Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

प्रणय रॉय सच क्यों नहीं बोलते?

आलोक तोमरभारत के दो सबसे नामी संपादकों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। इनमें से एक संपादक एमजे अकबर एक जमाने में सांसद रह चुके हैं और वे एनडीटीवी के प्रणय रॉय को नंगा करने पर उतारू हैं। हमारे साथ अकबर के अखबार संडे गार्जियन ने भी बहुत विस्तार से एनडीटीवी के शेयर घोटाले के विवरण छापे थे और सबसे पहले संडे गार्जियन ने ही प्रणय रॉय के वकीलों के नोटिस का जवाब दिया है। इस नोटिस में प्रणय रॉय ने अपने इज्जत की कीमत सौ करोड़ रुपए लगाई है।

आलोक तोमरभारत के दो सबसे नामी संपादकों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। इनमें से एक संपादक एमजे अकबर एक जमाने में सांसद रह चुके हैं और वे एनडीटीवी के प्रणय रॉय को नंगा करने पर उतारू हैं। हमारे साथ अकबर के अखबार संडे गार्जियन ने भी बहुत विस्तार से एनडीटीवी के शेयर घोटाले के विवरण छापे थे और सबसे पहले संडे गार्जियन ने ही प्रणय रॉय के वकीलों के नोटिस का जवाब दिया है। इस नोटिस में प्रणय रॉय ने अपने इज्जत की कीमत सौ करोड़ रुपए लगाई है।

वैसे एनडीटीवी ने अपने घोटाले की खबर छापने वालों- डेटलाइन इंडिया, भड़ास4मीडिया और संडे गार्जियन को जो मानहानि का नोटिस भेजा है, उसमें प्रणय रॉय गुणगान ज्यादा है और आरोपों का जवाब कम है। प्रणय रॉय की प्रतिभा का गुणगान तो बहुत लोग करते हैं और इसके लिए पता नहीं क्यों एनडीटीवी को लूथराओं को फीस देने की जरूरत पड़ गई। मगर जैसे भी कमाएं हैं, एनडीटीवी के पास पैसे हैं और फिर बरखा दत्त हैं जिनकी दोस्ती टाटाओं और राजाओं से हैं इसलिए उनकी मर्जी, वे जहां भी खर्च करें।

मूल खबर एनडीटीवी के शेयरों को नकली और बढ़े-चढ़े दामों पर बेचने की थी। भारत में इन शेयरों का हाल सबको पता था इसीलिए ये शेयर कौड़ी के दाम भी नहीं बिके, मगर विदेशों में बेचने के लिए और बैंक से इनके बदले मोटा कर्ज लेने के लिए दाम बढ़ाए गए। प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका की आर आर आर आर होल्डिंग जो एक लाख रुपए की कंपनी हैं, उसे आईसीआईसीआई इन शेयरों के नाम पर 375 करोड़ रुपए दे दिए जबकि इन शेयरों का कुल दाम इस समय भी 47 करोड़ से ज्यादा नहीं था। जो पैसा लिया गया उनमें से 73 करोड़ तो ऐसा था जिसे वापस नहीं भी करने से काम चल जाता। बैंकिंग की भाषा में इसे अन सेक्योर्ड लोन कहते हैं। एनडीटीवी की कई सहायक कंपनियां भी शेयरों की खरीददार बताई गईं मगर एनडीटीवी की बैलेंस शीट में इन कंपनियों का कहीं कोई नाम नहीं है। ऐसे बैलेंस शीट देने के लिए वित्त मंत्रालय और कंपनी पंजीयक की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन प्रणय रॉय ने पहले बैलेंस शीट दाखिल कर दी और उसके दो दिन बाद अनुमति प्राप्त की। मतलब यह कि एनडीटीवी की कम से कम एक बैलेंस शीट फर्जी है।

