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आज तक- आगे यू टर्न, फिर टी प्वाइंट

टीवी और टीआरपी

राजनीतिक उठापठक वाले सप्ताह में भी आज तक अपनी टीआरपी बढ़ा पाने में नाकाम रहा। टैम मीडिया रिसर्च की  20 जुलाई से 26 जुलाई की रिपोर्ट पर यकीन करें तो इन सात दिनों में पांच सबसे ज्यादा लोकप्रिय कार्यक्रम देने का श्रेय हासिल करने के बावजूद आज तक अपनी पिछले हफ्ते की ओवरआल टीआरपी 17.3 से एक प्वाइंट भी आगे नहीं बढ़ पाया। नंबर वन का नया दावेदार और नान-न्यूज कार्यक्रमों के लिए विख्यात इंडिया टीवी पिछले हफ्ते 18 की टीआरपी के चलते नंबर वन की कुर्सी पर आसीन होने के बाद इस राजनीतिक खबरों (विश्वास मत, सांसद घूस प्रकरण) के सप्ताह में सबसे ज्यादा नीचे लुढ़का और 15.9 पर आकर रुका। बावजूद इसके वह नंबर दो पर ही रहा।

टीवी और टीआरपी

राजनीतिक उठापठक वाले सप्ताह में भी आज तक अपनी टीआरपी बढ़ा पाने में नाकाम रहा। टैम मीडिया रिसर्च की  20 जुलाई से 26 जुलाई की रिपोर्ट पर यकीन करें तो इन सात दिनों में पांच सबसे ज्यादा लोकप्रिय कार्यक्रम देने का श्रेय हासिल करने के बावजूद आज तक अपनी पिछले हफ्ते की ओवरआल टीआरपी 17.3 से एक प्वाइंट भी आगे नहीं बढ़ पाया। नंबर वन का नया दावेदार और नान-न्यूज कार्यक्रमों के लिए विख्यात इंडिया टीवी पिछले हफ्ते 18 की टीआरपी के चलते नंबर वन की कुर्सी पर आसीन होने के बाद इस राजनीतिक खबरों (विश्वास मत, सांसद घूस प्रकरण) के सप्ताह में सबसे ज्यादा नीचे लुढ़का और 15.9 पर आकर रुका। बावजूद इसके वह नंबर दो पर ही रहा।

इस सप्ताह दो न्यूज चैनलों एनडीटीवी इंडिया और जी न्यूज ने सबसे ज्यादा गेन किया है। एनडीटीवी इंडिया 8.1 से 10.1 पर पहुंचा और जी न्यूज 9.6 से छलांग लगाकर 11.6 पर आया। इस हफ्ते के लूजरों की लिस्ट में इंडिया टीवी के साथ न्यूज 24, आईबीएन 7, तेज और लाइव इंडिया भी हैं। राजनीतिक खबरों वाले इस सप्ताह में इन चैनलों ने बजाय टीआरपी बढ़ा पाने के, पिछले हफ्ते की स्थिति को भी बरकरार रखने में नाकाम रहे और थोड़े बहुत नीचे गिरे।

इस टीआरपी रिपोर्ट से एक संकेत साफ है। अगर जबरदस्त राजनीतिक खबरों वाले इस सप्ताह में आज तक अपनी पिछली टीआरपी में एक प्वाइंट भी बढ़ाने में सफल नहीं रहा है तो इसका मतलब बाकी नान-पालिटिकल सप्ताहों में वो इंडिया टीवी को पछाड़ नहीं सकता। वजह,  नान न्यूज वाले प्रोग्राम का मास्टर अगर कोई है तो इंडिया टीवी है। उसके स्तर पर आ पाना, सोच पाना आज तक के बूते की बात नहीं। और अगर आज तक उस लेवल पर आता भी है तो लोग उसे इसलिए पसंद नहीं करेंगे क्योंकि उसकी मौलिकता व साख अपने देशव्यापी नेटवर्क के जरिए न्यूज को तुरंत दिखाने-बताने के लिए थी, न कि नान-न्यूज मसलन इंटरटेनमेंट, वाइल्ड लाइफ, स्पीरिचुवलटी, कर्मकांड, गपशप आदि दिखाने के लिए।

कुल मिलाकर आज तक के लिए स्थिति न घर की न घाट की बनी हुई है। इस स्थिति से उसे उबरना होगा। संक्षेप में कहें तो आज तक के लिए खतरे की घंटी है। गलत रास्ते पर वह दूर तक नहीं बढ़ पाया है, उसके लिए अब भी यू टर्न लेने की स्थिति है। अगर यू टर्न नहीं लेता है तो जिस रास्ते पर चल रहा है उसके अंत में टी प्वाइंट पड़ेगा, जहां से उसे दाएं या बाएं मुड़ना होगा। और दोनों मोड़ उसे नंबर वन की कुर्सी की ओर नहीं बल्कि नंबर तीन और नंबर चार की कुर्सी की ओर ले जाएंगे।

पिछले हफ्ते और इस हफ्ते की टीआरपी  व कुल नफा-नुकसान

चैनल            पिछला सप्ताह         इस सप्ताह            लाभ/हानि

आज तक              17.3                   17.3                    0.0

इंडिया टीवी           18.3                   15.9                    -2.1

स्टार न्यूज            13.9                   15.0                     1.1

जी न्यूज                9.6                   11.6                     2.0

एनडीटीवी               8.1                   10.1                     2.0

आईबीएन 7            9.6                   8.7                      -0.9

न्यूज 24                6.0                   4.7                      -1.3

समय                    4.5                   4.5                       0.0

तेज                      4.8                   3.8                      -0.9

डीडी न्यूज              3.1                   3.7                       0.6

लाइव इंडिया           4.4                   3.6                       -0.7

इंडिया न्यूज            0.8                   1.1                       0.3


((द्वारा- टैम (TAM) मीडिया रिसर्च अवधि- 20 जुलाई से 26 जुलाई इलाका- एक लाख  या इससे उपर की आबादी वाले क्लास वन शहर और कस्बे मार्केट- HSM  टीजी- CS 15+))


भड़ास4मीडिया पर हिंदी  न्यूज चैनलों के बीच उठापटक पर एक वीकली एनालिसिस कालम टीवी और टीआरपी शुरू किया गया है। इस हफ्ते का यह विश्लेषण कैसा रहा,  इस पर आप अपनी राय, सुझाव, सलाह, प्रतिवाद [email protected] पर जरूर भेजें। इस कालम  के लिए मैटर, तथ्य, सुझाव और आंकड़े आप उपलब्ध करा सकते हैं। टीवी और टीआरपी कालम में आप भी अपने विचार और अपनी सोच व्यक्त कर सकते हैं।


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