117 करोड़ की अमर उजाला-डीई शॉ डील की ईडी जांच करे : आरबीआई

रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि वह 117 करोड़ रुपये की अमर उजाला-डीई शॉ डील में विदेशी विनिमय नियमों के उल्लंघन के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराए. अमर उजाला ने अमेरिकी कंपनी डीई शा पर आरोप लगाया है कि उसने डील में धोखाधड़ी की है. रिजर्व बैंक आफ इंडिया को दिल्ली हाईकोर्ट ने डीईशा- अमर उजाला मामले की सुनवाई के दौरान अपनी राय देने के लिए नोटिस जारी किया हुआ था. इस प्रकरण से संबंधित पीटीआई की खबर इस प्रकार है–

अमर उजाला और डीई शॉ के झगड़े की चर्चा दुनिया भर में

अमर उजाला और डीई शॉ के बीच का विवाद अब ग्लोबल होता जा रहा है. विदेशों में भी इसकी खबरें छपने लगी हैं. वाल स्ट्रीट जर्नल में नुपूर आचार्य की एक खबर छपी है जिसमें उन्होंने ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म डीई शॉ एंड कंपनी का पक्ष प्रमुखता से रखा है. डीई शॉ ने वर्ष 2007 में करीब 18 फीसदी स्टेक प्रिंट मीडिया कंपनी अमर उजाला में खरीदा था. इसके बदले डीई शॉ ने अमर उजाला को करीब 1.17 बिलियन रुपये (38.2 मिलियन डालर) अदा किए.

अमर उजाला में अमर उजाला से धोखाधड़ी की खबर

डीई शॉ और अमर उजाला के बीच चल रही लड़ाई में कल दिल्ली हाईकोर्ट ने जो आदेश दिए, उसके बारे में अमर उजाला में आज खबर प्रकाशित हुई है. खुद अपने बारे में अपने यहां खबर प्रकाशित कर अमर उजाला प्रबंधन ने स्वस्थ पत्रकारिता का परिचय दिया है लेकिन दुर्भाग्य यह कि इसके पहले जितने विवाद अमर उजाला घराने में हुए, उससे संबंधित खबरें अमर उजाला में प्रकाशित नहीं की गईं.

बिना आदेश देश न छोड़ें अतुल माहेश्वरी

दिल्ली की एक अदालत ने रिश्वत कांड मामले में चार आरोपियों को जमानत दे दी है. साथ ही इन्हें बिना इजाजत देश से बाहर न जाने को कहा है. स्पेशल सीबीआई जज एएस यादव ने कहा कि 50-50 हजार रुपये के दो बांड भरवाकर अतुल माहेश्वरी, हर्षवर्धन लोढ़ा, विकास शुक्ला और अंकुर चावला को जमानत दे दी गई है. इस प्रकरण के बारे में आउटलुक की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर इस प्रकार है-

अतुल माहेश्वरी, अंकुल चावला, वासुदेवन हाजिर हों!

[caption id="attachment_18518" align="alignleft" width="71"]अतुल माहेश्वरीअतुल माहेश्वरी[/caption]: कोर्ट ने अमर उजाला के मालिक अतुल माहेश्वरी और कंपनी लॉ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आर. वासुदेवन समेत पांच को 24 नवंबर को तलब किया : अमर उजाला के सर्वेसर्वा बनने की चाहत अतुल माहेश्वरी को कहीं का नहीं छोड़ रही है. कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) में रिश्वत देकर अमर उजाला के मालिकों के झगड़े में फैसला अपने पक्ष में कराने की कोशिश अतुल माहेश्वरी पर भारी पड़ने लगी है. सीबीआई की तरफ से दाखिल चार्जशीट को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली की एक अदालत ने पांचों आरोपियों को अदालत में अगली सुनवाई पर हाजिर होने को कहा है.

चार्जशीट वाली खबर किसी हिंदी अखबार में नहीं

कितना बुरा हाल है हिंदी मीडिया का. अमर उजाला के मालिक के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर कर दी, और इसकी खबर सभी हिंदी अखबार और न्यूज चैनल पी गए. किसी अखबार में एक लाइन नहीं. अगर कहीं भूले भटके होगी भी तो उसमें अमर उजाला और अतुल माहेश्वरी का नाम न होगा. इंटरनेट पर गूगल व याहू के न्यूज सेक्शन में जब सीबीआई, अंकुर चावला, अतुल माहेश्वरी, चार्जशीट आदि हिंदी शब्दों के जरिए खबरों को तलाशा गया तो कोई रिजल्ट न आया.

अतुल माहेश्वरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) रिश्वत कांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी की पटियाला हाउस स्थित अदालत में दाखिल किया गया. चार्जशीट में अमर उजाला के निदेशक अतुल माहेश्वरी, सीएलबी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष आर. वासुदेवन, कंपनी सेक्रेटरी मनोज बंथिया, चार्टर्ड एकाउंटेंट हर्षवर्धन लोढा, सीएलबी में अमर उजाला के वकील अंकुर चावला और विकास शुक्ला के नाम हैं.

अशोक अग्रवाल ने किया अतुल पर मुकदमा

: साथ में सीबीआई को भी कोर्ट में घसीटा : सुनवाई आज होगी : अमर उजाला समूह के मालिक अतुल माहेश्वरी फिर नई मुसीबत में फंसने जा रहे हैं. उन्हें अमर उजाला ग्रुप के चेयरमैन अशोक अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में घसीटा है. साथ ही सीबीआई पर भी मुकदमा ठोका है. सूत्रों के मुताबिक अशोक अग्रवाल ने अपनी याचिका में सीबीआई पर अतुल माहेश्वरी के मामले में ढील बरतने, अतुल पर कंपनी विवाद निपटाने में अनैतिक तरीके अपनाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं.