आप भी कहें- धन्य है देहरादून का हिंदुस्तान

उत्तराखंड में हिंदुस्तान अखबार द्वारा निशंक की स्तुति जारी है. निशंक की स्तुति के लिए हिंदुस्तान अखबार को बस बहाना भर चाहिए. जमीन धसक जाए और लोग मर जाएं तो बचाव कार्य के लिए निशंक की भूरि भूरि तारीफ करते हुए लोटपोट हो जाता है हिंदुस्तान. अफसर अपनी बैठक करें तो वहां भी निशंक की महिमागान का मौका खोज लेता है हिंदुस्तान अखबार. मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान पत्रकार टर्न्ड पालिटिशियन, कई घपले-घाटालों के सूत्रधार और जनता के जल्द ही कोपभाजन बनने वाले मिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक के प्रेम में पागल हिंदुस्तान के देहरादून संस्करण में आज एक घटना की जिस तरह रिपोर्टिंग हुई है, उसे देखने-पढ़ने के बाद तो सिर पकड़ लेने का मन करता है.

यही खबर अमर उजाला अखबार में ठीक तरीके से कवर की गई है. बल्कि ये कहें कि अमर उजाला में छपी खबर पढ़ने के बाद ही हिंदुस्तान देहरादून एडिशन और इस एडिशन के हिंदुस्तानियों को ‘धन्य है’ कहने का मन करता है तो गलत नहीं होगा क्योंकि दो अखबारों में छपी खबरों के तुलनात्मक अध्ययन से ही सच्चाई सामने आ रही है वरना लोग तो पढ़कर यही कहते- भजमन निशंक नाम सु(दु)खदाई…..

अफसरों की एक बैठक की रिपोर्टिंग हिंदुस्तान अखबार में कैसे हुई है और अमर उजाला ने किस तरह की खबर छापी है, उन्हें नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

मुझे उम्मीद है कि आप दोनों खबरों को पढ़ने के बाद जरूर कहेंगे… ”धन्य है देहरादून का हिंदुस्तान!”

और, अगर आप ‘धन्य है’ वाक्य कहें तो उसे नीचे कमेंट के रूप में भी लिख दें, ताकि आपकी गांधीगिरी सनद रहे, दर्ज हो जाए.

हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर से असहमत लोग नीचे यह कमेंट करना न भूलें… ”धन्य है देहरादून का हिंदुस्तान”.

अगर कोई ‘धन्य’ नहीं कहना चाहता है और हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर से संतुष्ट है तो उसके विचार का भी जोरदार तरीके से स्वागत है.

दोनों लिंक्स इस प्रकार हैं, क्लिक करें…

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Comments on “आप भी कहें- धन्य है देहरादून का हिंदुस्तान

  • shashi shekhar and shudhanshu srivastav ki dekh rekh me hi Dinesh Pathak C.M. Nishank ki chamchagairi kar raha hai.shashi shekhar and shudhanshu srivastav jab bhi Uttarakhand aate hain mejbani sarkari hoti hai. charcha to ye bhi hai ki dono Dehradun ke aas pas khairat me jamin pana chahte hain. Dinesh Pathak isi liye khulkar dalali kar rahe hain.

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  • madan kumar tiwary says:

    उतराखंड में हीं बारेन घोष है जो सरकार के जहाज पर बीबी के साथ मस्ती करता है और सरकार के खिलाफ़ रिट भि सुनता है ? मैने पहले भी लिखा था मैं देह्रादुन आना चाहता हूं निशंग और बारेन के रिश्ते की जांच के लिये पर कोई रिस्पांस हीं नहि मिला जिसके लेख पर मैने टिप्पणी कि थी । वैसे भी जाउंगा हीं । बारेन जैसे भ्रष्ट को छड नही सकता , निशंक भ्रष्टाचार का मुखिया है , जज भी अपने साथ मिला लिया , इससे बडा मुद्दा क्या हो सकता है जांच के लिये । रहि अखबारों की बात , यार विग्यापन चाहिये चाहे जैसे मिले ।

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  • bhai bhadaas ne sahi mein bhadaas hi nikali hai. Kripya aap dono article padein aur phir kahein ki kahan se aapko amar ujala ke khabar se alag rang aur hindustan ke khabar se alag rang dikh rahe hain. dono alag hi vyakhyan hain.

