: भ्रष्टाचार की आदर्श प्रतिमूर्ति शरद पवार पर कई गंभीर आरोप : राडिया ने बताया- शरद पवार और उनका कुनबा चला रहा है शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी : माननीय शरद पवार का पेट बहुत बड़ा है. जाने कितना कुछ हजम कर जाते हैं और डकार भी नहीं लेते. नीरा राडिया ने शरद पवार के कुछ कच्चे चिट्ठे खोले हैं. उसने कई बातें सीबीआई को बताई हैं. वह सरकारी गवाह बन चुकी है. इस कारण वह अब सब कुछ बता देना, उगल देना चाहती है.
राडिया ने सीबीआई के सामने कबूला कि शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार और उनका परिवार ही चला रहा था. यानी कि इस मामले में अगर पकड़ना है तो शरद पवार को पकड़ो. बलवा और विनोद तो महज कठपुतली हैं. गौरतलब है कि शाहिद बलवा और पवार के रिश्ते होने की बात हाल ही में उस वक्त सामने आई थी जब महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एकनाथ खडसे ने आरोप लगाया था कि पवार और प्रफुल्ल पटेल ने बलवा के प्लेन में दुबई की यात्रा की थी.
राडिया ने कहा कि मुंबई में सभी ने इस बात को स्वीकार लिया है कि शाहिद बलवा की कंपनी शरद पवार और उनके घरवाले चला रहे हैं, किसी को कोई संदेह नहीं है, अब चाहे इसके प्रमाण हो या ना हो, कपंनी तो पवार के देखरेख में चल रही है। उधर, शरद पवार ने डीबी रियल्टी से रिश्ते होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि जो खुद इस घोटाले में आरोपी है उसकी बात पर कैसे भरोसा किया जा सकता है. ये सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए कहा जा रहा है, राडिया के बयान में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है.
कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया ने सीबीआई की गवाह के रूप में कबूल किया है कि उसके यूनिटेक के साथ रिश्ते रहे हैं. यह भी स्वीकारा कि स्वान और अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस को फायदा पहुंचाने के लिए लंदन में राजा और करुणानिधि तक पैसे पहुंचाने की बात उनके सामने हुई थी. राडिया के कुबूलनामे के कुछ अंश-
राडिया ने मैगजीन ‘बिजनेस एट जीरो ऑवर’ के संपादक सतीश ओहरी के हवाले से कहा कि स्वान और स्वान में रिलायंस की शेयर होल्डिंग के मसले पर कुछ शिकायतें केंद्रीय सतर्कता आयोग में पेंडिंग हैं. सतीश ने बताया कि स्वान और रिलायंस कम्युनिकेशंस को फायदा पहुंचाने की खातिर राजा को लंदन में पैसे पहुंचाए गए. करुणानिधि को भी पैसे दिए गए. राडिया ने कबूला कि वह टाटा के लिए 2001 से और 2जी मामले की मुख्य आरोपी यूनिटेक के लिए 2005 में काम करती थी. यूनिटेक के लिए राडिया की कंपनी वैष्णवी कम्युनिकेशन रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम करती थी. राडिया ने माना कि यूनिटेक के सीईओ रोहित चंद्रा ने टेलीकॉम के कुछ मामलों में मंत्रालय से जुड़े आरके चंदौलिया और पीके मित्तल से मदद लेने को कहा.
राडिया ने कहा कि उसने टाइम्स नाऊ की सीनियर पॉलिटिकल एडिटर नविका कुमार से यह जानना चाहा था कि क्या शरद पवार ने स्वान की खातिर राजा को फोन किया था. स्वान को लाइसेंस दिलाने में अनिल अंबानी की भूमिका थी. मुंबई में और बाहर भी ये बात आम थी कि शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पवार और उनका परिवार ही चला रहा था. बलवा और स्वान टेलीकॉम के डायरेक्टर विनोद गोयनका डीबी रियल्टी के खास लोग हैं. राडिया ने राजा को बताया था कि उनके खिलाफ पायनियर में लेख इसलिए छपा है क्योंकि चंदन मित्रा बीजेपी के करीबी हैं. बकौल राडिया, ‘मुझे आरके चंदौलिया से मालूम हुआ कि राजा चंदन मित्रा पर चीख रहे थे. मैं उस वक्त चंदौलिया के साथ कॉल पर थी. मुझे बैकग्राउंड से राजा के चीखने की आवाज सुनाई दे रही थी.’













ram kuamr
April 15, 2011 at 8:41 am
Chandan Mitra kon se dudh ke dhule hai
jay deshmukh
April 16, 2011 at 6:36 am
pawar ki purani aadat hei , khud ke khilaf shikyat aaye to joothi hei, doosro ke khlaf aaye to sahi hei, GWAH AAKHIR GWAH HEI, inquiry to karo, vaise congress ka khel nirala hei.
श्याम कुमार
July 7, 2011 at 11:22 am
;D खुजलखोरी की आदत गई नही तुम्हारी @राम कुमार। चंदन मित्रा दूध के धुले हो ना हो। वे दूध का दही नहीं बनाते हैं। खबर पॉयोनियर ने छापी थी क्योंकि किसी की गांड में इतना गूदा नहीं था कि वो सरकार से पंगे ले सके। खुलासा होने के बाद तो फर्जी एक्सक्लूज़िव खुलासे दस्त करने की आदत टीवी-पेपर वालों को है ही।