बड़े अखबार ही मीडिया की नैतिकता भूले : ठकुरता

चिंतक, वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य परंजॉय गुहा ठकुरता का मानना है कि आज पेड न्यूज छाप कर बड़े अखबार ही मीडिया की नैतिकता भूल रहे हैं। यह शर्मनाक है। मीडिया में भ्रष्टाचार व्यक्तिगत से बढ़कर संस्थानिक हो गया है। यह स्थिति देश और समाज के हित में नहीं है। चुनावों के दौरान मीडिया में पेड न्यूज के मामले में भारतीय प्रेस परिषद को चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश करने वाले परंजॉय शनिवार को राजस्थान पत्रिका और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि भोपाल द्वारा आयोजित पं. झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान दे रहे थे।

पीपी बहाल हो गए, छात्रों से मुकदमा हटेगा

भोपाल से सूचना है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीयय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अब पूरी तरह शांति बहाल हो गई है. छात्रों का आंदोलन आखिर रंग लाया. कुलपति प्रो बीके कुठियाला ने बुधवार शाम विभागाध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह को फिर से पत्रकारिता विभाग का विभागाध्यक्ष बहाल कर दिया. कुलपति की ओर से रजिस्ट्रार एसके त्रिवेदी ने विवि परिसर में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचकर इस बात की घोषणा की. रजिस्ट्रार ने कहा कि श्री सिंह को सम्मान सहित उनके पद पर बहाल किया जाता है. इसके साथ ही छात्रों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे भी विवि प्रशासन वापस ले लेगा. यह प्रक्रिया गु़रुवार सुबह से शुरू हो जाएगी. कुलपति के ताजा रुख के बाद छात्रों का कामयाब आंदोलन अपनी पूर्णता को पहुंच गया. यह सारा घटनाक्रम रात 8 बजे के बाद विवि परिसर में मीडिया की मौजूदगी में हुआ.

पत्रकार नहीं क्‍लर्क बनाने की साजिश

माखनलाल विवि छोड़े हुए करीब सात साल हो गए हैं और इस बीच केवल एक बार ही पूर्व छात्र की हैसियत से विवि कैम्पस में जाने का मौका मिला। करीब चार साल पहले मैं और संदीप विवि के नए परिसर में गए। बहुत खुशी हुई जब देखा कि हमें जो चीजें नहीं मिल पाईं वो हमारे बाद आने वाले छात्रों को मिल रही हैं। करीब सात-आठ साल से पेशेवर व अन्य जिम्मेदारियों के चलते पुरानी चीजें गौण होती गईं, लेकिन जब कभी भी वहां का कोई छात्र टकराता है सारी यादें एक झटके में ताजा हो जाया करती हैं।

कुठियाला जी, हम सब आपके इरादे जानते हैं

भोपाल से आ रही आवाज़ें यहां दिल्ली से लेकर देहरादून, कोलकाता से कानपुर और रांची से रायपुर तक हम सभी पूर्व छात्रों के कानों में पिघलते लोहे सी भर रही हैं। इस बात से हममें से कम लोग ही असहमत होंगे कि हम सब पूर्व छात्रों के लिए भोपाल दूसरी मातृभूमि और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय दूसरे घर सरीखा है। एक परिवार में हमने जीवन का आरम्भ किया।

माखनलाल विवि के नए कुलपति की तलाश शुरू!

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति बीके कुठियाला के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में छात्रों का पलड़ा भारी होता नजर आ रहा है। भोपाल से खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री कार्यालय कुठियाला कल्प समाप्त करने के मूड में आ गया है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के निर्देश पर नए कुलपति के चयन के लिए चार लोगों का पैनल बनाया गया है, और इसी पैनल में से किसी एक व्यक्ति को विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के नए कुलपति के संभावति नामों में चार लोगों के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

श्रीकांत व पुष्पेंद्र पाल ने लगाई है आग!

