गोयनका एमडी और दत्ता ईडी बने

(अपडेटेड खबर) जमशेदपुर के स्थानीय संपादक अनुज सिन्हा को झारखंड का प्रभारी बनाया गया : प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश ने आज प्रभात खबर के सभी संस्करणों के वरिष्ठ लोगों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से संवाद किया. फिर रांची के वरिष्ठ लोगों की बैठक बुलाकर संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आज का दिन प्रभात खबर के लिए महत्वपूर्ण दिन है.

भविष्य में प्रभात खबर को आगे ले जाने की दृष्टि से कुछ महत्वपूर्ण फैसले हम सब ने मिलकर किये हैं. उन्होंने बताया कि नवंबर 2009 में प्रभात खबर के बोर्ड का पुनर्गठन हुआ था. तब उन्हें प्रधान संपादक के साथ-साथ प्रबंध निदेशक का भी पद सौंपा गया था. उसी समय उन्होंने आग्रह किया था कि प्रबंध निदेशक के पद पर ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जिसे फाइनेंस, मार्केटिंग, स्ट्रेटजी वगैरह की गहरी समझ हो. पर उस समय तत्काल बोर्ड की नयी व्यवस्था को सक्रिय करना था, इसलिए वह कुछेक माह के लिए पद पर बने रहने को सहमत हुए. लेकिन उनका आग्रह प्रबंधन से बना रहा कि इस जगह किसी ऐसे साथी को रखा जाये जिसकी इन विषयों पर पकड़ हो. उन्होंने प्रबंधन से यह भी कहा कि हमें जीवन में दो जगहों से अधिक प्रेरणा मिली है. पहला, इंफोसिस के नारायणमूर्ति से, जहां उन्होंने सक्रिय रहते हुए, अपने साथ के लोगों को आगे लाने का काम किया. खुद अलग होकर साथियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे. इसी तरह रिखिया आश्रम की परंपरा है, जहां स्वामी सत्यानंदजी ने 20 वर्ष एक दायित्व निभाने के बाद अपने दूसरे युवा साथी को कार्य सौंपा.

हरिवंश ने अपने प्रभात खबर के वरिष्ठ साथियों को कहा कि केके गोयनका एवं आरके दत्ता के बारे में एक ही पंक्ति कहना पर्याप्त होगा कि ये दोनों नहीं होते तो यह अखबार आज नहीं होता. बड़े-बड़े प्रस्ताव ठुकरा कर इन दोनों ने भी कठिनाई से भरी राह चुनी. प्रभात खबर में ऐसे अनेक साथी अन्य विभागों में भी हैं, जिन्होंने जब ऐसे विकल्प आये, तब संघर्ष और कठिनाई के बीच काम करना चुना. ऐसे लोगों को प्रभात खबर आगे लाना चाहता है. नेतृत्व सौंपना चाहता है. हरिवंश ने यह भी कहा कि प्रभात खबर में लगातार विकेंद्रीकरण का प्रयोग हम सब करते रहे हैं. इसी क्रम में जमशेदपुर के स्थानीय संपादक अनुज सिन्हा को झारखंड का प्रभारी बनाया गया. इसी तरह हर विभाग में नये नेतृत्व को उभारना और उन्हें पद और दायित्व सौंपना हमारे जीवन में होना चाहिए, तभी समाज, देश या संस्थाएं आगे बढ सकतीं हैं.

54 वर्षीय हरिवंश ने कहा कि जो विकसित देश, सफल संस्थाएं हैं, वहां परंपरा है कि वरिष्ठ लोग सक्रिय रहते हुए अपने साथियों को आगे लाकर दायित्व सौंपते हैं और नेतृत्व करने का मौका देते हैं. हमें प्रभात खबर में भी वैसा ही करना है. इस संबंध में उन्होंने अपने प्रबंधन को भी धन्यवाद दिया कि प्रबंधन यहां से निकले लोगों को ही आगे ले जाने की नीति को प्रोत्साहित करता है. इसी कड़ी में गोयनका अब प्रभात खबर के नये प्रबंध निदेशक (एमडी) होंगे. आरके दत्ता, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर होंगे.

