‘संघी’ होना पाप तो नहीं!

अभी कुछ दिन पहले भड़ास4मीडिया पर माखनलाल के ‘संघी कुलपति’ की पोल खुली खबर पढ़ी. आरोप है कि विश्वविद्यालय की भर्ती परीक्षा में संघ से जुड़े सवाल पूछे गए. आरोप लगाने वाले हैं कांग्रेसी. मेरा पूछना है कि क्या संघी होना पाप है. प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी विचारधारा से प्रभावित है. देश का बड़ा वर्ग संघ की विचारधारा से परोक्ष-अपरोक्ष रूप से इत्तेफाक रखता है.

नौनिहाल शर्मा के परिवार को मदद की जरूरत

बात 1993 की है। अमर उजाला, मेरठ में कार्यरत वरिष्ठ उपसंपादक नौनिहाल शर्मा रात को कार्यालय से लौटते वक्त रोड एक्सीडेंट के शिकार हो गए और इस दुनिया को उन्होंने हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। मेरठ के पत्रकार जगत को उस वक्त गहरा धक्का लगा। अखबार के मालिकान से लेकर उनके सहयोगियों तक, भारी संख्या में लोगों का हुजूम उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा। तमाम ढांढस बधाए गए और मदद के आश्वासन दिए गए, लेकिन नौनिहाल जी के परिवार ने उस दिन से लेकर आज तक एक दिन चैन से नहीं बिताया। उस समय उनके बच्चे बहुत छोटे थे।