पायनियर में खबर छपने के बाद चंदन मित्रा पर चीख रहे थे ए. राजा

: भ्रष्टाचार की आदर्श प्रतिमूर्ति शरद पवार पर कई गंभीर आरोप : राडिया ने बताया- शरद पवार और उनका कुनबा चला रहा है शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी : माननीय शरद पवार का पेट बहुत बड़ा है. जाने कितना कुछ हजम कर जाते हैं और डकार भी नहीं लेते. नीरा राडिया ने शरद पवार के कुछ कच्चे चिट्ठे खोले हैं. उसने कई बातें सीबीआई को बताई हैं. वह सरकारी गवाह बन चुकी है. इस कारण वह अब सब कुछ बता देना, उगल देना चाहती है.

पायनियर हिंदी लांच, कई लोग जुड़े

: 16 पेज के अखबार में दो पेज रंगीन, दाम दो रुपये : लखनऊ में आज पायनियर हिंदी बाजार में आ गया. कल शाम इसकी लांचिंग प्रधान संपादक व मालिक चंदन मित्रा ने की. भाजपा सांसद चंदन मित्रा ने पायनियर हिंदी के प्रकाशन पर आमुख भी लिखा है. अखबार का दाम 2 रुपये रखा गया है. संडे को यह तीन रुपये का होगा. 16 पेज के अखबार में सिर्फ फ्रंट व बैक कलर है, बाकी श्वेत-श्याम.

चंदन मित्रा का अपराधबोध

चंदन मित्रा। लेफ्टिस्टि से राइटिस्ट बने। पत्रकार से नेता बने। इस वक्त संपादक और सांसद, दोनों हैं। पिछले दिनों भाजपा ने मध्य प्रदेश से उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किया और चंदन मित्रा निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। इस तरह चंदन दूसरी बार रास पहुंचने में कामयाब हो गए। पर चंदन मित्रा को लेकर जो सबसे बड़ा सवाल उठता रहा है कि वे एक पार्टी की तरफ से सांसद होने के साथ साथ एक ऐतिहासिक अंग्रेजी अखबार द पायनियर के एडिटर इन चीफ भी हैं। कैसे यह उम्मीद हम कर सकते हैं कि भाजपा के सांसद चंदन मित्रा का असर संपादक चंदन मित्रा पर नहीं पड़ेगा? यह सवाल चंदन मित्रा के पीछे तबसे पड़ा है, जबसे वे यह दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

तरुण विजय और चंदन मित्रा को रास टिकट

दो पत्रकार राज्यसभा पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं. ये हैं तरुण विजय और चंदन मित्रा. पत्रकारिता में संघ-भाजपा की बोली बोलने के लिए मशहूर तरुण विजय को भाजपा ने उत्तराखंड से प्रत्याशी घोषित किया है.

बंगाल पुलिस का छल जायज : चंदन मित्रा

[caption id="attachment_15933" align="alignleft"]वर्कशाप को संबोधित करते चंदन मित्रावर्कशाप को संबोधित करते चंदन मित्रा[/caption]पायनियर के संपादक बोले- पत्रकारिता के पेशे की आड़ लेकर की गई गिरफ्तारी गलत नहीं : वैचारिक प्र‎तिबद्धता निष्पक्ष पत्रकारिता के कभी आड़े नहीं आती- राजनाथ सिंह सूर्य : लखनऊ में विश्व संवाद केन्द‎ द्वारा संचालित जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान में तीन दिनी पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पायनियर के सम्पादक और राज्यसभा सदस्य चंदन मित्रा शामिल हुए। चंदन ने अपने भाषण में कई बातें कहीं। वामपंथी से दक्षिणपंथी बने चंदन ने नक्सलवाद और माओवाद से जुड़े चक्र‎धर महतो और कोबाद गांधी की गिरफ्तारी पर मीडिया में उठे बवंडर पर अपना स्टैंड बयान किया। उन्होंने कहा कि कोई आदमी बहुत योग्य हो या धनी हो तो उसके अपराध कम नहीं हो जाते। एक साल में हुई छह हजार हत्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है?