सीएनईबी के सलाहकार संपादक बने किशोर

किशोर मालवीयकिशोर मालवीय सीएनईबी न्यूज चैनल से जुड़ गए हैं. वे सलाहकार संपादक बने हैं. इस तरह सीएनईबी में दो-दो सलाहकार हो गए हैं. आलोक तोमर पहले से ही सलाहकार के रूप में सीएनईबी में काम कर रहे हैं. फर्क बस इतना है कि किशोर मालवीय सीओओ अनुरंजन झा के राज में सलाहकार बने और आलोक तोमर सीईओ राहुल देव के राज में. सूत्रों का कहना है कि किशोर मालवीय की नियुक्ति से यह स्पष्ट होने लगा है कि राहुल देव अब संस्थान में वापसी के मूड में नहीं हैं. वे लंबी छुट्टी पर चले गए हैं.

मित्तल बंधुओं को ‘वीओआई’ सौंपेंगे अमित!

: वीओआई के एकाउंटेंट आलोक शुक्ला ने अमित सिन्हा के खिलाफ पुलिस में शिकायत की : वायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई के संबंध में खबर है कि इस न्यूज चैनल के संचालन का अधिकार एक बार फिर त्रिवेणी मीडिया को मिलने वाला है. त्रिवेणी मीडिया से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि अमित सिन्हा की कंपनी सर्चलाइट मूवीज ने सुमित मित्तल और मधुर मित्तल की कंपनी त्रिवेणी मीडिया से वीओआई के संचालन का अधिकार कई शर्तों के साथ हासिल किया था. इन शर्तों में हर माह एक निश्चित रकम मित्तल बंधुओं को देना भी शामिल था.

संपादकों की स्थिति डायबिटिक हलवाई जैसी

[caption id="attachment_16718" align="alignleft"]किशोर मालवीयकिशोर मालवीय[/caption]रजत शर्मा कभी नहीं चाहते थे कि इंडिया टीवी पर हल्की-फुल्की खबरें चलें : लोग हमें गालियां देते थे पर खबर देखते भी थे : मोटी फीस देकर सब्सक्राइव करना बंद करें तो टैम अपनी मौत मर जाएगा : टीआरपी पर बहस अच्छी बात है लेकिन अब सिर्फ बहस से कुछ नहीं होने वाला। टीआरपी ने सम्पादकों (खासकर गंभीर संपादकों) की हालत को दयनीय बना दिया है। ज्यादातर टीवी चैनल्स (हिंदी) के सम्पादकों की स्थिति डायबिटिक हलवाई वाली हो गई है, यानी ऐसा हलवाई जो मिठाई तो बनाता है पर खुद नहीं खा सकता। मैं ऐसे कई सम्पादकों को जानता हूं जो ऐसी खबरें बनवा रहे हैं जो उन्हें खुद ही पसंद नहीं। व्यक्तिगत बातचीत में स्वीकार करते हैं। एक टीवी चैनल ने खबर को USP बनाते हुए नारा दिया और चैनल चालू किया। कुछ महीने चैनल पर न्यूज ही न्यूज प्रसारित किए गए।