अशोक अग्रवाल के करीबियों पर गिर रही गाज

प्रभात रंजन दीन एंड कंपनी को नया काम मिला : भास्कर के डिप्टी एडिटर मानवर्द्धन कंठ हिंदुस्तान पहुंचे : दैनिक जागरण के आनंद राय और विजय उपाध्याय का ट्रांसफर : दैनिक जागरण सेंट्रल डेस्क के विजय झा ने भास्कर का दामन थामा : अमर उजाला, मेरठ से रामानुज का इस्तीफा : दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर से कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं. ये सूचनाएं आनंद राय, राजेश शुक्ला, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, विजय झा, मानवर्द्धन कंठ, प्रभात रंजन दीन, अतुल कुमार, विजय सिंह यादव, राजेश पटेल से संबंधित हैं. सबसे पहले सुरेंद्र सिंह के बारे में. अमर उजाला, आगरा के चीफ रिपोर्टर के रूप में लंबे समय से कार्यरत सुरेंद्र सिंह इस संस्थान से कार्यमुक्त हो गए हैं.

सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला, आगरा में इन दिनों अशोक अग्रवाल के करीबी पत्रकारों पर गाज गिराई जा रही है. अतुल माहेश्वरी और अशोक अग्रवाल में विवाद शुरू होने के बाद से अशोक अग्रवाल की यूनिट के रूप में चर्चित अमर उजाला, आगरा यूनिट की कमान अतुल माहेश्वरी के करीबी राजेंद्र त्रिपाठी को सौंपी गई. इसके बाद अशोक अग्रवाल के करीबी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. सुरेंद्र सिंह लंबे समय से अमर उजाला, आगरा में कार्यरत थे. वे इन दिनों सिटी चीफ के रूप में काम देख रहे थे. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने उनसे इस्तीफा ले लिया है. बताया जा रहा है कि अशोक अग्रवाल के करीबी कई और पत्रकार निशाने पर हैं.

दैनिक भास्कर, इंदौर में डिप्टी एडिटर के रूप में कार्यरत मानवर्द्धन कंठ के बारे में सूचना मिली है कि उन्होंने इस्तीफा देकर नई पारी की शुरुआत दैनिक हिंदुस्तान के साथ की है.

दैनिक जागरण, सेंट्रल डेस्क, नोएडा में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय झा ने न्यूज एडिटर के रूप में भास्कर समूह ज्वाइन कर लिया है. वे भास्कर के इंटरनेट विंग में काम करेंगे.

दैनिक जागरण, गोरखपुर के रिपोर्टर आनंद राय का तबादला लखनऊ कर दिया गया है. उन्हें स्टेट ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा बनाया गया है. बताया जा रहा है कि यहीं पर कार्यरत राजेश शुक्ला का तबादला देवरिया कर दिया गया है.

अमर उजाला, मेरठ से खबर है कि यहां के एक और रिपोर्टर ने इस्तीफा दे दिया है. इनका नाम है रामानुज. इस्तीफा क्यों दिया, यह पता नहीं चल पाया है. पर सूत्रों का कहना है कि अमर उजाला, मेरठ यूनिट में जो अंदरखाने उठापटक चल रही है, उसी के शिकार हुए हैं रामानुज.

एक अन्य जानकारी के अनुसार बाईलाइन मैग्जीन से इस्तीफा दे चुके प्रभात रंजन दीन और उनके साथ के कुछ लोगों ने एक नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है. मेल के जरिए मिली सूचना के अनुसार देववर्षा रतनज्योति प्राइवेट लिमिटेड राजधानी दिल्ली से जल्दी ही मल्टी मीडिया प्रोजेक्ट लॉन्च करने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर के न्यूज़ पोर्टल के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी में साप्ताहिक पत्रिका, दैनिक समाचार पत्र और न्यूज़ चैनल को क्रमानुसार लॉन्च करने की योजना है. नेहरू प्लेस स्थित आलीशान दफ्तर में प्रोजेक्ट हेड व प्रधान संपादक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार प्रभात रंजन दीन ने कार्यभार ग्रहण किया. उनके साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर अतुल कुमार, विशेष संवाददाता के बतौर विजय सिंह यादव और ईस्टर्न जोन के प्रभारी के बतौर राजेश पटेल ने काम शुरू किया. देववर्षा रतनज्योति प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन शिवशंकर सिंह हैं.

