संपादक राघवेंद्र समेत आठ ने कैनविज टाइम्‍स छोड़ा

साप्‍ताहिक कैनविज टाइम्‍स में प्रभात रंजन दीन का कदम पड़ते ही भूचाल आ गया है. उन्‍होंने चीफ एडिटर के रूप में ज्‍वाइन किया, दूसरी ओर इसके संपादक राघवेंद्र त्रिपाठी समेत आठ लोगों ने इसे अलविदा कह दिया. अंदरखाने में कई खबरें हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि राघवेंद्र का तबादला बरेली किए जाने के बाद उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा दे दिया. कैनविज टाइम्‍स का प्रकाशन पिछले साल जनवरी से संपादक राघवेंद्र त्रिपाठी की देखरेख में हो रहा था. इस अखबार के मैनेजिंग एडिटर कैनविज ग्रुप के एमडी कन्‍हैया लाल गुलाटी हैं. यह कंपनी सेल्स एंड मार्केटिंग क्षेत्र के अलावा बीमा, कंस्ट्रक्शन, फैशन, शॉपिंग, एजुकेशन, हेल्थ केयर, रिजॉर्ट्स एंड मोटेल्स में काम कर रही है.

‘कैनविज टाइम्स’ के चीफ एडिटर बने दीन

कैनवीजदेश के प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठान कैनविज़ समूह ने लखनऊ से शीघ्र प्रकाशित होने जा रहे राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक ‘कैनविज टाइम्स’ के लिए वरिष्ठ पत्रकार प्रभात रंजन दीन को अपना प्रधान संपादक बनाया है। प्रभात रंजन दीन इसके पहले चौथी दुनिया साप्ताहिक के एडिटर (इन्वेस्टिगेशन) के पद पर काम कर रहे थे।

चौथी दुनिया का यूपी-उत्‍तराखंड संस्‍करण शुरू

राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र चौथी दुनिया के उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड संस्करण का प्रकाशन शुरू हो गया. आकर्षक साज-सज्जा और बेहतरीन खबरों के संग बड़ी सादगी के साथ चौथी दुनिया का उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड संस्करण प्रस्तुत किया गया. इस अंक के राष्ट्रीय कवर पर प्रभात रंजन दीन की ब्रेकिंग स्टोरी है. इस कवर स्टोरी के जरिए प्रभात रंजन दीन ने मुंबई के आदर्श सोसाइटी घोटाले के लखनऊ लिंक और सेना के मध्य कमान मुख्यालय में हो रहे उससे बड़े घोटाले का खुलासा किया है.

प्रभात रंजन दीन पहुंचे ‘चौथी दुनिया’

अंचल सिन्हा का इस्तीफा : ‘बाइलाइन’ नामक मैग्जीन से हटने के बाद पिछले महीने एक नई कंपनी ज्वाइन करने वाले प्रभात रंजन दीन ने महीने भर में ही पाला बदल दिया है. वे चौथी दुनिया में एडिटर (इनवेस्टीगेशन) के पद पर पहुंचे हैं. प्रभात रंजन दीन ने पिछले माह जब देववर्षा रतनज्योति प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ज्वाइन किया था तो कई सारी घोषणाएं की थीं जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के न्यूज़ पोर्टल के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी में साप्ताहिक पत्रिका, दैनिक समाचार पत्र और न्यूज़ चैनल लांच करना शामिल था. लेकिन इन घोषणाओं में से किसी एक को भी मूर्त रूप देने की नौबत नहीं आई. प्रभात ने चुपचाप चौथी दुनिया का दामन थाम लिया है.