आजकल किधर हैं श्रीकांत त्रिपाठी

पर्ल ग्रुप में श्रीकांत त्रिपाठी इन दिनों क्या कर रहे हैं? ये सवाल एक वरिष्ठ पत्रकार ने एक जूनियर लेकिन कयासबाज पत्रकार से पूछा. कानाफूसी करने वाले इस कयासबाज के मुंह से अचानक निकला- अरे हां, बहुत दिनों से श्रीकांत त्रिपाठी की कोई न्यूज नहीं है, वे तो पर्ल ग्रुप का अखबार निकालने वाले थे, क्या हुआ उस प्रोजेक्ट का? वरिष्ठ पत्रकार हंसे और बोल पड़े- सवाल मैंने पूछा था.

प्रदीप पंडित ‘शुक्रवार’ के संपादक बने

पर्ल ग्रुप की मैग्जीन ‘शुक्रवार’ से श्रीकांत त्रिपाठी की विदाई के बाद संपादक के रूप में प्रदीप पंडित ने ज्वाइन किया है। प्रदीप 25 वर्षों से मीडिया में हैं। वे कई अखबारों और शहरो में काम कर चुके हैं। जनसत्ता के लिए दिल्ली-चंडीगढ़ व संडे मेल के लिए दिल्ली-कोलकाता में कार्यरत रहे हैं। दैनिक भास्कर के साथ रायपुर, जयपुर और अजमेर में काम किया। इन दिनों वे नार्थ इस्ट टाइम्स और पूर्वांचल प्रहरी से जुड़े हुए थे और दिल्ली में बतौर पोलिटिकल एडिटर इस समूह को अपनी सेवाएं दे रहे थे।

ग्रुप एडिटर की जिम्मेदारी से श्रीकांत त्रिपाठी मुक्त

पर्ल ग्रुप की पत्रिकाओं के ग्रुप एडिटर श्रीकांत त्रिपाठी अब अपने पद से मुक्त हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीकांत त्रिपाठी का कार्यकाल दो वर्ष का था। प्रबंधन ने उनके कांट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया। श्रीकांत त्रिपाठी का नाम ग्रुप एडिटर के बतौर पोलिटिकल मैग्जीन ‘शुक्रवार’, महिलाओं की पत्रिका ‘बिंदिया’ और हिंदी बिजनेस मैग्जीन ‘मनी मंत्रा’ में जा रहा था। उनके ही समय में ये सारी पत्रिकाएं लांच की गईं।