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय इन दिनों आंतरिक उठापटक व अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। देश का एकमात्र पत्रकारिता विश्वविद्यालय होने के बाद भी 20 वर्षों में विश्वविद्यालय के स्तर का कोई प्रशासनिक ढांचा नहीं बन पाया था। इस कारण अकादमिक स्थिति काफी लचर बनी हुई थी। विश्वविद्यालय में अभी तक कोई रजिस्ट्रार नहीं था। न ही अधिनियम में इसका प्रावधान रखा गया था। मध्यक्रम में भी उप कुलसचिव तथा सहायक कुलसचिव जैसे पदों का प्रावधान आवश्यकता से काफी कम थी। तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की अंधाधुंध भर्ती की गई थी।

पीपी सिंह हटाए गए, संजय को प्रभार

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक बड़ा उलटफेर होने की सूचना है. कुलपति बीके कुठियाला ने विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष पी. पी. सिंह उर्फ पुष्पेंद्र पाल सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी को प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक पीपी सिंह के खिलाफ महिला आयोग से एक नोटिस आई है.  विश्वविद्यालय की एक महिला ने पीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत की थी. इसीलिए पीपी सिंह को अल्प समय के लिए पद से बर्खास्त किया गया है.

इंटरनेट और मोबाइल से खबरों का विस्‍तार : प्रो.कुठियाला

कार्यशाला: समाचार संकलन-लेखन एवं संपादन पर लखनऊ में कार्यशाला आयोजित : लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्‍थान द्वारा समाचार संकलन-लेखन एवं संपादन विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में छात्रों का मार्गदर्शन माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीके कुठियाला ने किया. प्रो. कुठियाला ने कहा कि राष्‍ट्र व समाज हित में सकारात्‍मक समाचारों पर विशेष ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है.

पत्रिका की खबर पढ़ कुलपति से नाराज हुए छात्र

पत्रिका, भोपाल में आज फ्रंट पेज पर जो खबर छपी है, उसी खबर को पढ़ने के बाद माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्र गुस्साए हैं और विरोध पर उतर आए हैं. पत्रिका अखबार में छपी अश्विनी पांडेय की रिपोर्ट इस प्रकार है-

माखनलाल विवि में छात्रों ने तोड़फोड़ शुरू की

भोपाल से खबर है कि माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्र आज सड़कों पर उतर आए हैं और नारेबाजी करते हुए विवि में तोड़फोड़ कर रहे हैं. प्राथमिक सूचना के मुताबिक छात्र अपने कुलपति से खफा हैं और उनके विरोध में नारे लगा रहे हैं.

योग के कोर्स को आप संघ का एजेंडा कहेंगे?

: संघ का एजेंडा लागू करने के सवाल पर बोले प्रो. बीके कुठियाला : माखनलाल पत्रकारिता विवि के ‘कुल’ में कलह : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की इन दिनों विवादों के कारण पूरे देश में थू-थू हो रही है। कुलपति बीके कुठियाला के खिलाफ अपनों ने ही मोर्चा खोल दिया है। उन पर न सिर्फ अनियमिताओं का आरोप लग रहा है बल्कि भष्ट्राचार के आरोपों से भी वे घिर चुके हैं। जिस दिन से कुठियाला पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति की कुर्सी पर बैठे हैं, उसी दिन से विवाद शुरु हुआ है। कुलपति के हर निर्णय के खिलाफ आवाज उठ रही है।

कुलपति कुठियाला के फर्जीवाड़े पर पत्रिका में खबर

”माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विवादों में घिरे कुलपति प्रो. बीके कुठियाला पर उनके चयन के समय से ही उंगलियां उठती रही हैं. ‘पत्रिका’ अखबार ने उनके कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रीडर से लेकर पत्रकारिता विश्वविद्यालय का कुलपति बनने तक के सफर का स्कैन किया तो सनसनीखेज खुलासा हुआ. उन्होंने करियर की शुरुआत में ही कुरुक्षेत्र विवि में रीडर बनने के लिए फर्जीवाड़ा किया था.” यह सब भड़ास4मीडिया का नहीं कहना है. यह सब छपा है पत्रिका, भोपाल में, पहले पन्ने पर. पूरी खबर यहां हैं. पढ़ें.