: योगेन्द्र सिंह रावत को बरेली का प्रभार सौंपे जाने की चर्चा : दिनेश मिश्रा के हिंदुस्तान, रांची का आरई बनाए जाने के बाद आगरा में खाली पड़े संपादक के पद पर बरेली से केके उपाध्याय को भेजा जा रहा है. केके यहां के स्थानीय संपादक होंगे. उनका कद भी बढ़ा दिया गया है. अब उनके अधीन आगरा, बरेली, मुरादाबाद और अलीगढ़ यूनिट की जिम्मेदारी होगी. पहले इसे सुधांशु श्रीवास्तव देखते थे. अब सुधांशु के पास नेशनल पुल और मेरठ, देहरादून यूनिट की जिम्मेदारी होगी.
हिंदुस्तान, रांची से अशोक पांडेय के इस्तीफा देने के बाद आगरा से दिनेश मिश्रा को रांची भेजा गया है. उनकी जगह बरेली से केके को भेजा जा रहा है. बरेली में किसी आरई की तैनाती नहीं की जाएगी. न्यूज एडिटर पद के किसी व्यक्ति को संपादकीय प्रभार सौंपा जाएगा, जो केके उपाध्याय को रिपोर्ट करेगा. वैसे इस पद के लिए योगेन्द्र सिंह रावत के नाम की चर्चा जोरों पर है. पहले आगरा, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ और देहरादून की जिम्मेदारी सुधांशु श्रीवास्तव के अधीन थी. जिसे अब दो हिस्सों में बांट दिया गया है. शशि शेखर के बाद सुधांशु श्रीवास्तव दूसरे नम्बर के अधिकारी बन गए हैं. नेशनल पुल के राज्यों की कमान उनके पास रहेगी.
केके उपाध्याय को शशि शेखर का नजदीकी माना जाता है. शशि ही उन्हें उजाला से हिंदुस्तान में लेकर आए थे. केके का पत्रकारीय करियर कुल 21 वर्षों का है. हिंदुस्तान आने से पहले वे अमर उजाला, बरेली में सीनियर न्यूज एडिटर थे. वे अमर उजाला, चंडीगढ़ में रहे, गोरखपुर यूनिट के प्रभारी रहे. इसके बाद बरेली आ गए थे. केके भास्कर समूह के साथ 1992 से 2006 तक जुड़े रहे. ग्वालियर में सेंट्रल डेस्क इंचार्ज के बतौर काम शुरू कर केके श्रीगंगानगर में डीएनई, बीकानेर एडिशन में एनई और झांसी एडिशन के इंचार्ज बने. भास्कर, भोपाल में प्रादेशिक डेस्क पर काम करने के बाद केके उपाध्याय को जयपुर भेज दिया गया, राजस्थान का कोआर्डिनेटर बनाकर. जयपुर में केके ने युवाओं पर केंद्रित सिटी भास्कर की प्लानिंग कर इसे मूर्त रूप दिया. केके ग्वालियर में स्वदेश (वर्ष 1988), भोपाल में स्वदेश (1990) और अमर उजाला, आगरा (1994) में भी पारी खेल चुके हैं.












Naarad muni
February 13, 2011 at 5:22 am
द्विवेदी जी कही और नौकरी तलाश लीजिये अब हिंदुस्तान में आपकी दलाली का खेल ख़तम होने जा रहा है.
Anil Gupta Varanasi
February 12, 2011 at 7:38 am
Dinesh Mishra sir….. sadar pranm……sir aapko badhai dene layak to abhi nhi huaa hoo….. lekin aapke adhin kam kiya hoo…. aur aapse bahut kuchh sikhne ko mila tha…. jiska mere ko labh bhi mil rha hai…. sir… fir bhi badhai swikar kren…sir,,, mai filhal teaching me lga hoo….. aur khush hoo……..
Anil Gupta….. Varanasi
RAVINDRA JAIN
February 12, 2011 at 10:36 am
KK BHAI GHAR KE NAJDIK AANE KI BADHAI.
Balesh Tiwari, Dainik Bhaskar, Nagpur
February 12, 2011 at 3:59 pm
upadhyayji badhai ho
Mahendra Pratap Singh
February 12, 2011 at 4:40 pm
badhai ho sir
mahendra singh
Hindustani
February 12, 2011 at 5:23 pm
Kk ji apane sipahsalar sanjeev dwivedi ko bhi lete jaiye. Bareilly ko ye takala kabtak lootata rhega
prashant singh
February 13, 2011 at 5:13 am
upadyaaya जी के जाने से इस संजीव द्विवेदी के हौंसले कम होंगे और ये जिस तरह बरेइली ko लूट रहा है उसमे कमी आयेगी i अब तेरा क्या होगा गंजे द्विवेदी अब तेरे फटने ही वाली है संभल जा वरना फ़ेविक़ुइक्क से भी नहीं judege ;D;D;D;D>:(>:(>:(:(:o8):P
AJAY SHUKLA, Chandigarh
February 13, 2011 at 6:57 am
भाई को शुभकामनाएं! आप को जो मिला है वो आप कि काबिलियत से और मेहनत, सहजता का नतीजा है. आप यूँ ही आगे बढ़ाते रहें दिन दूना रात चौगुना.
