धन्ना सेठों के बिगाड़े न बिगड़ेगी किस्मत

नई पहल के लिए आप भी सेठी और जैन को शुभकामनाएं दें : ज़िंदगी तो गुरु चलती रहती है. धन्ना सेठों के बिगाड़े नहीं बिगड़ता किसी का नसीब. कुछ दिनों का संकट आ सकता है, थोड़ी परेशानियां आ सकती हैं पर इन मुश्किलों में जो हिम्मत नहीं हारते और कुछ नया रचने-करने की कोशिश करते हैं जमाना उन्हीं के कदमों में होता है. पिछले दिनों छंटनी व बंदी के कारण बेरोजगार हुए दो पत्रकारों ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की है. उनकी नई ज़िंदगी का हर क्षण उनका अपना होगा.

श्योराण को छोड़ूंगा नहीं : नरेंद्र वत्स

[caption id="attachment_17239" align="alignleft" width="71"]नरेंद्र वत्सनरेंद्र वत्स[/caption]कुलदीप बिश्नोई की राजनीति चमकाने के लिए हिसार से सांध्य दैनिक ‘पांच बजे’ निकाल रहा है कुलदीप श्योराण : ‘अभी-अभी’ अखबार बंद कराने के लिए पुलिस से जबरन पंगा लिया : चुनाव में साफ-साफ कहा गया था कि जो पैसा न दे उसके खिलाफ जमकर लिखो : श्योराण ने आर्थिक मदद देने वाले अपने अप्रवासी भारतीय मित्र को भी छला : 

‘अभी-अभी’ अखबार बंद

सवा दो सौ मीडियाकर्मी बेकार : स्वार्थ-लालच ने बिठा दिया अखबार का भट्ठा : पक्षपाती रवैए से दोस्त बिदके, दुश्मन हजार बने : पुलिस वालों से बिना मतलब पंगा ताबूत में आखिरी कील : हरियाणा में जोरशोर से निकला एक अखबार अब पूरी तरह बंद हो गया है. ‘अभी-अभी’ नाम के इस अखबार के एक कर्मचारी ने बहुत पहले एक मेल भड़ास4मीडिया को भेजा था जिसमें लिखा था- ‘अभी-अभी’ अखबार में सेलरी मिलती है ‘कभी-कभी’.