कई पत्रकारों के भी घायल होने की खबर है. पता चला है कि इस हादसे में इंडिया न्यूज का एक स्ट्रिंगर भी गंभीर रूप से घायल हो गया है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अजय की मौत की खबर मिलते ही दिल्ली की मीडिया शोकाकुल हो गई. अजय की उम्र 35 से 40 के बीच में बताई जा रही है. गरीब परिवार के अजय की मौत से उन्हें जानने वाले गमज़दा हैं.

अजय का पूरा नाम अजय कृष्ण तिवारी बताया जा रहा है. वे बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले थे. दिल्ली में वे उत्तम नगर इलाके में नवादा मोहल्ले में रहते थे. परिवार में इनका तीन साल का बेटा है और पत्नी हैं. इंडिया न्यूज का जो स्ट्रिंगर घायल हुआ है उनका नाम मदन मोहन तंवर है. उनके हाथ में फ्रैक्चर बताया जा रहा है. अजय के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है और न ही उनकी कोई तस्वीर प्राप्त हुई है. अगर आपमें से कोई भी अजय कृष्ण तिवारी के बारे में कुछ जानता हो या उनकी तस्वीर आपके पास हो तो इसे भड़ास4मीडिया के पास भेज सकते हैं. आप मेल भेजने के लिए bhadas4media@gmail.com का सहारा ले सकते हैं.

संवाददाता अजय की मौत पर भड़ास4मीडिया टीम बेहद दुखी है. हम इस पत्रकार साथी के परिजनों को यह दुख सहन करने के लिए संबल प्रदान करने की प्रार्थना उपर वाले से करते हैं. ये स्ट्रिंगर-संवाददाता-रिपोर्टर साथी ही न्यूज चैनलों की रीढ़ होते हैं और इन्हें बेहद आर्थिक तंगी और खतरों के बीच जीना पड़ता है. अजय ने कवरेज करते हुए अपनी जान की बाजी लगाकर पत्रकारिता में सक्रिय लोगों के सामने नजीर पेश की है. अजय के माद्दे, जज्बे और शहादत को हम सलाम करते हैं.

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Comments on “संवाददाता ने दी शहादत

  • rizwan raza says:

    bahut dukh huwaye jankar ajay ji ki atma ko parmatama shanti de om shanti RIZWAN RAZA email =riz.nun@gmail.com

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  • yashwantji patrakaro ke liye kiya gaya aapaka is tarah ka prayash sarwatha wandaneeya hai,kyonki patrakaar bhale duniya bahr ke logo ki musibat ke liye kuchha sochata rahe ya unako madatkarane ka prayash karata rahe ,lekin hakikat yahi hai ki patrakaar ke liye koi bhi nahi sochata.sir kisi patrakaar ki takleef sunakar bahut peeda hoti hai kyunki usaki madat ham kar hi nahi paate. aaj patrakaar bahut badi badi bate karate hai to kyo aisa nahi karate ki kendra sarakaar koi aisa kosha bana de jisase kisi bhi patrakaar ko arthik sahayata mil sake. aur usake nahi rahane par usake ashrito ko poori tarah se aarthik madat mil sake. jisase unhe pareshaan na hona pade.sirf bate karane se kuchha nahi hota,koi thos pryayash hona chahiye. nahi to isi tarah gareeb patrakaro ke maraneke baad unake ashrito ke samane roti ke lale padate rahenge.patrakaro ki peeda kuchha kam nahi hai. usaka bayan nahi kiya jaa sakata.kahi wetan nahi mil raha hai to kahi mil bhi raha hai to itana jisame patrakaa ke pariwaar ka gujaara tak nahi ho paa raha. ab mumbai jaise shahar me yek samachar patra samooh ke patrakaar ko agar 5000=6000 wetan milega to wo jiyega ki marega,lekin koi nahi hai poochhane wala. sab ghut-ghut kar jee rahe hai.yasawantji please sabhi patrakaar bahiyo ke liye aisa kuchha kariye jisase unaka bhi jeewankhusahaal ho sake.

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  • kuldip Bhardwaj says:

    भाई जी एक बात है जो मुझे परेशान कर रही है …….एक शीर्षक है भड़ास पर “स्ट्रिगर की शहादत “क्या हम इसे “पत्रकार ” नहीं कह सकते ??….एक तरफ तो चैनल की रीढ़ कहरहे है और दर्जा “स्ट्रिगर”का ..हो सकता है कुछ और वजहे हो ..पर पत्रकार की शहादत लिखते तो मरने वाले की रूह को सुकून मिलता .

