कल्‍याण कुमार बने सी टीवी के हेड

: चैनल के नए कार्यालय के लिए हवन-पूजन हुआ : आगरा से खबर है कि यहां से जल्‍द लांच होने जा रहे सी टीवी के साथ वरिष्‍ठ पत्रकार कल्‍याण कुमार ने अपनी नई पारी शुरू की है. उन्‍हें इस चैनल का हेड बनाया गया है. कल्‍याण कुमार इसके पहले शेखर टाइम्‍स के संपादक थे. दूसरी तरफ चैनल का नया आफिस खोलने के लिए दिल्‍ली रोहित हाउस में हवन पूजन किया गया. चैनल को जल्‍द से जल्‍द लांच करने की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं.

सी टीवी के हेड बने कल्‍याण कुमार शाहजहांपुर में शेखर टाइम्‍स से जुड़ने से पहले दैनिक जागरण, बरेली के संपादकीय प्रभारी थे. कैंटीन को लेकर हुए विवाद के बाद उन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया था. इसके पहले वे वॉयस ऑफ इंडिया के साथ जुड़े हुए थे. जागरण, पानीपत में भी वे वरिष्‍ठ पोस्‍ट पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. जागरण से इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने शेखर टाइम्‍स ज्‍वाइन कर लिया था.

कल्‍याण कुमार ने शेखर टाइम्‍स का साथ छोड़ा, अखिलेश का तबादला

वरिष्‍ठ पत्रकार और शाहजहांपुर से प्रकाशित शेखर टाइम्‍स के सलाहकार संपादक कल्याण कुमार अब इसके हिस्‍से नहीं रहे. तीन महीने का कांट्रैक्‍ट समाप्‍त होने के बाद उन्‍होंने इसे और बढ़ाने से इनकार कर दिया. खबर है कि उनके पास प्रिंट और इलेक्‍ट्रा‍निक मीडिया के दो प्रोजेक्‍ट हैं. उनके एक सप्‍ताह के भीतर किसी एक से जुड़ने की संभावना है. कल्‍याण कुमार गिनती तेजतर्रार एवं सुलझे हुए पत्रकारों में होती है.

कल्‍याण कुमार शाहजहांपुर में शेखर टाइम्‍स से जुड़ने से पहले दैनिक जागरण, बरेली के स्‍थानीय संपादक थे. कैंटीन विवाद के बाद उन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया था. इसके पहले वे वॉयस ऑफ इंडिया के साथ जुड़े हुए थे. जागरण, पानीपत में भी वे वरिष्‍ठ पोस्‍ट पर रहे थे. बताया जा रहा है कि बच्‍चों के शिक्षा सत्र की वजह से उन्‍होंने शेखर टाइम्‍स का सलाहाकार संपादक बनने की हामी भरी थी. अब बच्‍चों की पढ़ाई खतम हो चुकी है.

मात्र चार लोगों की टीम के साथ उन्‍होंने इस अखबार को बढि़या पहचान दे दी थी.  शाहजहांपुर में शेखर टाइम्‍स ने एक अच्‍छी पहचान बना ली है.उनका जाना इस अखबार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इनके नेतृत्‍व में ही शेखर टाइम्‍स को रिलांच किया गया था. इस अखबार के संपादक और प्रकाशक सरदार शर्मा हैं.

हिंदुस्‍तान, बदायूं की इंचार्जी छोड़कर दैनिक जागरण, मुरादाबाद ज्‍वाइन करने वाले अखिलेश शर्मा का तबादला जागरण प्रबंधन ने बरेली कर दिया है. दो महीने पहले ही उन्‍होंने मुरादाबाद में ज्‍वाइन किया था. बरेली में उन्‍हें सिटी डेस्‍क पर तैनात किया गया है.

शेखर टाइम्‍स के संपादक बने कल्‍याण कुमार

दैनिक जागरण, बरेली से इस्‍तीफा देने वाले कल्याण कुमार ने अपनी नई पारी शुरू कर दी है. उन्‍हें शाहजहांपुर से प्रकाशित होने वाले दैनिक शेखर टाइम्‍स का संपादक बनाया गया है. इस अखबार के रीलांचिंग की जिम्‍मेदारी कल्‍याण कुमार को सौंपी गई है. गणतंत्र दिवस के दिन कल्‍याण कुमार के निर्देशन में इस अखबार की रीलांचिंग होगी.

