लड़ाई जीत गए हरदोई के पत्रकार

पत्रकारों की बैठकलकड़ी माफिया और पुलिस को शिकस्त : हरदोई जिले के पत्रकार लकड़ी माफिया के खिलाफ अपनी लड़ाई जीत गए। उनकी एकजुटता ने माफिया, राजनेता और पुलिस गठजोड़ को धूल चटा दी। गत माह यहां के दो पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश के बाद उल्टे उन्हीं के खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया गया था। सारा कुचक्र बसपा विधायक, ग्राम प्रधान और पाली थाना पुलिस के स्तर से रचा गया था। उसके बाद विभिन्न स्तरों पर शुरू हुए पत्रकारों के जोरदार आंदोलन के आगे पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा। इस पूरी लड़ाई में भड़ास4मीडिया ने भी आंदोलनकारियों का मुकाबला आसान किया। अंतिम समय तक उनकी आवाज बुलंद करता रहा। हरदोई के पत्रकारों ने भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित खबरों की फोटो स्टेट प्रतियां जनता के बीच वितरित कीं और पोस्टर चिपकाए। आखिरकार पुलिस को पत्रकारों  के खिलाफ संगीन धाराओ में दर्ज मामला समाप्त करना पड़ा।

पत्रकारों पर हमले के पीछे लकड़ी माफिया

[caption id="attachment_15308" align="alignnone"]जांच दलहरदोई के पत्रकारों के जांच दल को सच्चाई बताते गांव के लोग[/caption]

पत्रकारों पर हमले की जांच : हरदोई जिले के गांव करडई नकतौरा में दो पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश का मामला और सरगर्म हो उठा है। उस वहशियाना घटनाक्रम के पीछे पुलिस, प्रधान और लकड़ी माफिया के काले कारनामे प्रकाश में आए हैं। पता चला है कि विधायक का भाई पूरे इलाके में लकड़ी माफिया का सरदार बना बैठा है। चार अवैध आरा मशीनों में एक प्रधान के भाई की भी है। पत्रकारों के एक दल ने पूरे घटनाक्रम की मौके पर गहराई से छानबीन के बाद जिला प्रशासन को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया है। डीएम, एसपी को चेतावनी दी गई है कि दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कठोर कदम उठाने में पुलिस ने कोई हीलाहवाली की तो इसके नतीजे अच्छे नहीं होंगे।

पत्रकारों को जिन्दा जलाने की कोशिश

[caption id="attachment_15293" align="alignleft"]पीड़ित पत्रकारपीड़ित पत्रकार विनोद मिश्रा और श्रीप्रकाश बाजपेयी[/caption]विधायक संरक्षित गुंडों को बचाने में जुटी है पुलिस : हरदोई जिले के पाली इलाके में दैनिक जागरण के लिए रिपोर्टिंग करने वाले विनोद मिश्रा और आज अखबार के लिए काम करने वाले प्रकाश बाजपेयी को जिंदा जलाकर मार डालने की कोशिश की गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। भड़ास4मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार ये दोनों पत्रकार इलाके के एक गांव करडई नकतौरा में नरेगा व अन्य विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए मोटरसाइकिल से पहुंचे थे। इन्हें गांव वालों ने ही बुलाया था। जब ये दोनों गांव से लौट रहे थे तो ग्राम प्रधान व उसके गुर्गों ने इन्हें घेर लिया। पहले तो जम कर पिटाई की। फिर इन पर जला मोबिल आयल उड़ेल कर जिन्दा फूंकने का प्रयास किया। यह तो गनीमत थी की उसी समय पानी बरस जाने से हमलावरों की माचिस गीली हो गयी। कहा जा रहा है कि पत्रकारों को जिंदा फूंकने की मंशा इन्द्र देव ने पूरी नहीं होने दी। इस बीच कुछ लोग वहां आ गए। इनके ललकारने पर हमलावर घायल पत्रकारों को छोड़ कर भाग निकले। घटना की जानकारी जैसे ही मुख्यालय तक पहुंची, जिले के पत्रकारों ने पुलिस पर तुरंत दबाव बनाया। पुलिस ने मौके पर जाकर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया।