सूचना मांगने वाले खुद भी पारदर्शी बनें

सूचना अधिकार कार्यकर्ता मनीष सिसोदिया ने ‘अपना पन्ना’ (सूचना अधिकार की मासिक पत्रिका) के माध्यम से सूचना अधिकार की लोकप्रियता और इसके मार्ग में बाधा को लेकर एक सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण से यह बात सामने आई कि देश भर में सूचना के अधिकार की शक्ति से जन-जन को परिचित कराने में मीडिया ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सर्वेक्षण में 54 फीसदी लोगों ने माना कि उन्हें सूचना अधिकार कानून की जानकारी प्रिंट मीडिया से हुई। अर्थात अखबार और पत्रिकाओं ने उन्‍हें इस कानून से परिचित कराया। 09 फीसदी लोगों को इस कानून के संबंध में पहली जानकारी टीवी से प्राप्त हुई। 09 फीसदी लोग ऐसे भी थे, जिन्‍हें रेडियो ने बताया कि सूचना का अधिकार है क्या? 13 फीसदी लोगों को इसकी जानकारी किसी स्वयं सेवी संस्थान और 13 फीसदी लोगों को यह जानकारी मित्रों और सगे संबंधियों से मिली।

प्रशांत, अभिषेक समेत 50 के करियर पर कुल्हाड़ी

टीवी9, मुंबई से अजीत साही के जाने के बाद प्रबंधन ने एक झटके में जिन कई वरिष्ठों को कार्यमुक्त किया है उनमें प्रशांत टंडन, अभिषेक उपाध्याय, सुभाष शिर्के, ताराकांत द्विवेदी उर्फ अकेला आदि के नाम हैं. अनिरुद्ध यादव हाल-फिलहाल ही बिजनेस भास्कर छोड़कर टीवी9, मुंबई पहुंचे थे और उन्हें भी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. अफरोज आलम अपने अब्बा के इंतकाल पर गांव-घर गए थे, उसी दौरान उनको भी टीवी9 से हटा दिया गया. करीब 50 लोगों को नौकरी से निकाला गया है.