    aaj kal prabhat khabar aur NNi ki koi negative khabar nahi lagai aapne……. oh oh…. dono ne advt aur paisa diya hai na…. dikh raha hai…….

    main dinesh sahab ke liye kuch nahi keh raha aur nahi aapke zabardasti ke khabar ke liye……….. par news compare ki baat kar raha hu

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  • but one positive thing is there that even output of many cheap news coverage the Circulation Team is handling it’s circulation in a very professional manner coz there is team leading by Ex-Amar Ujala mgr Mr.Deepak Chauhan.

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  • Kuldeep singh says:

    Kya kahen yashwant ji Hindustan ke chor resident editor Dinesh Pathak ne akhbar ko kahin ka nahi choda. Nishank ne is akhbar ko khridliya hai.

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  • babloo durgvanshi says:

    mere aadarniy patrakar dosto agar apko nishank ninda me maza aata h to badhai.lekin agar aapko nishan ke bare me janan h to 1 baar uttarakhand ka doura to kar lo 1 aisa rajya jaha pahado ki durgamata ke shiya kuchh nahi tha aaj 1 hi saal me nishank ne use bharat ka swarg bana diya h kya yahi nishank ki galti h.

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  • KD Jai Bharat says:

    Mujhko aisa lagta hai ki bhadas4media hindustan akhbar ke prati kisi poorvagrah se grasit hai. Amar Ujala ki khabar me aam aadmi se juda koi content mallom nahin de raha hai, jabki hindustan me aisa hai, agar koi positive pahal hui hai hai to usko chapne me chamchagiri kaisi.
    Vaise bhadas4media par bhi unko paise na dene wale media sansthano ki taang kheechne ke aarop lagte rahe hain. Yeh kisi bhi bhi negative khabar ko bina verify kiye chaap dete hain aur positive khabar ko dikhane ke liye paisa mangte hain. Praman ye hai ki kisi samay IBN ki taang kheechne wala ye portal aaj uski stuti kar raha hai.

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  • शशि शेखर जी ये सही में धन्य है या आपको दिनेश पाठक के जरिये पहुँचने वाले धन का कमाल…. वैसे दिनेश पाठक के बारे में सब जानते हैं की ये २००-२०० रुपये लेने से भी नहीं चुकता था, आज तो मुख्यमंत्री निशंक की पूरी कृपा है इस पर

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  • ARE, BHADASIO, is edition ke hindustanio kyo kahte ho…kai log pet ke khatir ghut-ghut kar ji rahe hai yaha. tab fir unka kya dosh..gariyaoo to chaploos sampadak aur unke chamchoo ko. tum mai to sahi ujagar karne ka sahas hai hee nahi nahi to 9 jan ke paper dekho..ek hee din mai hathi teepu 100 ka papa aur 100 ke dada ban gaya… isse sarmanak kya ho sakta hai…tum bhi lag jao dinesh pathak ke sath. kuch to nishank se dilva dega..

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  • Hindustan ke resident editor Dinesh Pathak uttarakhand ke c.m. Nishank ke recovery agent hain.unki dalali karte karte vo patrkarita ke tor tarike bhi bhul gaye.hindustan uttrakhand me bandi ki kagar par hai. shashi shekhar bhi Dinesh Pathak ke madhyam se khub malai chat rahe hain.

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  • dinesh Pathak se chamchagirai se jada umid bhi nahi ki ja sakti. vo uttarakhand me khub paisa bana rahe hain. kai centre unke ugai ke adde hain. dalal shiromani shashi shekhar ko bhi khub khila rahe hain.

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  • yashwant ji apki najar resident editor Dinesh Pathak ke dalali par der se gai. fir bhi iske liye apka abhar. Dinesh Pathak No1 ka dalal hai. c.m. Nishank din bhar me kitni bar peshab karenge ye pathak ko pata hota hai. yehi kuch akhbar me chapta bhi hai.

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  • shashishekhar aise kitne afsaro ko jante hain jo apne cm ki pahal ko nahi sarahte? amar ujala aur atul maheshwari ka bera gark karne wale ye mahashaya aur kya-kya karenge? sambhal jao ht walo, abhi bhi samay hai tumhare paas.aisa na ho ki amar ujala jaisi der ho jasy.

