: फेसबुक पर एक मजेदार पोस्ट : यूपी के चारण-भाट टाइप अफसरों की नींद न खुली है और न खुलने वाली है क्योंकि माया के नवरत्नों ने इन्हें छांट-छांट कर निकाला है और चस्पा किया है. कोई जूती पोछते हुए गर्व का अनुभव करता है तो कोई माया नाम सुनकर सरपट दौड़ लगाने लगता है. अमिताभ यश आईपीएस हैं. नोएडा में एसएसपी के रूप में तैनात रहे. पिछले दिनों मायावती आईं और उनकी बलि लेकर चलि गईं. पर अमिताभ यश ने कोशिश पूरी की थी कि अपनी गर्दन बचवा लें.
पर जाने किस बात पर खफा होकर माया उनकी गर्दन अपने साथ लेकर चली गईं. इसी मसले पर फेसबुक पर हरिभूमि, दिल्ली के चीफ रिपोर्टर आनंद राणा ने एक तस्वीर और कुछ लाइनें चस्पा की हैं. लोग इसे खूब पसंद कर पढ़ रहे हैं. वो लाइनें इस तरह हैं…..
”पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी अगर इस तरह की भागदौड़ लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए करें तो हिंदुस्तान में सुशासन आ जाए। पर यह भागदौड़ लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए नहीं की जा रही है। रविवार को जब उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती नोएडा/गाजियाबाद के औचक दौरे पर पहुंची तो एसएसपी अमिताभ यश और जिला अधिकारी दीपक अग्रवाल को पसीना छूट गया। वे इस तरह दौड़ पड़े जैसे जलजला आ गया है। मजेदार बात तो यह रही कि इस सरपट दौड़ के बावजूद एसएसपी अमिताभ यश को मायावती का कोपभाजन बनना पड़ा और उनका तबादला लखनऊ में पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के पद पर कर दिया गया।”
….आनंद राणा के फेसबुक वाल पर प्रकाशित टिप्पणी व फोटो के स्क्रीनशाट को यहां प्रकाशित किया जा रहा है….
अमिताभ यश की दौड़ लगाती तस्वीर छोटे साइज में उपर देख लिया, अब बड़े साइज में देखिए…. क्या स्पीड है…..

ये ज़िंदगी एक दौड़ है….. : उलटी पड़ गईं सब तदबीरें, कुछ ना दवा ने काम किया….













shoaib khan
February 22, 2011 at 6:38 am
apne u.p. me to yahi ho raha hai bhyaa, i.ps. se lekar i.a.s ne mya ke talve chat kr sei kirkir krai hai kuch punchon agr yehi log isi trehe kaam krte rhe to yahan bhi ek din libya. misr kaa hi hal hoga