आजकल किधर हैं श्रीकांत त्रिपाठी

पर्ल ग्रुप में श्रीकांत त्रिपाठी इन दिनों क्या कर रहे हैं? ये सवाल एक वरिष्ठ पत्रकार ने एक जूनियर लेकिन कयासबाज पत्रकार से पूछा. कानाफूसी करने वाले इस कयासबाज के मुंह से अचानक निकला- अरे हां, बहुत दिनों से श्रीकांत त्रिपाठी की कोई न्यूज नहीं है, वे तो पर्ल ग्रुप का अखबार निकालने वाले थे, क्या हुआ उस प्रोजेक्ट का? वरिष्ठ पत्रकार हंसे और बोल पड़े- सवाल मैंने पूछा था.

सुधीर सुधाकर ने पी7न्यूज छोड़ा

: ज्योति नरायण को लेकर अफवाह : श्रीकांत त्रिपाठी न बन सके ग्रुप एडिटर : वाहिद के भी जाने की चर्चा : केटीएन, रांची से एक का इस्तीफा : पर्ल ग्रुप के न्यूज चैनल पी7न्यूज से सूचना है कि यहां वरिष्ठ पद पर कार्यरत सुधीर सुधाकर का आज संस्थान के साथ आखिरी दिन है. वे काफी समय से नोटिस पीरियड पर चल रहे थे. सुधीर कहां जा रहे हैं, यह पता नहीं चल पाया है. उधर, पी7न्यूज के मुंबई ब्यूरो चीफ वाहिद को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. सूत्रों के अनुसार वाहिद भी अगले कुछ महीनों में पी7न्यूज का साथ छोड़ सकते हैं.

श्रीकांत त्रिपाठी की फिर मजबूत हुई कद-काठी

पर्ल ग्रुप से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत त्रिपाठी की पर्ल मीडिया के भीतर मुख्यधारा में वापसी हो गई है. सूत्रों के मुताबिक श्रीकांत को पर्ल के प्रिंट मीडिया के प्रोजेक्ट का ग्रुप एडिटर बनाया गया है. आज उन्होंने पर्ल मीडिया के नोएडा स्थित आफिस जाकर काम संभाल लिया. श्रीकांत त्रिपाठी की अगवानी निदेशक केसर सिंह समेत कई वरिष्ठ लोगों ने की. श्रीकांत त्रिपाठी की वापसी को ज्योति नारायण के अधिकारों में कटौती की चर्चाओं से ही जोड़कर देखा जा रहा है. श्रीकांत त्रिपाठी ‘शुक्रवार’, ‘बिंदिया’ और ‘मनी मंत्रा’ ग्जीन के ग्रुप एडिटर हुआ करते थे. बाद में उन्हें इन मैग्जीनों से हटा दिया गया था.

ग्रुप एडिटर की जिम्मेदारी से श्रीकांत त्रिपाठी मुक्त

पर्ल ग्रुप की पत्रिकाओं के ग्रुप एडिटर श्रीकांत त्रिपाठी अब अपने पद से मुक्त हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीकांत त्रिपाठी का कार्यकाल दो वर्ष का था। प्रबंधन ने उनके कांट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया। श्रीकांत त्रिपाठी का नाम ग्रुप एडिटर के बतौर पोलिटिकल मैग्जीन ‘शुक्रवार’, महिलाओं की पत्रिका ‘बिंदिया’ और हिंदी बिजनेस मैग्जीन ‘मनी मंत्रा’ में जा रहा था। उनके ही समय में ये सारी पत्रिकाएं लांच की गईं।