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  • खबर दिल को दुखाने वाली है, लेकिन सच्‍चाई ने तो अजय को अपनी आगोश में ले ही लिया है। मेरी प्रभू से यही कामना है कि उनके परिवार को इस दुख को झेलने की हिम्‍मत प्रदान करें। उसके साथ ही यह जानने की जिज्ञासा अवश्‍य रहेगी कि जिस जियाले ने अपनी जान अपने संस्‍थान के नाम कर दी उसने उसके परिवार के साथ क्‍या किया साथ ही सरकार के दावों को भी देखना है।

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  • अजय वाकई बहुत नेक इंसान थे…….भगवान उन्के परिवार को ये दुख सहने की शक्ति दे…………….हम सभी पत्रकार साथियों की तरफ से उन्हें श्रद्दाजलि

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  • अजय एक नेक इसान और जुझारू पत्रकार थे….भगवान उन्के परिवार को ये दुख सहने की शक्ति दे…………तुम बहुत याद आओगे अजय…

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  • Jeet Bhati says:

    es ghatna ko pdhne ke baad bda dukh hua h.
    Patrkarita ke bde-bde maharatiyon ho ske to kuchh sikh lo.
    Yashwant ji aap inhe bhi Patrakar ke naam se sambhodit krte
    to jyada jayej lagta koi apni pasand se stringer ya patrakar nhi bnta
    kaam dono ek hi krte hai, ye to lalao ke fnde hai.
    Ishwar inki aatma ko shanti de.

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  • rajesh vajpayee unnao says:

    upendraji ajay tiwari ki shahadat sahara waley kam say kam aapki leadership may nahi bhooleyengay aisa hum pradesh kay patrakaro ko bharosa hai.varna kuch mahiney pahley tak stringer sirf nirodh samajha jata raha hai . hum sabhi ajayji kay dukhi parijano kay saath khadey hai aur pure man say ajay kay parijano ki tan man dhan say sahayata heytu utsuk hai.

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  • sarvjeet bawa journalist says:

    पत्रकारिता की राह पर चलते हुए शहीद सहारा समय एनसीआर न्यूज चैनल के स्ट्रिंगर अजय तिवारी के जज्बे और शहादत को हम सलाम करते हैं.

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  • humlog budhjeevee kahlate hain, jan hatheli par lekar chalte hai army ki tarah. marne ke bad milta kya hai… painam… parivar ko tarap, lachar zindgi…

    kya milega ajay tiwari ke pariwar ko… pta nahi insurance hoga ya nahi.

    Aise karmjivi logo k liye kyu na ek fund banaya jaye aur dhundh-dhundh ke kuchh madad karen, gilahri ki tarah ek ret ka kan v lanka ke setu banane men yogdan de paya to jivan dhany hoga.

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  • योगराज शर्मा says:

    अजय तिवारी का जाना निश्चित तौर पर मीडिया जगत के बहुत दुखद बात है… मैने तो अजय तिवारी के साथ सहारा समय एनसीआर चैनल में अपने रिपोर्टिंग के दिनों में काम किया है.. बहुत ही निर्भिक और इमानदार पत्रकार थे… पश्चिमी दिल्ली इलाके की कोई खबर हो पूरा मीडिया बाद में पहुंचता, अजय तिवारी वहां पहले मौजूद होते थे… फिर पूरे मीडिया के साथियों की हर संभव मदद करना और उनका मधुर स्वभाव उनकी खासियत थी… कल भी आग की कवरेज करते हुए उन्होंने और उनके एक साथी मदनमोहन तंवर ने ही साहस दिखाया और घटनास्थल के नजदीक तक पहुंचे… लेकिन शायद मृत्यु ही उन्हें वहां तक खींच कर ले गई.. दूसरे रिपोर्टर के भी हाथ में फ्रेक्चर आया… हम सभी मीडिया कर्मी अजय तिवारी के जज्बे को सलाम करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं… और परम पिता परमात्मा से उनकी आत्मा को शांति देने के लिए प्रार्थना करते हैं…

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  • ashish p says:

    अजय तिवारी का जाना निश्चित तौर पर मीडिया जगत के बहुत दुखद बात है भगवान उन्के परिवार को ये दुख सहने की शक्ति दे…………सभी पत्रकार साथियों की तरफ से उन्हें श्रद्दाजलि

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  • sandhya roychoudhary says:

    bahut dukhed khabar hai. aisa kisi ke bhi sath ho sakta hai. sahara group karodon main khelta hai. cricket players ke uper lakhon luta deten hain hai . ajay ke liye yadi sahara group kuch nahin karega to yeh unki insaniyat per karara tamacha hoga. Yashwant ji aap sahara balon tak meri bat pahuncha den aur ajay ke liye koi appel karen.

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  • vijay ahuja says:

    अजय की मोत पर रुद्रपुर के पतरकार भी बहुत दुखी है पर उससे जयादा दुःख भड़ास मीडिया पर यह खबर पढने पर हुआ की एक
    स्ट्रिंगर ने दी शहादत जिसमे
    भड़ास मीडिया उस चेनल का नाम भी लिखने की हिम्मत नहीं जुटा पाया ,जिस चेनल में अजय कम करता था / विजय आहूजा .रुद्रपुर

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  • यशवंत says:

    कुछ साथियों के सुझाव को देखते हुए शीर्षक से स्ट्रिंगर शब्द हटाकर संवाददाता शब्द कर दिया गया है, जो कि उचित भी है. प्रत्येक पत्रकार साथी जो मीडिया से जुड़ा है, वह संवाददाता या पत्रकार ही है. आभार
    यशवंत

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  • Jiwan Jyoti says:

    News coverage ke liye sahara ke Reporter Ajay ji ne maut ko bhi gale se laga liya. Lekin ab unke parivar ko kaun dekhega aur kaun unhe sambhalega. ye ek aisa sawal hai jiska jabab hum sab ko milker khojna hoga.

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  • gulshan saifi says:

    patarkar bandhuo,
    ajay tiwari ki mout ek dukhad ghatna hai.par ish ghatna ne kei swal khade kiye hai jinke jawab dhoodna sabki jimmedari hai.aakhir stinger kab tak apna khoon bahate rahenge. jabki time par payment bhi nahi milti aaj kam karo aur apne baccho ko check lene bhejna padega swal ye hi ki aisi sthitiyo me bhi patarkar apni jaan ki bazi laga kar news de rahe hai aur ghatna ke bad channel kitna sath dega ye apne aap me ek bada swal hai.
    patarkar ajay ka ek teen sal ka beta hai.uttam nagar ke mohan garden ilake me rahte the.maine sekdo story ajay ke sath kawar ki hai.ajay ek nekdil aur mehnati insan tha .i love ajay i miss u ajay
    aapka chhota bhai
    gulshan saifi

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  • gulshan saifi says:

    yashwant ji jankari durust kijiye ajay ka beta teen saal ka hai.aur ghar nahi godam me cyllender blast hua hai.

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  • यशवंत says:

    गुलशन जी, करेक्शन करा दिया. ध्यान दिलाने के लिए आभार. दरअसल यह खबर कल रात में शुरुआती सूचनाओं के बाद प्रकाशित की गई थी. अब अपडेट मिल रहा है तो इसे सुधारा जा रहा है.
    यशवंत

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  • gulshan saifi says:

    yashwant ji
    ajay tiwari hamare time india tv network ke office me aksar aate the.har karmchari
    se unke madhur sambhand the.koi bhi yakeen nahi kar pa raha hai ki ajay hamare beech nahi hai.bhagwan unke pariwar ko dukh se ladne ki taqat de
    aapka ransingh chaudhary

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  • gaurav aaj dhukhi hai uska sathi ajay ab ish dunia mai nahi raha.pure time india tv network ki aur se sardhanjali.

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  • Kuldeep Singh says:

    Bhai Ajay Tiwari ke jaane ki khabar se hum sabhi unke poorv sahyogi bahut dukhi hain. Bhagwan unki atma ko shanti pradan kare aur unke parivar ko is dukh ko sehan karne ki shakti pradan kare.

