निहार कोठारी ने पत्रिका कर्मियों पर कई पाबंदियां थोपीं!

: गुलाब कोठारी संपादकीय प्रकरण से मचे विवाद के बाद मेल के जरिए दी गई नसीहत : आदरणीय यशवंत जी,  पत्रिका समूह से संबंधित खबर प्रकाशित करने के लिए धन्यवाद. उस खबर के भड़ास पर छपने के बाद पत्रिका के सभी कर्मचारियों को निहार कोठारी के हस्ताक्षर वाला एक ईमेल मिला है जिसमें आंतरिक ईमेल के विवेकपूर्ण प्रयोग की सलाह दी गयी है. किसी तरह की जानकारी न बांटने की सलाह दी गयी है. किसी को मेल फॉरवर्ड करने पर पाबन्दी लगा दी गयी है.

भड़ास पर पत्रिका समूह में पाबंदी

गुलाब कोठारी ने पत्रिका अखबार के पहले पन्ने पर जो विवादित संपादकीय लिखा, उसे और उस पर पत्रकारों की तरफ से आई प्रतिक्रियाओं को भड़ास4मीडिया में स्थान दिया जाना पत्रिका प्रबंधन को शायद नागवार गुजरा है. इसी कारण पत्रिका के सभी संस्करणों में भड़ास4मीडिया को खोलने और देखने पर पाबंदी लगा दी गई है. भड़ास4मीडिया वेबसाइट के पैदा होने के बाद अब तक दर्जनों बड़े छोटे संस्थानों ने इसे अपने-अपने यहां प्रतिबंधित किया.

नौ सौ चूहे खाकर हज को चले गुलाब कोठारी

पत्रकारिता के क्षेत्र में क्षितिज पर बैठकर पत्रिका समाचार पत्र के मालिक गुलाब कोठारी खुद को ईमानदार एवं बाकी सभी सरस्वती पुत्रों को भ्रष्ट की उपाधि प्रदान कर रहे हैं, लेक‍िन कोठारी, उनके सम्पादक व उनके पत्रकार भी कहां दूध के धुले हुए हैं। कोठारी स्वयं अपने गृहनगर की मातृभूमि का कर्ज कभी अदा नहीं कर पाए। देश के कई प्रदेशों में अपना एकाधिकार जमाने की प्रवृति खुद धारण करके वे देश के दूसरे पत्रकारों को भ्रष्ट तंत्र में लिप्त होना बताते है, जो उनके मानसिक दिवालियेपन का द्योतक माना जा सकता है।

पत्रिका समूह राजस्थान के कई शहरों में रियायती दर पर मिले जमीनों को लौटाए

: गुलाब कोठारी की टिप्पणी के खिलाफ जयपुर प्रेस क्लब में हुई बैठक : जयपुर : राजस्थान पत्रिका में आज के अंक में मुख्य पेज पर प्रकाशित अग्रलेख में पत्रकारिता को लेकर की गई टिप्पणी से प्रदेश भर के पत्रकारों में आक्रोश है. इस टिप्पणी को लेकर बुधवार को विभिन्न पत्रकार संगठनों की प्रेस क्लब में एक बैठक हुई. बैठक में विभिन्न पत्रकारों ने राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित लेख पर ऐतराज किया.

गुलाब कोठारी और उनके अखबार ने सरकारी सुविधाएं न ली हों तब बोलें

: पत्रिका में छपे संपादकीय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान : भोपाल। राजस्थान पत्रिका समाचार पत्र समूह के भोपाल से प्रकाशित दैनिक पत्रिका के दो मार्च के अंक में विशेष संपादकीय में पत्रकारों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर प्रदेश के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है और इसके खिलाफ श्रमजीवी पत्रकार संघ के बैनर तले पत्रकारों और गैर पत्रकारों ने शीघ्र ही एक रैली निकालकर अखबार के दफ्तर के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

गुलाब कोठारी के संपादकीय पर राजस्थान के पत्रकारों में मचा बवाल

गुलाब कोठारी पत्रिका समूह के मालिक हैं. वे ऐसे मालिक संपादक हैं जो अपनी बात खरी-खरी कह जाते हैं, भले ही किसी को उनका कहा-लिखा बुरा लगे तो लगे. आज उन्होंने पत्रकारों की ऐसी-तैसी की है. उन्होंने राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित पहले पन्ने पर अपने लंबे संपादकीय लेख में निशाने पर पत्रकारों के वेतन आयोगों, पत्रकार संगठनों और पत्रकारों को रखा है. सही कहा जाए तो गुलाब कोठारी ने एक अखबार मालिक के दर्द को पूरी तरह सामने रखा है.

गुलाब कोठारी को राज्‍यपाल ने सम्‍मानित किया

कोठारी: कई स्‍थानों पर पत्रिका के प्रधान संपादक का हुआ सम्‍मान : पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को राज्‍यपाल समेत कई लोगों ने सम्‍मानित किया. राज्‍यपाल रामेश्‍वर ठाकुर ने राजभवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा और राष्‍ट्रीय एकता कार्यक्रम में मानव सेवा के उत्‍कृष्‍ट कार्यों के लिए गुलाब कोठारी को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्‍मानित किया.

