मीडिया को अपने आपसे खतरा

[caption id="attachment_15378" align="alignleft"]कुलदीप नैय्यरकुलदीप नैय्यर[/caption]चंद रोज पहले दिल्ली में एक सेमिनार में आरोप लगाया गया कि पिछले चुनावों में कई मीडिया हाउसों ने उम्मीदवारों से पैसे लेकर उनके माफिक खबरों का प्रकाशन किया। सेमिनार का उदघाटन करने वाले मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें मालूम है, खबरों का गोरखधंधा कैसे हुआ। कई पत्रकारों ने स्वीकारा कि पैसों का लेन-देन हुआ। सेमिनार का कोई नतीजा नहीं निकला पर एक वरिष्ठ नेता ने मुझे बताया कि अगर मीडिया के इस भ्रष्टाचार की जांच के लिए कोई कमीशन बना तो वे उसमें गवाही देने जाएंगे। मुझे बहुत ताज्जुब हुआ जब मैंने इस सेमिनार और कपिल सिब्बल के आरोपों के बारे में अखबारों या टीवी चैनलों में कोई चर्चा नहीं देखी। इस खबर को ब्लैक आउट कर दिया गया था। हम जैसे कुछ लोगों ने प्रेस कौंसिल से निवेदन किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान इस्तेमाल हुई नंबर दो की रकम की जांच की जाय।

हे पत्रकार महोदय, तय करो, इस या उस ओर

संवाद-२००९

दिल्ली में पिछले दो दिनों में मीडिया से जुड़े दो बड़े आयोजन हुए। अखबार मालिकों के संगठन इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (आईएनएस) की ओर से होटल ताज में इंडियन न्यूजपेपर कांग्रेस का आयोजन किया गया तो इसके ठीक एक दिन बाद 11 जुलाई को उदयन शर्मा के जन्मदिन पर दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हाल में संवाद-2009 में लोकसभा चुनाव और मीडिया को सबक विषय पर परिचर्चा आयोजित हुई।