    KULDEEP SINGH
    PUNJAB KESARI
    DELHI

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  • vivek upadhaya says:

    ranbhumi me apni jaan dene vale ko shahid kahlate hai. ajay bhai ke liye mot hona na likh kar veergati ko prapt hona likhna jyada achha shabd hoga. jis tarah sainik ko veergati prapt hone par sarkar duara unke pariwar valo ko medal diye jate hai usi tarah ajay ji ke pariwar ke liye bhi medal milna chaiye. is pehal ke liye sabhi mediakarmiyo ke liye agge akar mang karna chaiye. ant me ajay ji jajbe ko dil se salam. VIVEK BERASIA BHOPAL

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  • brijesh sivastava ncr says:

    शनिवार 1 मई को मैने अपने शो दिल्ली दिल से के लिए सभी फील्ड रिपोर्टर्स की मीटिंग बुलाई जिसमें अजय तिवारी भी शामिल हुए.दरअसल इसमें कैमरे से जुड़ी कुछ बारीकियों के बारे में जानकारी दी जानी थी.हमेशा की तरह अजय के होंठों पर मुस्कान और सवालों के ढेर थे.क्यों मुझे बार बार लग रहा है कि अच्छे शॉट्स के बारे में जो कुछ उस दिन बताया गया उसको accident site पर follow करने की कोशिश कर रहे थे ?क्या मुझे ये क्लास नहीं रखनी चाहिए थी ?बाद में उन्होंने मेरे साथ कुछ स्टोरीज़ भी discuss कीं.नहीं मालूम था कि ये मेरी उनसे अंतिम मुलाकात है.जब से उन्होंने सहारा join किया मेरे साथ खासा जुड़ाव रहा.खासकर जब मैं इनपुट देख रहा था उस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव से जुड़ी कई बेहतरीन स्टोरीज़ कीं.कई बार मैंने उन्हें देर रात भी भेजा उन्होंने कभी ना-नुकुर नहीं की.दिल्ली दिल से के लिए भी उन्होंने कई दिल को छू जाने वाली स्टोरीज़ कीं..फोन पर…”सर परणाम”…कह कर उनका अभिवादन करना कानों में रह रह कर गूंज रहा है.विश्वास करना मुश्किल है कि वो आवाज़ अब दोबारा कभी नहीं सुन पाउंगा.भगवान उस नेक दिल इंसान की आत्मा को शांति दे और परिवार को हौसला.
    ब्रिजेश श्रीवास्तव सहारा समय एनसीआर :-*

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  • sanjiv kaushal dharamshala says:

    यशवंत जी आपने स्ट्रिंगर को किसी भी मिडिया संगटन की रीढ़ की हड्डी बताया है, सब लोग इस बात से इतेफाक रखते होंगे. अजय ने तो शोट्स के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी पर क्या उसका चैनल अजय के परिवार के लिए भी कुछ करेगा. …………………?

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  • MOHAMMAD FARIYAD says:

    MAUT USKI HAI JISKA KARE JAMANA AFSOS, WARNA YON TO SABHI AAYE HAI DUNIA MAI MARNE KE LIYE……….ALVIDA AJAY ALVIDA…………….

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  • अमित गर्ग. राजस्थान पत्रिका. बेंगलूरू. says:

    केवल शहादत को सलाम कर किसी भी सूरत में अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता. खुदा अजयजी की आत्मा को शांति और उनके परिवारजनों को इस कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करे.
    उन्होंने अपना काम कर दिखाया. अब हमारी बारी है. अजयजी के बाद उनके परिवारजनों को संभालना है? मीडिया और उससे जुड़े सभी लोग सोंचें कि यह कैसे संभव होगा.
    हम लोग अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेरकर कायरों की तरह भाग नहीं सकते.

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  • rajesh vajpayee unnao says:

    yashwantji please ajay tiwari key bank va unka account no blog may jaankari kar flash kijiye hum sabhi patrakaar ajay key betein key liye RTGS dwara vinamra aarthik madat karna chah rahe hai.
    reg.

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  • chaetan anand says:

    ghatna kaphi dukhad hai, lekin ajay ne apni duty ko jaan dekar anjaam tak pahunchaya, unke jazbe ko mera salaam, bhagwan unke pariwaar ki raksha kare, yashwant ji agar unke pariwaar ki aarthik madad ke liye koi kosh bana len to mera bhi sahyog zaroor lena.