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  • Madhwal Uttarakhandi says:

    अरे अगर दिनेश पाठक या कोई और पत्रकार निशंक की चमचागिरी नहीं करेगा तो…. निशंक उसे भी एन एन आई वाले उमेश की तरहां नेस्तनाबूद करने का प्रयास नहीं करेगा. आधा दर्ज़न गंभीर धाराओ में मुक़दमे, सम्पतियो के चालान.. सुचना की डायरी से एजेंसी का नाम गायब. पत्नी पर एस सी/एस टी एक्ट में मुकदमा, भांजे पर षड़यंत्र करने का मुकदमा. माँ की सम्पति को सील करने के आदेश. और न जाने क्या क्या. ये तो हिम्मत है उस लड़के की इतना कुछ अकेले झेल गया. हम सामने तो उसकी मदद नहीं कर सकते क्योंकि बाल बचो वाले हैं पर पीछे से उसका हर सहयोग करते हैं.. और जल्दी ही खुलकर सामने आएंगे. निशंक का इलाज सिर्फ वोही कर सकता है और किसी के बुत्ते की बात नहीं है.मेरा सबसे निवेदन है की अगर उत्तराखंड से निशंक नाम के कोढ़ को मिटाना है तो उमेश का साथ दे. जय उत्तराखंड

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  • Rahul joshi says:

    बस कुछ दिन की बात है, देहरादून से हिंदुस्तान का नमो निशान ही ख़त्म हो जायेगा

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  • HINDUSTAN KA TO BEDA HI GARAK HO GAYA HAI. SHASHI SHEKHER NE BANDAR DINESH PATHAK KE HATH ME USTRA THAMA DIYA HAI. BAS PAISA KHAO AUR NISHANK KA GUNGAN KARO. HINDISTAN KI LAGATAR BHAD PIT RAHI HAI.

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  • Arvind Gupta Faizabad says:

    yah haal sirf uttranchal ka hee nahi hai janab aap UP ke hindustan ki 15 jan ka Hindustan dekhiye Special PARISHIST all edition me BSP aur Maya ka…….

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  • उत्तराखंड सरकार ये सोच कर खुश है कि देहरादून के पत्रकारों को खरीदकर वो देश के सभी पत्रकारों को खरीद चुकी है…शायद यही सोच कर उत्तराखंड के कई मंत्री आगे के घोटाले करने की कवायद में जुटे हुए हैं…लेकिन उनकी ये सोच भारी भूल है….अभी भी कुछ ईमानदार पत्रकार हैं जो उनकी इन हरकतों पर नज़र रखें हुए हैं…….

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  • दिनेश पाठक हिंदुस्तान का नहीं निशंक स्थानीय संपादक है…. कलंक हैं ये पत्रकारिता के नाम पर

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  • वास्तव में देहरादून के हिन्दुस्तान में जो कुछ हो रहा है वह खण्डूड़ी और निशंक समर्थकों के बीच का मामला है। दिनेश पाठक अब निशंक का गुणगान करा राहे हैं तो पहले दिनेश जुयाल खण्डूड़ी की भांडगिरी किया और कराया करते थे। दोनों में फर्क इतन है कि जुयाल की जातीय प्रतिबद्धता थी तो पाठक की मालीय प्रतिबद्धता है। वैसे कहते हैं कि जुयाल ने भी गत लोकसभा चुनाव में खूब माल काटा। खण्डूड़ी का टैम्पो हाइ करने के लिये जुयाल और उनके चेले भाजपा का एकतरफा प्रोपगंडा कर रहे थे।जुयाल के जाते ही उनके चेले लावारिश हो गये हैं। इनका दिल अब भी खण्डूड़ी से जुड़ा होने के कारण इन्हें निशंक के हर काम में खोट नजर आता है। लेकिन पाठक इनको मनमानी नहीं करने देते। अगर कल निशंक और खण्डूड़ी हाथ मिला दे ंतो हिन्दुस्तान में खण्डूड़ी के वंशजों को फौरन पाठक से हाथ मिलाने में कोई परेशानी नहीं होगी।

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