rakesh ranjan
February 13, 2011 at 9:44 am
bdhai ho sir,
Rakesh Ranjan
Rastriya sahara
N. Raja
February 13, 2011 at 10:17 am
बधाई के .के जी chamchagire का प्रसाद मिल ही गया ,
पहले ग्वालियर में प्रभात झा और हरी मोहन जी कारन दलाली नहीं चली फिर भास्कर बीकानेर में अयाशी के कारन जयपुर बुलाकर इस्तीफा लिया गया फिर कई महीने घर बेठने के बाद पिताजी के सिफारिश पैर झाँसी में पेर्भारी बनाया गया फिर भोपाल से पुनह राजस्थान पहुंच राजस्था में गंबीर सिकय्तो के कारन वापस भोपाल बलाया गया फिर सागर भेजा गया सागर में र.इ बनाया गया तो सागर तालाब के किनारे अयाशी के कारन इस्तीफा लिया गया तो अमर उज्जला का दामन थमा और शशि शेखेर ने हिन्दुस्थान में ले गए दिनेश mishra खुदार पत्रकार हैं इनसे उनकी तुलना नहीं के जा सकते
pradeep rawat
February 14, 2011 at 8:51 am
sanjeev gambhir or upendar dwivedi ko nai nokri talashni hogi ab, kyoki ab inke samne sankat khara ho gaya he,
rs
February 14, 2011 at 12:12 pm
KK KA GUNDAGIRI AUR WASOLI KA SAFAR BAREILLY SE KHATAM HUA. GUNDO KI FAUJ THI JO HAR JAGAH KEWAL WASOOLI ME LAGE THE JISE LOGON KA JEENA HARAM HO GYAYA THA. INKA SAATH BAREILLY KE GM SAMRAT BHI DETE THE KYONKI GM KI INSE FATI THI AUR WASOOLI KA KUCH HISA SAMRAT KO BHI MILTA THA. CHALO BAREILLY KA GUNDARAJ KHATAM TO HUA .
KK GUNDAGARDI BAND KARO AUR APNE CHAMCHO KO SAATH LEJAO.
AGRA KA DON BANNE KI BADHAI HO.
BAREILLY HINDUSTAAN KA SUBHCHINTAK;D>:(:)
ami
February 15, 2011 at 2:17 pm
Badai ho kk bhai, aap ki mehnat rang lai. aap iesi tarah unnati karte jaye, yahi dua hai hamari
abc
February 15, 2011 at 2:29 pm
आप यू ही तरक्की करते रहे हमारी यही दुआ है. आप ने जिस तरह बरेली में प्लानिंग के साथ उसे नंबर ओने पर पहुँचाया, अब उसी तरह आगरा में भी करे. और वाह भी नंबर ओने बन जाये.
aaaa
February 15, 2011 at 2:49 pm
तरक्की का सिर्फ एक ही रास्ता है, वो है मेहनत. आप ने पहले भास्कर में अपने को साबित किया, उसके बाद अमर उजाला गोरखपुर, बरेली को बुलंदियों पर पहुचाया फिर हिंदुस्तान बरेली. अब आगरा की बारी है. क्या पूरी तयारी है
Anuj Jain
February 15, 2011 at 6:31 pm
एक ही उल्लू काफी था,
बर्बादे गुलिस्ता करने को l
हर साख पर उल्लू बैठा है,
अंजामे गुलिस्ता क्या होगा ll
शौक लगा क्या llllllllllllllllllllllllllllllllllllllllllllllll
he he he he he he he he he he he he he he he he he he ;D;D;D;D;D;D;D;D;D
asdf
February 16, 2011 at 4:04 pm
KK sir ko west UP ki kaman milne par badhai
as
February 16, 2011 at 4:08 pm
मेहनत और सिर्फ मेहनत सफलता का सिर्फ यही राज है.
khabri
February 16, 2011 at 4:23 pm
sir, badai. kab ja rahe hai agra, ham log TAJ MAHAL dekhane aagenge. :););D>:(:(:o8):P:-*:'(:);):D
khabri
February 16, 2011 at 4:24 pm
मेहनत और सिर्फ मेहनत सफलता का सिर्फ यही राज है.
Raghranjan
February 24, 2011 at 7:29 pm
के. के. घाग है. बरेली में मॉल ही नहीं लड़कियों को लूट कर आया है. इससे पहले सागर, बीकानेर और जयपुर में भी गुल खिला चूका है. उसका शागिर्द संजीव द्वेवेदी अभी भी बरेली में लूटपाट कर रहा है. ऑफिस की ही एक लड़की भी फंसा रखी है.जब वह छुट्टी पर जाता है तो वह लड़की भी एक दो दिन आगे या पीछे छुट्टी ले लेती है. ताकि किसी को शक न हो. पर पूरा शहर जनता है की वह कितन लड़कीबज है और लड़की को भोग रहा है. लड़की और पैसा उसकी पुस्तेनी आदत है. उसने तो मोबाइल पर कोलर टोन भी ‘ एक लड़की थी दीवानी सी’ . लगा राखी है. के के को कुकामों का राजपाट चलने के लिए एसा ही टकला चहिये था. अब भी यह टकला बरेली से बसूली कर आगरा पहुंचाएगा. एसे मैं भटा अमर उजाला का नहीं पहले से गर्त में समा चुके हिंदुस्तान का नाम ही मिट जायेगा. यह हकीकत आप सभी को दो तीन महीने में ही दिख जाएगी. बधाई हो वाकई हार्दिक बधाई हो के के. कामना करते है की घूस और लडकियों का भोग कर लगर बढ़ता तुमारा पेट और बड़ा हो jaye और फिर……