शेखर टाइम्‍स शाहजहांपुर से पिछले एक साल से प्रकाशित हो रहा था. इसके संपादक-प्रकाशक और मालिक शाहजहांपुर प्रेस क्‍लब के महासचिव और स्‍वतंत्र भारत में पिछले 32 साल से रिपोर्टिंग करने वाले सरदार शर्मा हैं. उन्‍होंने ने बताया कि व्‍यस्‍तता की वजह से इसका प्रकाशन प्रभावित हो रहा था. मेरा नाम ही संपादक के रूप में जा रहा था. परन्‍तु जब कल्‍याण कुमार जैसा साथी मिल गया तो हमने इस अखबार को फिर से रीलांच करने की जिम्‍मेदारी उठाई. सरदार शर्मा ने बताया कि इसके लिए जबलपुर से प्रिंटिंग मशीन मंगाई गई है. 17 जनवरी से अखबार का ट्रायल शुरू कर दिया जायेगा और इसकी विधिवत लांचिंग 26 जनवरी को होगी.

बताया जा रहा है कि इस अखबार से कई दूसरे अखबारों से वरिष्‍ठ लोगों के जुड़ने की संभावना है. आसपास के जिलों में प्रति‍निधियों की नियुक्ति लगभग पूर्ण हो गई है. सरदार शर्मा ने उम्‍मीद जताई कि कल्‍याण कुमार के नेतृत्‍व में अखबार नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा तथा आम लोगों की आवाज बनेगा. अखबार को वित्‍तीय सहयोग डा. सोम शेखर उपलब्‍ध करा रहे हैं.

गौरतलब है कि  कल्‍याण कुमार को दैनिक जागरण की दूसरी पारी रास नहीं आई. उन्हें कुछ महीनों पहले नोएडा आफिस में ज्वाइन कराकर बरेली का संपादक बनाकर भेजा गया था. लेकिन कैंटीन विवाद ने उन्‍हें जागरण से विदाई लेने को मजबूर कर दिया. कल्याण कुमार की पत्नी ने बरेली कालेज के कैंटीन के लिए अप्लाई किया था. उन्हें इस कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी भी मिली लेकिन उनके कुछ विरोधियों ने इस प्रकरण को जागरण प्रबंधन के सामने इस तरह से पेश किया जैसे कैंटीन चलाना कोई बड़ा गुनाह हो. इस मामले को विवादित बनते देख कल्‍याण कुमार ने जागरण प्रबंधन को अपना इस्‍तीफा थमा दिया.

कैंटीन विवाद ने ली जागरण, बरेली के संपादक की बलि

दैनिक जागरण, बरेली में कैंटीन विवाद के कारण संपादक कल्याण कुमार की बलि चढ़ गई है. कल्याण को दैनिक जागरण की दूसरी पारी रास नहीं आई. उन्हें कुछ महीनों पहले नोएडा आफिस में ज्वाइन कराकर बरेली का संपादक बनाकर भेजा गया. कल्याण के बरेली जागरण का हिस्सा बनने से अखबार ने काफी तरक्की भी की. लेकिन पिछले कुछ दिनों से कैंटीन विवाद का जो साया कल्याण कुमार पर पड़ा उसका अंत उनके इस्तीफे से हुआ. कल्याण कुमार की पत्नी ने बरेली कालेज के कैंटीन के लिए प्लाई किया था और उन्हें इस कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी भी मिली लेकिन इस प्रकरण को जागरण प्रबंधन के सामने इस रूप में पेश किया गया कि जैसे कोई बहुत बड़ा अपराध हो गया है.

पेड न्यूज को जायज मानने वाले जागरण प्रबंधन ने कल्याण कुमार का वो इस्तीफा जो ज्वाइन कराए जाते समय लिखवाकर रख लिया जाता है, स्वीकार कर उन्हें नया ठिकाना खोजने को कह दिया. पिछले कई दिनों से भड़ास4मीडिया के पास दैनिक जागरण, बरेली के संपादक कल्याण कुमार से संबंधित कैंटीन विवाद की खबरें पहुंच रहीं थीं लेकिन मामले में कोई निर्णायक मोड़ न आने के कारण उन खबरों को प्रकाशित नहीं किया गया. इस प्रकरण के बारे में जब कल्याण कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया. उनकी पत्नी ने वैध तरीके से बरेली कालेज के कैंटीन के संचालन का काम हासिल किया लेकिन प्रबंधन को यह अच्छा नहीं लगा, इस कारण उन्होंने इस्तीफा देना उचित समझा. उधर, बरेली जागरण के महाप्रबंधक चंद्रकांत त्रिपाठी का कहना है कि कल्याण नोएडा में रहना चाहते थे क्योंकि उनका वहां घर है, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया. उन्होंने बरेली कालेज कैंटीन प्रकरण के कारण कल्याण के इस्तीफा देने की सूचना को गलत बताया.