    Reply
  • A.Qidwai says:

    Shaheed Ajay ki aatma ko upar wala shanti de aur unke pariwar walon ko sabr de…Shaheed Ajay k lie aap sab se guzarish ha k unke naam ka dia jalaein aur 2 min ka maun rakhein aur unki atma ki shanti k liye prarthna karein….
    “Shaheed Ajay amar rahein”

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  • ashish gupta says:

    dekhte hai sarkari davo ki pol kholne vale channel apne patrkar ki shahadat pr parivar ko kya madad dete hai …………. ajay bhai ko shradhanjli aur tanver ji ko salam

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  • kuldip Bhardwaj says:

    भाई जी तहे दिल से शुक्रिया और आप के सम्मानियें कार्यों में एक और सितारा जुड़ गया ….
    कभी जो ध्वज आप ने उठाया था ..वो आज भी निरंतर उसी अंदाज़ में बढाता रहे ….इसी शुभेक्छा सहित
    आप का अनुज …कुलदीप भारद्वाज

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  • pritpal matta says:

    भगवान अजयजी की आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके घरवालो को इस दुखद घडी से निकलने की शक्ति प्रदान करे.प्रेस क्लब फरीदाबाद की तरफ से अजयजी की शहादत को प्रणाम,यशवंतजी एक बात और आप हमेशा पत्रकार भाइयो की बात को अपने पोर्टल में स्थान देकर उनकी मदद करते रहे है,हमारा आपसे निवेदन है की ऐसे पत्रकार भाइयो के परिवार की मदद करना भी हमारा नेतिक कर्त्तव्य है,आप और हमको उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए और एक फंड के जरिये उनकी मदद करनी चाहिए,क्युकी उनका पूरा परिवार अजयजी के ऊपर ही आश्रित था,यही नहीं उनकी पत्नी या कोई और यदि उनके परिवार में ऐसा कोई है तो किसी नोकरी की भी व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण सही तरह से चलता रहे,यशवंतजी श्रीमदभगवत गीता में लिखा है की कर्म कर फल की चिंता मत कर,अजयजी तो कर्म करते हुए शहीद हो गए,एक पत्रकार सही खबर और बढ़िया शोट बनाने के लिए कई बार अपनी जान को जोखिम में डाल देते है,वो अपना कर्म तभी सही तरीके से निभा सकते है जब उनको पता होगा की उनको अपने बाद अपने परिवार की चिंता करने की जरुरत नहीं है,उनके दूसरे पत्रकार साथी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभायंगे,आपको एक फंड जल्द से जल्द बनाकर उनकी मदद करनी चाहिए,ताकि कोई भी यदि उनकी मदद करना चाहता है तो उस फंड में अपनी मदद डाल सके,यही नहीं उनके चैनल को भी उनके परिवार की मदद करनी चाहिए,एक बार फिर प्रेस क्लब फरीदाबाद की तरफ से अजयजी और उनकी पत्रकारिता को बार बार प्रणाम……..

    – प्रीतपाल माटा
    कैशियर,प्रेस क्लब फरीदाबाद

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  • Ravinder kumar Srivastava jammu says:

    yashwant ji aapne sahi kaha ki stringer channal ki readh ki haddi hote hai par unke baare mein sochta koun hai …. baki meri traf se bhagwan ajay ji ki aatam ko shanti de aur unke pariwar dukh sehn karne ki shakti de …

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  • sunil panchal says:

    ajay tiwary mera sab se pyara dost tha patarkarita ka safar hum dono ne saath suru kiya jaha bhi hum dono ne kaam kiya saath kaam kiya is 10 saal ke period mei pahlee baar wo muge bina bataye khabar karne chala gaya darasal har khabar par mai hee camera operate karta tha dukh sukh hum dono ne ek saath baate muge to viswas hee nahi ho raha hai kee wo chala gaya hai ab bhi muge wo lagta hai kee wo muge pukarega kee chal sunil khabar karne chalte hai yashwant jee hum ek dusre ko chobe jee kah kar pukarte the bhagwan uskee aatma ko shanti de

    Reply
  • ANIL SANWAL says:

    AJAY JE KE SAHADAT PAR HUM SABKI AANKHE NAM HUE. BHAGWAN UNKE PARIWAR KO ES DUKH KO SAHAN KARNE KE SKTI DE.

    ANIL SANWAL, ALMORA

    Reply

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