स्टाफ न तोड़ने का समझौता!

भास्कर से निपटने को रांची में गले मिले हिंदुस्तान व प्रभात खबर : रांची से खबर है कि भास्कर के ‘आपरेशन झारखंड’ को देखते हुए आपस में दुश्मन रहे दो अखबारों ने अब हाथ मिला लिया है. ये हैं प्रभात खबर और दैनिक हिंदुस्तान. सूत्रों की मानें तो इन दोनों अखबारों में तय हो गया है कि वे एक दूसरे के संस्थान से स्टाफ नहीं तोड़ेंगे. रांची में प्रभात खबर नंबर वन अखबार है जबकि हिंदुस्तान नंबर दो है. तीसरे नंबर पर जागरण है.

भास्कर ने मुकाबले का ऐलान किया

बिहार, झारखंड और यूपी खबरों के लिए वेबसाइट पर अलग सेक्शन : गूगल की ओर से जागरण की बजाय भास्कर को प्राथमिकता : बिहार के मैदानी और झारखंड के पहाड़ी और पठारी इलाके हिन्दी के प्रमुख अखबारों के घमासान का अखाड़ा बनने की ओर बढ़ रहे हैं. बिहार में जहां हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण का दबदबा है तो झारखंड में प्रभात खबर मार्केट लीडर है.

भास्कर, रांची पहुंचे पवन और अभय

रांची में दैनिक भास्कर की लांचिंग की कवायद तेज हो गई है. भर्तियां शुरू हो गई हैं. ताजी सूचना के अनुसार हिंदुस्तान, इलाहाबाद के मार्केटिंग व सेल्स के दो मैनेजरों को भास्कर ने अपने पाले में कर लिया है. इनके नाम हैं पवन गोस्वामी और अभय सिंह.