मुगलसराय में हांफने लगे जागरण, हिंदुस्‍तान और उजाला

: हॉकरों का हड़ताल तीसरे दिन भी जारी : प्रसार प्रबंधकों के रिरियाने-मिमियाने का भी असर नहीं : मुगलसराय में सोमवार को भी दैनिक जागरण, हिन्‍दुस्‍तान और अमर उजाला को वितरकों ने हाथ नहीं लगाया. इसका सीधा फायदा राष्‍ट्रीय सहारा और आज अखबार को मिला. हॉकरों ने दोनों अखबारों को हाथों हाथ लिया. सहारा ने दस हजार और आज ने पांच हजार अतिरिक्‍त कॉपियां भेजी थीं. स्थिति को देखते हुए तीनों अखबारों ने काफी कम कॉपियां भेजी थीं बावजूद उसके वे सेंटरों पर ही पड़े रह गए.

हॉकरों के हड़ताल का असर आई-नेक्‍स्‍ट और कॉपैक्‍ट पर भी पड़ रहा है. आज राष्‍ट्रीय सहारा ने 14 हजार कॉपियां भेजी थीं. सभी कॉपियों की खपत हो जाने के बाद एक हजार बनारस एडिशन की कॉपियां भेजी गईं. यानी राष्‍ट्रीय सहारा ने फायदा उठाते हुए 15 हजार कॉपियों का खपा दिया. आज को भी हड़ताल का काफी फायदा मिला है. इधर, जागरण, हिन्‍दुस्‍तान और अमर उजाला के प्रसार से जुड़े लोग एक ही गाड़ी पर सवार होकर बनारस से मुगलसराय पहुंचे थे. हॉकरों को काफी समझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन हॉकर मानने को तैयार नहीं हैं. उनके ऊपर समझाने-गिड़गिड़ाने का कोई असर नहीं पड़ा.

पिछले तीन दिन में इन तीनों अखबारों का काफी घाटा हुआ है. एक साथ मिलकर भी प्रसार व्‍यवस्‍थापक की जहर का इलाज नहीं खोज पा रहे हैं. हॉकर डटे हुए हैं कि जब बनारस में हॉकरों को अमृत दिया जा रहा है तो हमलोग क्‍यों विषपान करें? हॉकरों के पास राष्‍ट्रीय सहारा के रूप में एक अच्‍छा विकल्‍प मिल गया है, लिहाजा वे आंदोलन को और लम्‍बा खींचने के मूड में दिख रहे हैं. दो रूपये कवर प्राइस के साथ राष्‍ट्रीय सहारा कमीशन भी अच्‍छा दे रहा है. अब देखना है कि तीनों अखबारों का प्रसार प्रबंधन झुकता है या फिर हॉकर अपना आंदोलन वापस लेते हैं.

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