जनसंदेश टाइम्स के एडिटर डा. सुभाष राय के पिता रामायण राय का रविवार की सुबह कानपुर में निधन हो गया. वे 93 वर्ष के थे. परिवार में सुभाष राय के अलावा दो अन्य भाई हैं.
इनके नाम हैं इनझारखंडे राय और रवींद्र राय हैं. पिता रामायण राय अपने सबसे छोटे पुत्र झारखंडे राय के पास कानपुर में ही रह रहे थे. झारखंडे राय कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. बीच के भाई रवींद्र राय सीतापुर में टेलीफोन विभाग में फाइनेंस अधिकारी हैं. मूलतः मऊ के बड़ागांव निवासी पिता रामायण राय उम्र ज्यादा होने के कारण पेट की तकलीफ और हाई बीपी के मरीज थे.
सर्दियां बीत जाने के बाद ये माना जा रहा था अब उन्हें कोई दिक्कत नहीं लेकिन अचानक तबीयत खराब होने के बाद उनका निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही भैरव घाट पर कर दिया गया. डा. सुभाष राय के कंधों पर जनसंदेश टाइम्स की लांचिंग की जिम्मेदारी होने के कारण उन्होंने अंतिम संस्कार की रस्म के बाद पिता को प्रणाम करते हुए लखनऊ की ओर रुख किया और बिना अपने चेहरे पर कोई दुख-दर्द प्रदर्शित किए जनसंदेश टाइम्स की कल हुई लांचिंग के कार्यक्रम को सफल कराने में जुट गए थे.












anshuman yadav
February 8, 2011 at 9:29 am
ham sabh ki taraf se unke pita ji ki aatma ko bhagvaan shanti de or is dukh se ubharne ki bagvaan takat de tai parivaar ko
akash rai
February 8, 2011 at 10:05 am
bhagvaan unke pariwar ko dukh sahan karne ki shakti pradaan kare .
pran sharma
February 8, 2011 at 11:16 am
JANKAR ATI DUKH HUA HAI KI SHRI SUBHASH RAI KE PITASHRI
KAA DEHAANT HO GYA HAI . PARMATMA UNKEE AATMAA KO SHANTI PRADAAN KARE
dilip yadav
February 8, 2011 at 11:42 am
ham sabh ki taraf se unke pita ji ki aatma ko bhagvaan shanti de or is dukh se ubharne ki bagvaan takat de tai parivaar ko
jai dixit 9453322222
February 8, 2011 at 4:45 pm
iswar aapke pita ki aatma ko shanti de.aapko kam karne ka bal aur safalta ka lakshya prapt ho.
girish pankaj
February 9, 2011 at 4:55 am
mera unko naman. bhagvaan subhash ji ko dukh sahane ki takat de.
डा. महाराज सिंह परिहार
February 10, 2011 at 1:35 am
यह जानकर हार्दिक वेदना हुई कि जनसंदेश टाइम्स के संपादक डा. सुभाष राय के पिताश्री का देहावसान हो गया है। उनकी दिवंगत आत्मा को श्रद्धापूर्वक प्रणाम। इस मौके पर डा. राय ने कर्मयोगी का परिचय दिया और पिताजी के अंतिम संस्कार के बाद कर्मभूमि में आकर गांडीव संभाल लिया। जनसंदेश टाइम्स की लांचिंग के दौरान कोई भी कल्पना नहीं कर सकता कि इस विशाल आयोजन के सूत्रधार एक दिन पूर्व ही अपने पिताश्री को अंतिम प्रणाम करके पत्रकारिता का परचम बखूबी के साथ लहरा रहे हैं
sughar singh saifai
February 10, 2011 at 5:15 am
ye sunkar dukh huaa bhagwan unki aatma ko shanti de
sughar singh patrkar saifai
etawah
Jai Shanker Prasad Shukla
February 10, 2011 at 8:56 am
यह जानकर हार्दिक कष्ट हुआ कि लखनऊ से प्रकाशित जनसंदेश टाइम्स के संपादक डा. सुभाष राय के पिता का निधन हो गया है। उनकी दिवंगत आत्मा को शत्-शत् नमन।
एक तरफ जनसंदेश टाइम्स के संपादक डा. सुभाष राय के पिता श्री रामायण राय के जीवन का अध्याय खत्म हुआ। दूसरी तरफ सुभाष राय जनसंदेश टाइम्स के जीवन का नया अध्याय लिख चुके थे, उसे शुरू करने की जिम्मेदारी सुभाष जी के कंधों पर थी। जनसंदेश टाइम्स की लांचिंग के दौरान सुभाष राय ने जरा सा भी यह नहीं एहसास होने दिया कि अभी एक दिन पूर्व ही वह अपने कंधे पर पिता की अर्थी को रखकर पंचत्तव में विलीन करके आए हैं। सुभाष जी ने बखूबी जनसंदेश टाइम्स की लांचिंग को शुरू कर दिया।
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