Comments on “अशोक अग्रवाल के करीबियों पर गिर रही गाज

  • ye kya ho rha hai bhai amarujala meerut unit may. ek k baad ek ki vidai k baad agla no. kiska hai. atul jee aankhen kholiye. nhi to bigadne may samay nhi lagega. reporter ki bajay adhikariyon pr gaaj girni chahiye aur ho rha hai ulta. adhikariyon ne sabse jyaada aatank mcha rkha hai. yahi haal rha to log amarujala may naukri krne se drne lagenge. abhi bhe bhut samay hai. bhashak ki bjay rshak baniye.
    ek subhchintak
    mrt

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  • शुभचिंतक says:

    अतुल जी,

    जो जैसी करनी करता है, वैसा ही फल पाता है| श्रीमद भगवत गीता का यही सार भी है, जिसे आप अच्छी तरह से जानते है | चलिए मान लिया कि मेरठ यूनिट में शशिकांत और रामानुज कामचोर थे, जिसकी सजा दोनों को मिल गई, लेकिन मै यह मानने के लिए हरगिज तैयार नहीं हूँ कि बस यही दोनों कामचोर है| ईमानदारी और इंसाफ कि बात करे तो इन दोनों का नंबर बाद में आते, क्योंकि इनके उपर वाले ‘मगरमच्छ’ तो महागुरु है| जैसा मुंह होता है, वैसा बात करते है| इसलिए इसे लोगों कि रिपोर्ट पर इंसाफ नहीं हो सकता है… वैसे भी आपसे इंसाफ कि उम्मीद करना बेईमानी ही है, क्योंकि आप अग्रवाल बंधुओ के नहीं हुए तो दूसरो के क्या होगे|

    शुभचिंतक

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  • sagarbandhu says:

    atulji,
    jald hi ncr me bhi nazare ghumaie nahi to amarujala ka beda gark ho jaega. yaha puri tarah se ek groh sthapit ho gaya hai, jo amarujala ko dimak ki tarah chat raha hai.

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  • ajay agrawal, anil aur ab ashok, vibheeshan ne lanka ko jalane mein madad kee to uska bhee nash hua hee, ashok ke saaath wahee ho raha hai, lekin atuljee ko yah samajhne kee jaroorat hai kaaam karnewala kisi ka nahin hota wah sansthan ka hota hai. jo log shashishekhar ke samay the we unke the ab jo hain we devpriya ke hain. aapko kaaam se matlab hona chahiye kaun kiska aadmi hai usse nahin.

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  • atulji,
    Mujhe ye to nahi pata ki ramanuj kya galti thi, magar aapse ek aagrah hai ki apne moradabad unit par bhi dhyan dijie. Waha amar ujala ko majboot banane wale reporter utpidan ka shikar ho gaye hain. Paristhiyan nahi badlin to 5 majboot stambh ukhad kar kishi aur ped ki chaya me sans lene ko majboor honge. Ye sujhav hai, is par amal karna ya nahi karna aapki ichha par nirbhar hai. Plz dont show my e mail id.

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  • amit kumar says:

    mubarak ho prabhat ji…….aap apney logo ko bhi nahi batatey hai ki kaya karney ja rahey hai. abhari ho yasvant bahi ka ki unkay portal say aap kay barey may janakari mil jati hai.

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  • Atul ji

    aap hamesha editorial par hi jyada dhyan dete hai dusre dept. ke baare mein nahi sochte jo ki amar ujala publication ke liye sahi nahi hai. apko circulation, advertisement or account ke baare mei bhi sochna chahiye. Ad operation(scheduling) mein pichhle ek do saal se kam staff hain aur jiske chalte bacha hua staff bhi ja raha hai. kaaran kaei hai kam staff, workload, kam salary, no overtime, kam chhutiya, etc. jiske chalte kaie experience staff ya to chala gaya ya jaane ki soch raha hain. agar is par dhyan nahi diya gaya to kya hoga ye sab jante hai.

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