कल्याण कुमार बने दैनिक जागरण, बरेली के प्रभारी

वीओआई से इस्तीफा देकर दैनिक जागरण, नोएडा में न्यूज एडिटर पद पर ज्वाइन करने वाले कल्याण कुमार का तबादला दैनिक जागरण, बरेली में न्यूज एडिटर पद पर किया गया है. वे संपादकीय प्रभारी के रूप में काम देखेंगे. अभी तक वहां न्यूज एडिटर के रूप में रामधनी द्विवेदी काम देख रहे हैं. रामधनी के बारे में पता चला है कि वे संस्थान से रिटायर हो चुके हैं पर एक्सटेंशन दिए जाने के कारण काम कर रहे हैं. कल्याण के जाने के बाद संभव है कि रामधनी को नोएडा बुला लिया जाए या फिर वे संस्थान से पूरी तरह रिटायर हो जाएं.

सूत्रों के मुताबिक दैनिक जागरण, बरेली के महाप्रबंधक और स्थानीय संपादक चंद्रकांत त्रिपाठी भी रिटायरमेंट के दौर में हैं. इन दिनों बरेली में दैनिक हिंदुस्तान लांच होने के बाद अखबार की दुनिया में प्रसार को लेकर जो जंग छिड़ी हुई है उसमें दैनिक जागरण तीसरे नंबर का प्लेयर बना हुआ है. प्रबंधन बरेली एडिशन को लेकर गंभीर हो चुका है. इसी कारण कल्याण कुमार को बरेली का प्रभार सौंपा जा रहा है. होली के बाद कल्याण के बरेली ज्वाइन करने की संभावना है. वीओआई से पहले कल्याण दैनिक जागरण, पानीपत के संपादकीय प्रभारी के रूप में काम देख रहे थे. कल्याण को अखबार में काम करने का अच्छा-खासा अनुभव है.

देवेंद्र शास्त्री ‘सहारा’ व कल्याण कुमार ‘जागरण’ पहुंचे

वायस आफ इंडिया से एक विकेट गिरने और सहारा समय की टीम में एक वरिष्ठ पत्रकार के जुड़ने की खबर है. सबसे पहले देवेंद्र शास्त्री की खबर. प्रिंट और टीवी जर्नलिस्ट देवेंद्र शास्त्री ने ‘सहारा समय’ न्यूज चैनल में ज्वाइन कर लिया है. उनका पद एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर का है. देवेंद्र सीएनबीसी आवाज, मुंबई में डिप्टी एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर पद पर कार्यरत थे और एसाइनमेंट का काम देखते थे. देवेंद्र शास्त्री नवभारत टाइम्स, जयपुर में करीब 11 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं. बाद में वे अमर उजाला चले गए. करियर की शुरुआत उन्होंने एक कारपोरेशन के न्यूज लेटर से की थी. कामर्स ग्रेजुएट और लॉ की डिग्री हासिल करने वाले देवेंद्र सहारा समय में क्या काम देखेंगे, यह अभी तय होना बाकी है.

कल्याण कुमार, जो पहले कभी दैनिक जागरण में नोएडा और पानीपत में वरिष्ठ पदों पर काम करने के बाद इन दिनों वायस आफ इंडिया न्यूज चैनल से जुड़े हुए थे, फिर से दैनिक जागरण में लौट गए हैं. कल्याण वायस आफ इंडिया में काफी समय से थे और विभिन्न दायित्वों का निर्वाह करते रहे. उन्होंने आज ही प्रबंधन को अपना इस्तीफा भेज दिया है. हफ्ते-दो हफ्ते से वीओआई से जुड़े पुराने नामों के विदा लेने का सिलसिला जारी है.