निरुपमा को सुसाइड के लिए परिजनों और प्रेमी ने उकसाया था!

कोडरमा से खबर आ रही है कि झारखण्ड की रहने वाली और दिल्ली में बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार में कार्यरत रही पत्रकार निरुपमा पाठक की हत्याकांड की जांच पुलिस ने पूरी कर ली है. कोडरमा पुलिस ने अपनी जांच में निरुपमा पाठक की मौत को सुसाइड मान लिया है. साथ ही यह भी कहा है कि निरुपमा को उसके प्रेमी और परिजनों ने सुसाइड के लिए उकसाया था. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि निरुपमा को आत्महत्या के लिए विवश किया गया था.

जहां नारी मारी जाए, नीरू मारी जाए

नीरू की मौत (16) : निरुपमा की कुछ और तस्वीरें मिली हैं, खिलखिलाती, घूमती, फोटो खिंचाती, चहंकती नीरू दिख रही है इन तस्वीरों में. पर जाने किसकी नजर लग गई उसे. जरा देखिए.

नीरू, हम सब तुम्हें प्यार करते हैं

नीरू की मौत (14) : इन तस्वीरों से जाहिर है कि जाने कितने सपने देखे थे उसने : मौत का बदला इस समाज से लिया जाना चाहिए : प्रेम करने वालों को खूंखार परिवार, परिजन, समाज, पिता, भाई, रिश्तेदार से बचाना होगा :

मुर्दा समाज देखे शव में तब्दील नीरू की तस्वीर

[caption id="attachment_17343" align="alignleft" width="71"]शव में तब्दील नीरूशव में तब्दील नीरू[/caption]नीरू की मौत (4) : इस मरी हुई निरुपमा को देखिए. कोडरमा के अस्पताल में चिरनिद्रा में बेसुध सोई हुई निरुपमा को देखिए. पत्थदिल इंसान भी इसकी कहानी सुन-पढ़कर पिघल जाएगा. पर हमारा मुर्दा समाज और मुर्दा परंपराएं जिंदा रहेंगी. इन्हें मौत न आएगी. देखिए-देखिए. किस तरह बेजान, अकेले, निष्प्राण, शांत पड़ी हुई है यह लड़की.