Keep media out of lokpal purview, says Editors Guild

The Editors Guild of India on Friday favoured keeping the media out of the purview of the proposed anti-corruption watchdog, the Lokpal. A three-member team of the apex body of editors, which appeared before the parliamentary panel examining the Lokpal bill, stated that media in the country was broadly a “private body” and could not be covered by the anti-corruption watchdog.

पैसे लेकर खबर छापने के खिलाफ अभियान तेज

एडिटर्स गिल्ड का बयान- विज्ञापन को खबर के रूप में छापने की प्रथा घोर पत्रकारीय दुराचरण : एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया ने पैसे लेकर खबरें छापने के खिलाफ जारी अपने अभियान को तेज करने का फैसला किया है। गिल्ड ने सभी संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि वे अपने स्तर से विज्ञापन को बतौर खबर छापने की कोशिशों के खिलाफ सक्रिय होने का संकल्प लें। साथ ही उम्मीद जताई है कि पूरी पत्रकार बिरादरी इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाएगी।

खबरों की शुचिता और राजदीप का अभियान

साल बीतते-बीतते जो एक अच्छी खबर आई है, वो यह कि राजदीप सरदेसाई पेड न्यूज उर्फ पैसे लेकर खबरें छापने के धंधे के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं. प्रभाष जी के न रहने के बाद सबको यह शक था कि क्या कोई संपादक इस मुद्दे को उठाएगा और आगे ले जाएगा. पर राजदीप ने इस विषय को न सिर्फ उठाया है बल्कि एडिटर्स गिल्ड के जरिए भी इस पर एक स्टैंड लिया है. इसके लिए राजदीप की तारीफ की जानी चाहिए. इस ज्वलंत मुद्दे पर मुंह खोलकर राजदीप ने साबित किया है कि उनके अंदर का पत्रकार मरा नहीं है. उन्होंने पिछले दिनों दैनिक भास्कर में इसी मुद्दे पर एक बढ़िया लेख भी लिखा. उस लेख को हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं. उनका लेख उम्मीद बंधाता-जगाता है. आप भी पढ़िए. हम सभी राजदीप से आशा रखते हैं कि पैसे लेकर खबरें छापने के मुद्दे पर वे सिर्फ जागरूकता फैलाने के लेवल पर ही नहीं रह जाएंगे बल्कि खबरों की शुचिता से सौदा करने वाले संपादकों-मालिकों पर दबाव बनाएंगे-बनवाएंगे, और अगर तब भी ये खबरों को बेच खाने वाले मालिक-संपादक लोग न माने तो उनके नाम सार्वजनिक कर उनकी निंदा करेंगे और कराएंगे. इस अभियान में भड़ास4मीडिया राजदीप के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा रहेगा. -एडिटर, भड़ास4मीडिया