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पैसे मांगने वाले पत्रकारों की शिकायत करेंगे नेता

पटना में सभी दलों के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पेड न्यूज के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई. इन लोगों ने संकल्प लिया कि वे घोषित या दबे-छिपे किसी भी रूप में खबरों के व्यापार में शामिल नहीं होंगे. नेताओं की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति इस प्रकार है- ”हम सभी राजनीतिक एक स्वर में पेड न्यूज़ (ख़बरों की ख़रीद-बिक्री) का विरोध करते हैं। हम मानते हैं कि पेड न्यूज़ के कारोबार ने हाल के वर्षों में विकराल रूप धारण कर लिया है और ये समूची लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ख़तरा बनता जा रहा है। चुनाव के समय ये प्रवृत्ति ख़ास तौर पर सबसे विकृत रूप में सामने आती है जब कुछ मीडिया संस्थान कई तरह से दबाव बनाकर धन वसूली करने लगते हैं। इससे चुनावी प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होती है, क्योंकि जो प्रत्याशी या दल धन नहीं देते उन्हें या तो वाजिब कवरेज से भी वंचित कर दिया जाता है या फिर उनके विरूद्ध अनर्गल प्रचार शुरू कर दिया जाता है। पेड न्यूज़ की वजह से चुनाव में धनबल का प्रभाव भी बढ़ता है जो कि निष्पक्ष चुनाव की भावना के ख़िलाफ़ है। पेड न्यूज़ को रोकने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए क़दमों का हम सभी दल स्वागत करते हैं। हम वचन देते हैं कि इस मामले में उसे हमसे जिस तरह के सहयोग की आवश्यकता होगी हम देंगे।

पटना में सभी दलों के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पेड न्यूज के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई. इन लोगों ने संकल्प लिया कि वे घोषित या दबे-छिपे किसी भी रूप में खबरों के व्यापार में शामिल नहीं होंगे. नेताओं की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति इस प्रकार है- ”हम सभी राजनीतिक एक स्वर में पेड न्यूज़ (ख़बरों की ख़रीद-बिक्री) का विरोध करते हैं। हम मानते हैं कि पेड न्यूज़ के कारोबार ने हाल के वर्षों में विकराल रूप धारण कर लिया है और ये समूची लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ख़तरा बनता जा रहा है। चुनाव के समय ये प्रवृत्ति ख़ास तौर पर सबसे विकृत रूप में सामने आती है जब कुछ मीडिया संस्थान कई तरह से दबाव बनाकर धन वसूली करने लगते हैं। इससे चुनावी प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होती है, क्योंकि जो प्रत्याशी या दल धन नहीं देते उन्हें या तो वाजिब कवरेज से भी वंचित कर दिया जाता है या फिर उनके विरूद्ध अनर्गल प्रचार शुरू कर दिया जाता है। पेड न्यूज़ की वजह से चुनाव में धनबल का प्रभाव भी बढ़ता है जो कि निष्पक्ष चुनाव की भावना के ख़िलाफ़ है। पेड न्यूज़ को रोकने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए क़दमों का हम सभी दल स्वागत करते हैं। हम वचन देते हैं कि इस मामले में उसे हमसे जिस तरह के सहयोग की आवश्यकता होगी हम देंगे।

हम उन मीडिया संस्थानों को भी धन्यवाद् देते हैं जिन्होंने आगे  बढ़कर घोषणा की है कि वे पेड न्यूज़ के कारोबार में शामिल नहीं होंगे। हम सभी राजनीतिक दल सबसे पहले तो इस सार्वजनिक मंच से सम्मिलित रूप से घोषणा करते हैं कि हम पेड न्यूज़ का सख्त विरोध करते हैं और संकल्प लेते हैं कि घोषित या दबे-छिपे किसी भी रूप में ख़बरों के व्यापार में शामिल नहीं होंगे। हम सभी दल अपने प्रत्याशियों से अपील करते हैं कि वे ऐसे लोगों या संस्थानों को ख़बरें छपवाने के एवज़ में कोई धन न दें। अगर कोई इसके लिए दबाव डालता है तो सबूतों के साथ चुनाव आयोग में उसकी शिकायत करें और पार्टी तथा मीडिया को भी इसकी जानकारी मुहैया करवाएं।

हम सभी पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से अपील करते हैं कि लोकतंत्र के हित में और जनहित में वे इस तरह की कुप्रवृत्तियों को शामिल न हों, बल्कि इन पर लगाम लगाने में सहयोग करें। प्रेस परिषद से भी हम सभी दल गुज़ारिश करते हैं कि वह भी साफ़-सुथरी छवि वाले पत्रकारों की एक टीम बनाकर बिहार विधानसभा चुनाव में मीडिया कवरेज की निगरानी करे। अंत में हम प्रबुद्ध लोगों से भी अपील करते हैं कि वे भी ऐसे लोगों  को बेनकाब करने में आगे  आएं जो आम जन तक सही और सच्ची जानकारी पहुँचाने में बाधा बनने का काम कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि हम सबके सम्मिलित प्रयास का असर होगा और बिहार विधानसभा चुनाव पेड न्यूज़ की काली छाया से मुक्त होकर एक नया मानदंड स्थापित करेगा। धन्यवाद्। -सभी पार्टियों की तरफ से” (प्रेस विज्ञप्ति)

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0 Comments

  1. jitendra k singh

    October 13, 2010 at 9:58 pm

    वाह क्या बात है. लेकिन इस बात की क्या गारंटी है की पर्दे के पीछे का भी खेल इन नेताओ द्वारा रोका जयेगा क्योंकि अगर पेड न्यूज़ का प्रचलन बढ़ा है तो इसके लिए सिर्फ मीडिया हाउस को ही अकेले जिम्मेदार नहीं ठराया जा सकता है.

  2. winit

    October 13, 2010 at 10:05 pm

    बुरा तो लगेगा ही ,अगर नेताओं के धंधे पर पत्रकार भी हाथ आजमाने लगे तो … ???फिर भी,चलो किसी एक बात पर् तो एक हुई नेता नगरी… लेकिन नेताजी अमल कैसे करोगे..
    आप लोगो के ही बीच की कहावत है ……”जब लगी फटने ,तो खैरात लगी बटने”…;D:D;)

    -विनीत- LKO
    [email protected]

  3. rakesh sharma

    October 14, 2010 at 3:19 pm

    KIN NETAON NE YE CONFRANCE KI KUCHH PATA NAHI HAI. SAAF HAI KI NETAGIRI CHAMKANE MAIN PATARKAAR BHI PICHHE NAHI RAHNA CHAHTE. SAMACHAR KI DRISHTI SE BHI AGAR KAHUN TO TATHYA KYA HAIN IS SUCHNATAMAK SAMACHAR MAIN. BADE NETA NAHI MILE TO LOCKAL SATAR KE HI PAKAD LETE, SAMACHAR MAIN 5W OR H KA FARMULA TO FIT HO JATA.
    RAKESH SHARMA, KURUKSHETRA

  4. mazhar husain

    October 14, 2010 at 10:14 pm

    सही कहा विनीत जब इन नेताओ कि फटती है तभी ये मीडिया के खिलाफ बयानबाज़ी करते है लगता है किसी पत्रकार ने इनकी कोई चोरी पकड़ लिया है तभी ये लोग अपनी फटी …… को लेकर हल्ला गुल्ला कर रहे है शर्म नहीं आती इन बेशर्मो को सारा देश लूट तो चुके ये लोग अब और क्या लूटना चाहते है सारी गन्दगी समाज में इन ही गंदे किस्म के सियासत करने वालो की वजह से ही है..ये दुरुस्त हो जाये तो हमारे देश कि खुशहाली लौट आएगी l ५०-६० प्रतिशत कमीशन लेकर सारा पैसा खा जाते है और ५ साल में रोडपति से करोडपति बन जाते है देश के पैसे को अय्याशी में खर्च करते हो ..पहले अपने गिरेबान में झाँक कर देख लो नेता जी सारे जिस्म में दाने ही दाने है l हराम कि खाने कि आदत पड़ गयी है सुधर जाओ नेता जी वरना जिस दिन इस देश कि अवाम जाग गयी उस दिन मुंह छिपाने कि जगह नहीं मिलेगी शर्म करो
    [email protected]

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