कहिन वो खुशी के आंसू थे, ये किसी की कमी के आंसू हैं पता नही, कहां चले गए... : जैसे ही यह आवाज मेरे कानों तक गयी की प्रभाष जी नहीं रहे, दिल मानों थम-सा गया हो....।... bhadas4media.comNovember 6, 2009
कहिन प्रेस क्लब को मयखाना न बनाने का वादा निभाया अलसुबह अशोक चौधरी का फोन आया. देर तक सोने वाले चौधरी के फोन से ही मन में शंका हो गयी. धड़कते दिल से फोन... bhadas4media.comNovember 6, 2009
कहिन प्रभाषजी और उनके खेल प्रेम पर दिग्गजों की राय सचिन की आतिशी पारी के बावजूद भारत की हार के साथ हिंदी पत्रकारिता के शिखर पुरुष और क्रिकेट के जबर्दस्त रसिक प्रभाष जोशी इतने... bhadas4media.comNovember 6, 2009
कहिन इसीलिए अपन सब के लिए वह प्रभाषजी थे संपादक बने बनवारी जो समाजवादी युवजन सभा में रहे थे, रिपोर्टिंग के हेड थे रामबहादुर राय जो विद्यार्थी परिषद के 'होल टाइमर' थे, जयप्रकाश... bhadas4media.comNovember 6, 2009