Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

हलचल

बड़े ग़ौर से सुन रहा था ज़माना, हम ही सो गये दास्तां कहते कहते

बीमारी के जानलेवा हमले के दौरान आलोक जी से मेरी आख़िरी मुलाक़ात कुछ महीने पहले सीएनईबी न्यूज़ चैनल में हुई। बेहद प्यार और अपनेपन से अलग ले जाकर ख़ूब सारी बातें की… बत्रा जाना है यार, बेहद मुश्किल लड़ाई में उलझा हूं, मौत से जंग है, हार जीत नहीं आखिरी सांस तक लड़ने की फिक्र है… शायद उनके ये शब्द, सभी पत्रकारों के लिए एक पैगाम है।

बीमारी के जानलेवा हमले के दौरान आलोक जी से मेरी आख़िरी मुलाक़ात कुछ महीने पहले सीएनईबी न्यूज़ चैनल में हुई। बेहद प्यार और अपनेपन से अलग ले जाकर ख़ूब सारी बातें की… बत्रा जाना है यार, बेहद मुश्किल लड़ाई में उलझा हूं, मौत से जंग है, हार जीत नहीं आखिरी सांस तक लड़ने की फिक्र है… शायद उनके ये शब्द, सभी पत्रकारों के लिए एक पैगाम है।

कुछ नाम ऐसे होते हैं जो जितने सुने जाते हैं उतना ही उनसे मिलने का मन भी होता है और उनका प्रभाव भी दिल पर बढता रहता है। इसे उनका व्यक्तित्व कहें या उनका नसीब। कुछ ऐसा ही अनुभव हमे किसी के बारे में हुआ । आंखो देखी में नलिनी सिंह के सानिध्य में क्राइम और जनूनी पत्रकारिता की ए, बी, सी डी पढ़ने की कोशिश और बाद में सहारा में पूरी तरह क्राइम और खोजी पत्रकारिता के समुंदर में गोते लगाते हुए एक नाम बहुत सुनते थे- आलोक तोमर। ना जाने क्यों या तो लोगों ने हमे डराने की ठान ली थी या उनकी मार्किटिंग बेहद प्रभावी थी या फिर हमारे लिए आलोक तोमर नाम नहीं बल्कि एक ज़रूरत बनता गया।

सहारा के बाद इंडिया टीवी गये तो वहां भी कुछ कर गुज़रने के नाम पर मिसाल दी गई कि आलोक जी से कुछ सीखों। यानि एक बार फिर आलोक तोमर हमारे लिए मानों मील का पत्थर बन कर सामने आ चुके थे। कई साल गुज़रने के बाद लगभग पांच-छह साल बाद मुकेश कुमार जी के आशीर्वाद से एस वन ज्वाइन करने का मौक़ा मिला। चैनल से पहले सीनियर इंडिया की मैग्जीन आ चुकी थी और उसको आलोक तोमर जी ही संचालित कर रहे थे। ज्वाइन करते ही ऊपर उनके ऑफिस पहुंचा और जाते ही मानो लूट लेने के इरादे से सब कुछ जल्दी जल्दी कह गया।

आलोक जी ने तुरंत क्या प्रतिक्रिया दी, ये भी इसलिए याद नहीं कि जिसका नाम सुन सुन कर बड़े हुए थे वो सामने बैठे थे और हम तो बस वहां से कुछ लेने गये थे। और सिर्फ लेने की जिद थी। मानों उन्होने भी भांप लिया और कहा कि क्राइम या किसी भी विषय पर कुछ करने का मन है तो बस लिखना शुरू कर दो। ये टीवी वाले लिखने से भागते हैं, बस भाषण दिया और हो गई पत्रकारिता। तुम मुझे रेगुलर लिख कर दोगे। भले ही तुम टीवी पत्रकार हो लेकिन मैग्जीन के लिए लिखो। हमे जो चाहिए था उससे ज़्यादा मिल गया था।

