दलित जाति के पुनिया को दलित जाति के ही मायावती से जान का खतरा है. पुनिया और मायावती, दोनों दलितों के बीच के प्रभावशाली लोग हैं. मायावती यूपी की मुख्यमंत्री हैं जबकि पीएल पुनिया राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष. यूपी के जंगलराज और अराजक कानून व्यवस्था का इससे बड़ा क्या सुबूत हो सकता है कि एक दलित नौकरशाह को जो अब एक आयोग के अध्यक्ष हैं, खुद यूपी की मुख्यमंत्री से जान का खतरा है.
वैसे भी, मायावती अपने विरोधियों को किसी भी तरह से निपटाना जानती हैं. किसी को जेल में बंद करा देती हैं तो किसी को धमका कर चुप करा देती है. दलितों के नेता के रूप में पीएल पुनिया का अगर उदय हो रहा है तो जाहिर है मायावती उन्हें खुद के लिए खतरे की घंटी मान रही हैं और संभव है, वे पुनिया को निपटाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं. इलाहाबाद और लखनऊ से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट में प्रकाशित इस खबर को पढ़ें.

लखनऊ और इलाहाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट के प्रथम पेज पर प्रकाशित स्टोरी












PRATAP JAISWAL
January 17, 2011 at 10:13 am
पुनिया जी बाराबँकी की जनता आपके साथ है।