प्रभात-ममता ने भी की संपत्ति की घोषणा

लखनऊ के पत्रकार प्रभात त्रिपाठी ने अपने वादे के अनुसार एक सितंबर को अपनी संपत्ति की घोषणा कर दी है। उन्होंने साथ में अपनी पत्नी की संपत्ति के बारे में भी ब्योरा दिया है। प्रभात ने अपनी संपत्ति के बारे में जो ब्योर भड़ास4मीडिया के पास भेजा है, उसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है। ज्ञात हो कि पत्रकारों द्वारा संपत्ति की घोषणा की पहल प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश ने भड़ास4मीडिया के माध्यम से की। उन्होंने अपने इंटरव्यू में अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा दिया और पत्रकारों से भी ऐसा करने का अनुरोध किया ताकि पत्रकारिता की पवित्रता को बरकरार रखा जा सके। हरिवंश की घोषणा, पहल व अपील के बाद प्रभात खबर के ही पत्रकार संजय यादव ने अपनी संपत्ति घोषित कर दी। अब लखनऊ के प्रभात त्रिपाठी और उनकी पत्नी ममता त्रिपाठी ने अपना वादा निभाया।

अपनी संपत्ति की घोषणा पहली को करूंगा

सभी पत्रकार अपनी संपत्ति की घोषणा करें :  मैं लखनऊ समेत देश के सभी पत्रकारों से, खासतौर पर जो मान्यता प्राप्त हैं, उनसे उनकी संपत्ति घोषित करने की मांग करता हूं। समाज को पता चलना चाहिए कि इन लोगों ने किस तरह से संपत्ति को अर्जित किया है। हम कितने पाक साफ हैं, इसकी सफाई हमें समाज के सामने देना अब जरूरी हो गया है। हमारे बीच के कुछ लोगों ने खुद हम लोगों के ऊपर प्रश्न चिन्ह लगा दिये हैं। हम कलमनवीस कम समय में अकूत संपित्त अर्जित करके बड़ी-बड़ी आलीशान कोठियों तथा लक्जरी कारों में घूमने लगे हैं। आज से तीन दशक पहले अगर कोई लम्बी दाढी़ और खादी आश्रम का गांधी झोला लिये और एक टूटी-सी साईकिल में जाता दिखाई देता था तो उसे उस समय का ईमानदार कलमनवीस माना जाता था। उस समय लगभग 90 प्रतिशत लोगों के पास स्कूटर नहीं होता था। उन्हें खबर लिखने के बाद भूखे पेट सोना पड़ता था। कपड़े पर प्रेस कराने के लिये पैसे नहीं होते थे।

पत्रकार संजय यादव ने की संपत्ति की घोषणा

प्रभात खबर, रांची के वरीय संवाददाता संजय यादव ने एक मिसाल कायम की है। उन्होंने स्वेच्छा से अपनी संपत्ति की घोषणा की है। पत्रकारिता में शुचिता और नैतिकता के पक्षधर देश के मशहूर पत्रकार और प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश ने पिछले दिनों भड़ास4मीडिया को दिए इंटरव्यू में खुद की संपत्ति का खुलासा करते हुए देश के सभी मीडियाकर्मियों से अपील की थी कि उन्हें अपनी संपत्ति का खुलासा करना चाहिए ताकि पत्रकारों व पत्रकारिता पर लग रहे आरोपों से बचा जा सके और पारदर्शिता की परंपरा का बरकरार रखा जा सके।

रिटायर होकर चैन से नहीं रह सकता : हरिवंश

हरिवंश

हमारा हीरो – हरिवंश (प्रधान संपादक, प्रभात खबर) : भाग-3 : मुझे और अच्छी अंग्रेजी आती तो मैंने जीवन में और अच्छा किया होता : मैं असंतुष्ट, निराश, बेचैन रहने वाला आदमी हूं : मैं बहुत साफ-साफ, दो टूक बात करता हूं :  एक भी ऐसा काम नहीं किया, जिसके लिए पश्चाताप हुआ हो या कोई ऊंगली उठा सके : मेरे अंदर आक्रोश बहुत है : मेरी नगद बचत क्या है, वह भी अगर आप चाहें तो ब्योरा दे दूं : पत्रकार पहल कर कोई संवैधानिक पीठ बनवाएं, जिससे हर पत्रकार कानूनन अपने और अपने परिवार की संपत्ति का ब्योरा उस संस्था को दे :