शायद आलोक तोमर का यही सबसे पहला और बड़ा परिचय है। वो कहां से ताल्लुक रखते थे कब पैदा हुए वगैरा-वगैरा के बजाए मेरी नज़र में हर उभरते और संघर्षशील पत्रकार को अगर कोई देने या सिखाने को आतुर रहता था तो वो था आलोक तोमर। जितना मांगो उससे ज्यादा पाओ। और अगर कहीं अकेले पड़ जाओ तो बस एक फोन काल दूर आलोक तोमर मानों इंतजा़र में ही बैठे रहते थे। हाल ही में हमको किसी अधिकारी ने सरकारी धमकी से अवगत कराया तो आलोक तोमर जी से शिकायत करने पर बोले- मोर्चा खोलते हैं, घबराओ मत।

ऊंच नीच उतार चढाव से ना घबराने वाले आलोक जी आज हमारे बीच न रहे हों लेकिन उनका प्यार उनकी शिक्षा और उनका व्यक्तित्व हमेशा देश और पत्रकारिता के लिए रोशन मशाल के तौर पर जगमगाता रहेगा। उनके साथ काम करके जो कुछ उनके बारे में जाना उससे तो यही लगता है कि उनके जाने से पत्रकारिता की नई पीढ़ी किसी संकट के समय में खुद को लावारिस ना समझने लगे क्योंकि बहुत मुक़ाम ऐसे आते हैं जब किसी बड़े भाई किसी सरपरस्त या अभिभावक का हाथ अपने सिर पर होने की ज़रूरत महसूस होती है। और अब वही हाथ हमारे सिर से उठ गया।

आज़ाद ख़ालिद

एडिटर

अपोजीशन न्यूज डॉट कॉम

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. vishal sharma

    March 20, 2011 at 4:46 pm

    आलोक तोमर का निधन…

    जिंदगी बस एक उम्मीद भरी डगर है…लेकिन मौत एक हक़ीकत है। लेकिन आख़िर दम तक अपने पसंदीदा क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए मौत से रुबरू होने का नसीब कम लोगों को ही मिलता है। आलोक जी आपका जाना दुखद है लेकिन आपका सफ़र सुकुन भी देता है क्योंकि इसमें ये अहसास छिपा है कि अपनी शर्तों पर भी जिदंगी को बख़ूबी जिया जा सकता है।
    कलम के इस अद्वितीय सिपाही को पूरे सम्मान और गौरव के साथ मेरी भावभीनी श्रद्धाजंलि….vishal sharma,journalist,etv raj.jaipur

  2. chandra Mouleshwer

    March 20, 2011 at 5:37 pm

    बहुत दुख हुआ जानकर कि जुझारू पत्रकार आलोक तोमर जी नहीं रहे। ऐसे लोग तो अपनी लेखनी से अमर रहते हैं:(

  3. shripal shaktawat

    March 20, 2011 at 6:37 pm

    आलोक तोमर जी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की मानवीय रिपोर्टिंग ही नहीं की.त्रिलोकपुरी में दंगों की रिपोर्टिंग के दौरान वहां के हालात देख कर अपने घर से सारे कपडे-राशन सब समेट कर पहले पीड़ितों को दे आये,फिर जाकर खबर लिखी.आज भोपाल में एक वरिष्ठ पत्रकार से फोन पर बात करते हुए आलोकजी का जिक्र चला तो वह यह कहकर भावुक हो गये कि,फिर कोई आलोक तोमर पैदा होने में ही सदियाँ गुजर जायेंगी.

  4. Sageer.a.khaksar

    March 21, 2011 at 1:01 pm

    Ishwar unki atma ko shanti de.senior india mein reporting ka mauka hasil hua tha.writting with passion ka falsafa unhein se mila.

  5. arvind singh

    March 21, 2011 at 2:50 pm

    bahgwaan se prarthana kiya tha ki patrakarita ke is vidyaalay ko hamare beecha rahane de,lekin shayad hamari prarthana me koi kaami rah gai jo,alok ji hamare beecha se itani jaldi chale gaye, bahut ducka hua ye jaankar, lekin fir apane aap ko ye sochakar santwana de raha hu ki alok to amr hai fir naswar sharir ke chale jaane se thodi alok ji hamare beecha se chale jayenge.shayad hamase jyada unaki jaroorat bhagwaan ko rahi ho, kyunki suna hai ki jo logo ko bahut pyara hota hai, wahi bhagwaan ko bhi pyaara hota hai. bhagwaan unaki aatama ko shanti de, unake pariwaar ke sath poore desh ke patrakaar hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...