हम ठेके पर काम करने वाले मजदूर हैं या पत्रकार!

:अपनी पहचान के लिए आगे आएं स्ट्रिंगर : यशवंत जी, मैं भड़ास के माध्यम से पूरे देश में काम कर रहे स्ट्रिंगरों से आह्वान करना चाहता हूं कि वे अपनी पहचान के लिए, अपने अस्तित्व के लिए आगे आये और वे जिस संस्थान में काम कर रहे हैं उस संस्थान से लिखित रूप से मांगें कि वे क्या ठेके पर काम करने वाले मजदूर हैं या पत्रकार. यह सवाल पूछने पर मैं इसलिए विवश हुआ हूं कि सिवनी के जनसंपर्क विभाग ने माननीय हाईकोर्ट जबलपुर में मेरे ऊपर पुलिस प्रशासन द्वारा बनाये गये फर्जी मामलों के जबाब में एक पत्र लगाया है कि स्ट्रिंगर पत्रकार की श्रेणी में नहीं आते हैं,  वो एक अनुबंध के आधार पर संस्थानों के साथ काम करते है.

अत: सिवनी के जिला प्रशासन ने उस पत्र को माननीय हाईकोर्ट में लगा कर हम सभी स्ट्रिंगरों के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. मेरा आग्रह प्रदेश के सभी स्ट्रिंगर भाइयों से है कि हम क्या हैं?  इस बात पर खुल कर बहस हो और हमसे काम लेने वाले संस्थान इस बात को स्पष्‍ट करें कि वे हमें पत्रकार का दर्जा देते हैं कि नहीं या फिर ये भी हमारा शोषण ही कर रहे हैं?  आखिर हम हैं क्या यह तो तय हो.  मैं तो माननीय हाईकोर्ट में लड़ ही रहा हूं.  मैं चाहता हूं कि इस मुद्दे पर आप सब भी मेरे साथ हों.

राजेश स्थापक

सिवनी म. प्र.

मोबाइल – 09329766651

rajeshsthapaksahara@gmail.com

Comments on “हम ठेके पर काम करने वाले मजदूर हैं या पत्रकार!

  • Badrinath verma says:

    Priya Rajesh Bhai sach to yah hai ki ham khud bhale hi apane ko patrakar samajhate hain kintu vastvikta to yah hai ki hamari sthiti theke ke majdur se bhi boori hai.fir bhi mai aapki is ladai me naitik roop se apke sath hoo. Badrinath Verma .kolkata 0813538901

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  • rajesh sthapak 09329766651 says:

    badrinath ji thenx wakai ye sansthan hmse jo mansevi patrkarita ya sokiya patrkarita ka agriment jo kra lete h ye usme hm sbhi ko khatre me dal kr ye svym surchhit ho jate h stringar ki stiti to dhobi ke kutte jesi kr di ha ydi achha huya to chenal ki TRP badhegi or dhoda sa bhi bura huya to in put desk me bethne wala mobail pr chilla ke kh deta h ki kam nhi karna h to ID jma kr do or upar se ab ye jansampark vibhag jo ye kahne se bhi nhi chook rha h ki stringar patrkar nhi hote h

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  • kaun kehta hai strienger ptrakar nahi hota….ye striengero ka khun pasina hi hai jo tv channels ke sunahare graphics mai chamkta hai..

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  • hum tumhare साथ है
    par apne ye नही likha की aap kis channel ke reporter hai
    और आपके ब्यूरो ने क्या किया ?

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  • rajesh sthapak 09329766651 says:

    में सभी स्ट्रिंगर भाइयो से वादा करता हूँ की हमे फोज की जरुरत नही है मुट्टी भर स्ट्रिंगर ही एक जुट हो जाये तो हम अपने खिलाफ उठने वाले हाथो को तोड़ कर रख देंगे हमे मालूम है की न्यूज़ चलने और छापने वाले भी दूध के धुले नही होते है जब ये एक ऊँगली हमारी ओर उठाते है तो चार ऊँगली इनके स्वयं की ओर होती है में ये नही कहता की हम उसी थाली में छेड़ करे जिस में हम खा रहे है किन्तु अपने अधिकारों की रक्छा के लिए तो हम मर्यादा की सीमा में रह कर लड़ाई लड़ सकते है पर फिर भी बात न बनी तो फिर हमारी एक जुटता की ताकत हमारी ढल बनेगी और फिर ये हमारा कुछ न बिगाड़ पाएंगे पर हमे फिर इनसे आर पार की लड़ाई लड़नी होगी और इसके लिए में खुल कर तेयार हूँ बीएस आप सभी के साथ की जरुरत है -राजेश स्थापक सिवनी म.प्र. 09329766651

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  • rajesh sthapak 09329766651 says:

    narendr ji mene 6 sal tk sahara samay ke liye kam kiya h fir me tv 24 ke liye jablpur jon byuro prmukh rha hu ab me amn-news ka kam kr rha hu or sath me prdesh tudy se bhi juda hu or yha bat hmare sansthano se jude hone ki nhi h bat h ki hm kb tk inke bharose rhrnge hme bhi to apne adhikaro ke prti sajag rhna padega

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  • nitya mishra says:

    Rajesh ji aapki soch bahut acchi hai . Channel ki back bone kahlate hai ham aur channel hm logo ke sath bada ganda salukh krta hai. rajesh ji is muhim me mai aapke sath hun. aapko jahan jarurat pade mai wahan hajir hun. nitya mishra

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