हरिवंश ने कहा कि वह संपादकीय को अधिक समय देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक दो बडे अखबारों से प्रभात खबर जैसे छोटे अखबार का मुकाबला था. अब तीसरा बड़ा अखबार आ रहा है. इसी तरह इस अंचल में देश के एक, दो, तीन नंबर के तीन बड़े अखबार होंगे. ये सभी लिस्टेड कंपनियों द्वारा संचालित-प्रकाशित हैं. सभी संसाधनों से समृद्ध तीनों अखबार. हरिवंश ने कहा, हर कठिनाई में एक छुपा अवसर भी होता है. दस वर्ष पहले जब एक-एक कर देश के दो बड़े अखबार इस अंचल में आये, तो प्रभात खबर के सामने अनिश्चितता थी. संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत कमजोर, पिछड़े थे हम. देश में जहां-जहां भी ऐसे बड़े अखबार गये, वहां स्थानीय छोटे अखबार नहीं टिक पाये. पर दस वर्षों के अनुभव व संघर्ष ने प्रभात खबर की जड़ों को और मजबूत किया है. यह काम प्रभात खबर की पूरी टीम ने मिलकर किया. यही हमारी ताकत है. संसाधनों के मुकाबले टीम की प्रतिबद्धता ही हमें आगे ले जायेगी.

के के गोयनका ने भी अपने वरिष्ठ साथियों से बात की और कहा कि यह अत्यंत चुनौती भरा काम है. प्रभात खबर को संभालना कांटों के हार पहनने जैसा है, क्योंकि मुकाबले में देश के नंबर एक, दो, तीन अखबार हैं. पर हम अपने संकल्प और मनोबल से एक-एक आदमी के सहयोग से आगे बढेंगे. उन्होंने प्रबंधन का आभार व्यक्त किया कि प्रबंधन ने उन पर विश्वास कर यह दायित्व सौंपा. आरके दत्ता ने बताया कि अतीत के अनुभवों ने हमें बहुत कुछ सिखाया है. उन्हें आधार बनाकर हम आगे बढेंगे. झारखंड संपादक अनुज सिन्हा और चीफ मैनेजर आलोक कुमार ने भी अपने अनुभव बांटे. प्रभात खबर के सभी साथियों ने केके गोयनका को बधाई दी.

Comments on “गोयनका एमडी और दत्ता ईडी बने

  • akhbar yuhin aage badhta rahe. ye hamari bhi hardik ikchchha hai. aakhitkar isi ki badollat hamne patrkari a ki sakh ko jana hai.

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  • jeetendra singh says:

    acha lagta hai jab koi itani muskil ghari mai bhi itana acha mahool bana deta hai. lagta hai jiase koi chunawti he nahe hai. ranchi mai 3 bare paper sai jujhana aasana nahe hoga. mager hosala hai jo sab kuch hasil kara deta hai. best of luck prabhat khabar and all member in prabhat khabar.

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  • mukesh baba says:

    PRABHAT KHABAR janm se hi sangharsh karta aa raha hai. mujhe umeed hai ki uski team HINDUSTAN aur JAGRAN ki tarah BHASKAR ko bhi rasta dikha dega.

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  • santosh kumar jha says:

    PRABHAT KHABAR ne aaj tak sarokar ki patrakarita kee hai, isliye bhale hee iskee raah mushkilon bhari ho, lekin ise shikhar par pahunchne se koi nahin rok paayega. Meri shubhkaamnayen PRABHAT KHABAR ke saath hain.

    Santosh Kumar Jha
    Guwahati

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  • I always beleive in labour never goes in vain,like that Prabhat Khabar ki vartman teem jitni mehanati hai ki aaj nahi to kal ye jaroor rang layegi.All the best.

    Avinash
    Prabhat Khabar,Patna.

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