करकरे पर लिखी गई किताब पर मुकदमा

: पूर्व आईजी ने लिखी है यह किताब : हालिया रिलीज एक किताब  ‘हू किल्‍ड करकरे? द रियल फेस ऑफ टेरिरिज्‍म इन इंडिया’ अपने विवादित कंटेंट की वजह से सुर्खियों में है. मुंबई  पर हुए  आतंकवादी हमले के घटनाक्रमों पर लिखी गई पूर्व आईजी एसएम मुशर्रिफ की इस किताब पर मुकदमा दर्ज हुआ है. नवी मुंबई निवासी एन्‍वे सतपुते ने पूर्व आईजी मुशर्रिफ और किताब को पब्लिश करने वाली कंपनी फैरोस मीडिया एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर की थी.

आईबीएन7 ने भेजा भड़ास को नोटिस

खबर दिखाने-लिखने वालों की खबरें छपें, ये मीडिया के कई मठाधीशों को पसंद नहीं. इन मठाधीशों का वश चले तो वेब-ब्लाग वालों का गला दबा दें. फिलहाल ये लीगल नोटिस भेजकर डराने-धमकाने जैसा काम कर रहे हैं. कभी मृणाल पांडेय ने नोटिस भेजकर डराया-धमकाया तो कभी स्टार वाले नोटिस भेजकर डराते हैं तो अब आईबीएन7 वालों को घबराहट हो रही है और नोटिस भेजकर खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. पता है, आईबीएन7 वालों को क्या बुरा लगा है?

बर्नी के बारे में पीएमओ से जानकारी मांगी

सहारा समूह के उर्दू अखबार ”रोजनामा राष्ट्रीय सहारा” के ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उनके खिलाफ मुंबई की अदालत में याचिका दायर करवाने वाले वीवी जोशी ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत एक अप्लीकेशन डालकर अजीज बर्नी से संबंधित दो जानकारियां मांगी हैं। पहली जानकारी में पूछा गया है कि उन देशों का नाम बताया जाए जहां अजीज बर्नी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ यात्रा पर गए थे। दूसरा सवाल पूछा गया है कि उस अधिकारी का नाम बताया जाए जिसने अजीज बर्नी का नाम पीएम के साथ जाने वाले पत्रकारों की लिस्ट में शामिल किया था। इस संबंध में भड़ास4मीडिया के पास जो मेल आई है, वह इस प्रकार है-

गंभीर आरोपों से घिरे ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी

[caption id="attachment_15492" align="alignleft"]अजीज बर्नीअजीज बर्नी[/caption]जाने-माने पत्रकार और सहारा समूह के उर्दू अखबार ”रोजनामा राष्ट्रीय सहारा” के ग्रुप एडिटर अजीज बर्नी बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में क्रिमिनल सूट फाइल किया गया है। नवी मुंबई के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 31 वर्षीय रिसर्च स्कालर और सोशल एक्टिविस्ट वीवी जोशी की तरफ से एडवोकेट प्रशांत मग्गू ने सूट फाइल किया। 156 (ए) के तहत दायर सूट में आईपीसी की सात धाराएं लगाई गई हैं जो सभी देशद्रोह से संबंधित हैं। 7 अगस्त को दायर वाद में कहा गया है कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों को लेकर देश के आठ शहरों (नोएडा, कोलकाता, मुंबई, गोरखपुर, पटना, लखनऊ, बेंगलोर, हैदराबाद) से प्रकाशित होने वाले उर्दू अखबार ‘रोजनामा राष्ट्रीय सहारा’ में लगातार देश विरोधी खबरें प्रकाशित हुईं। इन खबरों में कहा गया कि मुंबई पर आतंकी हमला पाकिस्तान ने नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों ने करवाया।