फर्जी होने के सबूत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और लंदन के कंपनी हाउस तक बिखरे पड़े हैं। लंदन की एक कंपनी के जरिए जो शेयर बेचे गए उनका कोई हिसाब ही नहीं है। आंकड़े गलत, आंकड़ों के निष्कर्ष गलत, शेयर बेचने की शर्ते गलत और शेयर खरीदने वालों से किए गए वायदे गलत। प्रणय रॉय आप तो ऐसे न थे। एमजे अकबर और उनकी टीम ने जब पूरी रिसर्च कर के यही सब छाप दिया तो अब आपको मिर्चें लग रही है। दौलत की बारिश हो चुकी है, आपको तो गाना चाहिए- बरखा रानी जरा जम के बरसो।

अब अगर धोखाधड़ी का पर्दाफाश करने से किसी की इज्जत चली जाती हैं तो इसका कोई इलाज किसी के पास नहीं है। उस इज्जत का दाम कितना है यह भी वे तय करें जो चुकाने वाले हों। अभी तक अपनी राय में एनडीटीवी और खास तौर पर प्रणय रॉय की इज्जत इससे कहीं ज्यादा कीमती थी। मगर जब प्रणय बाबू और खास तौर पर उनके वकील दुनिया को झूठा साबित करने की जिद में कानूनी नोटिसों का सहारा लेने लगे तो उसका जवाब तो फिर ऐसा ही हो सकता है, जैसा यहां लिखा गया है। एमजे अकबर पुराने जुझारू हैं और बड़ों-बड़ों से निपट चुके हैं।

लेखक आलोक तोमर देश के जाने-माने पत्रकार हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. बिल्‍लू

    December 20, 2010 at 6:34 am

    प्रणय राय की इज्‍जत की कीमत सौ करोड़ रुपए तो बरखा की कितनी है यह बताइए। इज्‍जत बिक रही है तो खरीद ही लिया जाए।

  2. Arvind Tripathi

    December 20, 2010 at 9:44 am

    Reaspected Alok Sir,
    Aapka lekh padhaa. Aap hum jaise patrakaaron ke liye aadarsh hain. Aapka swasthya kaisa hai. Ant men midia men faily gandgi ne kai prtimaan tide hain.Jo pratimaan naye baneye hain vo aaj ki baajaari aavashyaktaon ki bechaargi hai.media ka kaam abhi bhi aasha jagata hai. Paranto samay ke saath bahut kuchh badal rahaa hai. Aaj jyada ar jyaada ki hod ke khilaaf kaam kaise ho yeh jaroori h gaya hai.

  3. jeetesh

    December 20, 2010 at 2:25 pm

    kya koi patrekr bhi bacha hai is desh mai, ya ki sab ksab DALAL hi ho gaye hai….

  4. मुकेश

    December 21, 2010 at 12:33 pm

    हमाम से सारे नंगे है सर……आपके बारे में जितना सुना था उससे ज्यादा आप जुझारू हैं….

  5. Dr MS parihar

    December 21, 2010 at 2:14 pm

    इस समय देश भ्रष्‍टाचारियों के चंगुल में कराह रहा है। आर्थिक अपराध भी जघन्‍य अपराधों से कमतर नहीं हैं। अरबों रुपये के कारोबारी पत्रकार नहीं अपितु विशुद्ध कारोबारी हैं। कारोबारी लोग मुनाफा कमाने के लिए किसी भी स्‍तर पर उतर सकते हैं।

  6. संजय सिंह

    December 23, 2010 at 9:00 am

    बढ़े भाई तोमर जी
    आपको में लम्बे समय तक पढ़ता रहा हूं। कभी-कभी आप गम्भीर मुद्दों पर कुछ ज्यादा गम्भीर हो जाते हैं यह अच्छा लगता है। देश में बेबाक बोलने और लिखने वाले गिने चुने कुछ लोगों में आप सर्वोपरि है। प्रणव राय को भी यह साफ कर देना चाहिए की वह बरखा दत्त के लिए क्या कर रहे हैं उन्होंने बरखा के जरिये क्या-क्या गुल खिलाये हैं।

  7. ajay kumar pathak

    December 24, 2010 at 12:36 pm

    ye bhrastachari dimak ki tarah hai.ye desh ko khokhla kar rahe hai inke safaye ki sakt jarurat hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...