कोठारी जी, क्‍यों झुठला रहे हैं पेड न्‍यूज का सच

आदरणीय श्रीयुत् गुलाब जी कोठारी, प्रधान संपादक, राजस्थान पत्रिका, जयपुर, सादर प्रणाम,  भड़ास के माध्यम से आपको यह पत्र लिख रहा हूं। उचित रहेगा यह कहूं कि अपनी भावनाएं आप तक पहुंचा रहा हूं। भड़ास के माध्यम से ही क्यों, इसकी वजह है जो मैं अगली पंक्तियों में स्पष्ट करने जा रहा हूं। इससे पहले सीधे मुद्दे पर आता हूं। रविवार 9 जनवरी 2011 को पत्रिका के अजमेर संस्करण के मुख पृष्ठ पर एक समाचार था, ‘बडे़ अखबारों में पेड न्यूज शर्मनाक- ठकुरता, पेड न्यूज में राजस्थान पत्रिका का नाम नहीं’। यह समाचार राजस्थान पत्रिका और भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पंडित झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान का कवरेज था।

बड़े अखबार ही मीडिया की नैतिकता भूले : ठकुरता

चिंतक, वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य परंजॉय गुहा ठकुरता का मानना है कि आज पेड न्यूज छाप कर बड़े अखबार ही मीडिया की नैतिकता भूल रहे हैं। यह शर्मनाक है। मीडिया में भ्रष्टाचार व्यक्तिगत से बढ़कर संस्थानिक हो गया है। यह स्थिति देश और समाज के हित में नहीं है। चुनावों के दौरान मीडिया में पेड न्यूज के मामले में भारतीय प्रेस परिषद को चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश करने वाले परंजॉय शनिवार को राजस्थान पत्रिका और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि भोपाल द्वारा आयोजित पं. झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान दे रहे थे।

भोपाल में गुलाब कोठारी ने किसान आंदोलन खत्म कराया

भोपाल से सूचना है कि पत्रिका और पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी ने किसान आंदोलन खत्म करवाने में बड़ी और सकारात्मक भूमिका निभाई. भोपाल में अपनी 183 मांगों को लेकर किसानों ने राजधानी को बंधक बना लिया था. सरकार का तंत्र अस्त व्यस्त हो गया था. उन हालात में सामाजिक सरोकार के तहत पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने मामले को सुखद अंजाम तक पहुंचाया. पत्रिका और कोठारी के इन्हीं प्रयासों के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत मध्य प्रदेश भर से गैर सरकारी संगठन, सामाजिक, व्यापारिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने कोठारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी है. इस प्रकरण के बारे में पत्रिका में प्रकाशित भुवनेश जैन की त्वरित टिप्पणी / स्तंभ इस प्रकार है–

क्या गुलाब कोठारी ने भूमाफिया से सम्‍मान करवाया!

[caption id="attachment_18899" align="alignleft" width="74"]गुलाब कोठारीगुलाब कोठारी[/caption]कुछ दिन पहले तक जिसे भूमाफिया बताकर खबरें छापी, आज उसी से सम्‍मान, उसी की संस्‍थान में प्रोग्राम और उसी संघवी समूह से लाखों का विज्ञापन. वाह कोठारी जी. इंदौर में भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाने का तमगा लेकर घूमने वाले पत्रिका का नया कारनामा है यह. पत्रिका समूह के प्रधान संपादक और संस्‍कार की दुहाई देने वाले गुलाब कोठारी ने 14 दिसम्‍बर को इंदौर में स्‍कूली बच्‍चों के लिए दिशा बोध कार्यक्रम आयोजित किया था.

मीरा ने किया गुलाब कोठारी की पुस्तक का विमोचन

लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार ने सोमवार को पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी की पुस्तक “कृष्ण तत्व की वैज्ञानिकता” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस पुस्तक से नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान और दर्शन से परिचित हो सकेगी। मीरा कुमार बोलीं- पुस्तक में गुलाबजी ने कृष्ण को लेकर अनेक जिज्ञासाओं का निराकरण किया है लेकिन हर निराकरण के पीछे सवाल खड़े हो जाते हैं।

चीफ एडिटर गुलाब कोठारी के दो काव्य संग्रहों का विमोचन

राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के लिखे दो काव्य संग्रहों ‘आद्या’ और ‘स्टेपिंग टू स्प्रिचुएलिटी’ का विमोचन रविवार को जयपुर में हुआ। विमोचन वरिष्ठ कवि बालकवि बैरागी ने किया। कोठारी ने ‘आद्या’ में अपनी एक साल की पौत्री को संबोधित रचनाओं के जरिए जीवन के हर पहलू को छुआ है।